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कहीं डेंटल क्लीनिक तो कहीं मंदिर का स्टोर...कुछ ऐसा है कश्मीरी पंडितों के सरकारी आवासों का हाल

Sat, 29 Feb 2020 11:58 AM IST
प्रशांत कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू Published by: प्रशांत कुमार Updated Sat, 29 Feb 2020 11:58 AM IST
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condition of government house allotted to Kashmiri Pandits
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया

घाटी से विस्थापित कश्मीरी पंडितों को आवंटित सरकारी आवास के दुरुपयोग पर नोटिस जारी हुए हैं। किसी ने क्वॉर्टर अपने दामाद को सौंप दिया है तो कोई डेंटल क्लीनिक चला रहा है। यही नहीं, क्वॉर्टर को मंदिर का स्टोर भी बना दिया गया है। रिलीफ डिप्टी कमिश्नर ने वेरिफिकेशन के दौरान दुरुपयोग पाकर संबंधित आवंटी के नाम से नोटिस जारी कर दिया है। दस मार्च तक की मोहलत देकर पूछा गया है कि क्यों न उनका आवंटन ही रद्द कर दिया जाए।

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जानकारी के अनुसार कश्मीरी विस्थापितों के नाम से जारी 93 क्वॉर्टरों के दुरुपयोग की बात सामने आई है। इसमें मुट्ठी कैंप में तीन, नगरोटा में छह, पुरखू में 33, जगती-ए में तीन, जगती-बी में 9 और जगती-सी में 39 क्वॉर्टर शामिल हैं।
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वहीं 100 क्वॉर्टर ऐसे हैं जिन पर लंबे समय से ताला लगा है और उनका कोई भी इस्तेमाल नहीं करता है। डिप्टी कमिश्नर रिलीफ का कहना है कि जिन लोगों को जरूरत है उन्हीं को यह क्वॉर्टर दिए जाने चाहिए। जवाब दाखिल करने के लिए 10 मार्च तक का समय दिया गया है।

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क्वॉर्टर के लिए 300 आवेदन लंबित

प्रशासन का कहना है कि राहत एवं पुनर्वास आयुक्त कार्यालय के पास कश्मीरी पंडितों के 300 से अधिक आवेदन लंबित पड़े हैं। इन लोगों ने आवास की जरूरत बताई है जबकि बड़ी संख्या में आवास का नियमों को ताक पर रखकर इस्तेमाल हो रहा है। इसी के चलते नोटिस जारी किए गए हैं।

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