फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   compensation to families of victims in death of child due to inferior medicine in udhampur jammu

जम्मूः घटिया दवा के सेवन से बच्चाें की मौत मामले में पीड़ित परिवारों को 3-3 लाख रुपये मुआवजा

Tue, 19 Jan 2021 11:43 AM IST
प्रशांत कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू Published by: प्रशांत कुमार Updated Tue, 19 Jan 2021 11:43 AM IST
विज्ञापन
compensation to families of victims in death of child due to inferior medicine in udhampur jammu
रुपये, सांकेतिक तस्वीर - फोटो : pixabay

जम्मू संभाग में उधमपुर के रामनगर तहसील में हिमाचल प्रदेश में निर्मित दवा के सेवन से बच्चों की मौत मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने पीड़ित परिवारों को तीन-तीन लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया है। एनएचआरसी ने पीएचआर एक्ट 1993 की धारा 18 ए(1) के तहत जम्मू-कश्मीर के मुख्य सचिव को छह सप्ताह में मुआवजा राशि वितरित कर भुगतान संबंधी दस्तावेज जमा कराने को कहा है।

विज्ञापन


घटिया दवा से रामनगर तहसील के 12 बच्चों की मौत हो गई थी। इससे पूर्व आयोग ने प्रदेश सरकार को नोटिस जारी कर लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई करने को कहा था। इसके अलावा पूछा था कि क्यों न पीड़ित परिवारों को तीन-तीन लाख रुपये मुआवजा राशि देने की सिफारिश की जाए। आयोग ने ताजा आदेश में कहा है कि बच्चाें की मौत के लिए सरकारी लापरवाही जिम्मेदार है, जिसका मुआवजा देना होगा। 
विज्ञापन


सामाजिक कार्यकर्ता सुकेश खजूरिया ने एनएचआरसी को दी याचिका में इस मामले को उठाया था। खजूरिया ने याचिका में आरोप लगाया कि खांसी जुकाम की घटिया दवा के सेवन से दर्जनभर बच्चों की जान चली गई। रामनगर में यह घटनाएं दिसंबर 2019 और जनवरी 2020 के दौरान सामने आई थीं। इसके लिए दवा निर्माता के अलावा संबंधित सरकारी अमला भी जिम्मेदार है। यदि विभाग के अधिकारी समय रहते अपना दायित्व निभाते तो बच्चों की जान बचाई जा सकती थी। खजूरिया ने पीड़ित परिवाराें के लिए मुआवजा राशि और जवाबदेही अधिकारियाें के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी।
विज्ञापन
विज्ञापन


यह भी पढ़ेंः फारूक अब्दुल्ला बोले- कोरोना ने अजीब स्थिति पैदा कर दी, पत्नी के पास भी नहीं जा सकता, ये बात भी कही

आयोग ने जून में किया था जवाब तलब
आयोग ने 11 जून 2020 को प्रदेश के मुख्य सचिव, केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के सचिव से जवाब तलब किया था। याची सुकेश खजूरिया ने हिमाचल प्रदेश और पंजाब में इसी तरह के अन्य मामलाें को लेकर दोनों प्रदेशाें के मुख्यमंत्रियों को भी कार्रवाई के लिए पत्र लिखे थे।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed