देश को गाली देने वालों से राष्ट्र को चाहिए आजादी : डा. जितेंद्र
पीएमओ में केंद्रीय राज्य मंत्री डा. जितेंद्र सिंह ने कहा है कि तथाकथित आजादी का राग अलापने वालों और देश को गाली देने वालों से राष्ट्र को आजादी चाहिए।
जेएनयू का हवाला देते हुए सिंह ने कहा कि पिछले साठ साल सत्ता में रहने वाले जिन कांग्रेस और कम्युनिस्ट लोगों को देश ने 2014 के लोकसभा चुनाव में नकार दिया, उन्हें अब देश में सब कुछ गलत नजर आ रहा है।
डा. जितेंद्र सिंह ने रविवार को जम्मू में सिंधी और कश्मीरी साहित्य पर विस्थापन के प्रभाव के असर पर दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार के उद्घाटन समारोह में कुछ इस तरीके से अपने विचार प्रकट किए।
तथाकथित आजादी चाहने वालों को सिर्फ बर्दाश्त कर रहा देश
सिंह ने कहा कि भारत देश को जो लोग गाली देते हैं, वे क्यों नहीं इस देश को छोड़ जाते, क्योंकि उन्हें भी लगता है कि भारत में ही यह सब हो सकता है। अन्य किसी देश में ऐसा करें तो उन्हें पता चल जाए। देश में सबसे बड़ा सहिष्णुता का उदाहरण यही है कि असहिष्णुता को बर्दाश्त कर रहा है।
उन्होंने कहा, सस्ती लोकप्रियता हासिल करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भला-बुरा कहने का चलन भी चल पड़ा है। हालांकि सिंह ने कहा, जल्द ही सब दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा और देश की जनता ऐसे लोगों को सबक सिखाएगी, जो देश को अपमान करते हैं।
आजाद पर जमकर बरसे जितेंद्र
जम्मू। राज्यसभा में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद के आरएसएस की तुलना आईएसआईएस से करने के पत्रकारों के सवाल के जवाब में डा. जितेंद्र सिंह आजाद पर जमकर बरसे। उन्होंने कहा, आजाद के ज्ञान में कमी है। उन्हें यह पता होना चाहिए कि आईएस आतंकी संगठन है और आरएसएस राष्ट्रवादी संगठन।