J&K: कांग्रेस ने पंचायतों के परिसीमन पर जताई चिंता
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जम्मू कश्मीर में कांग्रेस विधायकों के प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार को विधायक दल के नेता नवांग रिगजिन जोरा की अगुवाई में राज्यपाल एनएन वोहरा से मुलाकात की। इस अवसर पर रियासत के सियासी परिदृश्य पर चर्चा और पंचायतों के परिसीमन की जारी प्रक्रिया पर असंतोष प्रकट किया गया।
जोरा ने कहा कि पंचायतों के परिसीमन की जारी प्रक्रिया में भारी अनियमितताएं हैं। पंचायती चुनाव के दौरान माहौल को खराब करने के उद्देश्य से ऐसा किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सत्ताधारी पीडीपी, भाजपा गठबंधन निहित सियासी हित के लिए ग्रामीण विकास विभाग की ओर से परिसीमन करा रही है जो कि कानून के खिलाफ होने के साथ साथ लोकतंत्र की मर्यादाओं के भी खिलाफ है।
प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल को बताया कि 73वें संशोधन के तहत पंचायतों के लिए स्वतंत्र चुनाव आयोग होना चाहिए, लेकिन यहां सरकार ग्रामीण विकास विभाग के माध्यम से परिसीमन की प्रक्रिया करा रही है। उन्होंने पंचायतों के परिसीमन की जारी प्रक्रिया को रोककर स्वतंत्र आयोग से पारदर्शी तरीके से ऐसा करवाने की मांग की।
कर्मचारियों की समस्या भी हल करने की मांग
उन्होंने कहा कि शुरुआती दौर में भी कांग्रेस ने इस मुद्दे पर अपना विरोध जताया था। प्रतिनिधिमंडल ने जन वितरण प्रणाली के पटरी से उतरने होने और राशन के दाम में बढ़ोतरी के बावजूद लोगों को समय पर राशन, चीनी और मिट्टी का तेल उपलब्ध न होने पर भी नाराजगी जताई।
इस अवसर पर डेलीवेजर, कैजुअल और नीड बेस व ठेके पर विभिन्न विभागों में कार्यरत कर्मचारियों के मसलों का हल करने की मांग भी की। उन्होंने केंद्र व राज्य सरकार पर रिफ्यूजियों से न्याय करने और 25 लाख रुपये प्रति परिवार को मुहैया करवाने की मांग भी की। कश्मीर घाटी में हुए ताजा विस्थापन पर भी चिंता जताई गई।
पुलिस, पर्यटन और बैंक में पिछले दरवाजे से हुई नियुक्तियों के बारे में भी राज्यपाल को जानकारी दी गई। वहीं सरकार पर आरोप लगाया कि विपक्षी दलों के नेताओं व कार्यकर्ताओं की सुरक्षा के मामले में पिक एंड चूस किया जा रहा है।