जम्मू-कश्मीरः फल उत्पादकों को गुणवत्ता युक्त स्प्रे उपलब्ध कराने के लिए बनेगी कमेटी
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फल उत्पादकों की सर्वोत्तम गुणवत्ता वाला स्प्रे उपलब्ध कराने के लिए जम्मू-कश्मीर प्रशासन शीघ्र ही विशेषज्ञों की एक कमेटी गठित करेगा। बाजार में बड़ी मात्रा में नकली रसायन की मौजूदगी के कारण प्रदेश प्रशासन ने यह एहतियाती कदम उठाया है ताकि बागवानों को उच्च कोटि का कीटनाशक उपलब्ध हो सकें।
सचिव बागवानी मंजूर अहमद लोन के अनुसार, केवल उन बागवानी खनिज तेल (एचएमओएस)को बाजार में बेचने की अनुमति दी जानी चाहिए जो केंद्रीय कीटनाशक बोर्ड (सीआईबी) द्वारा निर्धारित मानकों का पालन करते हैं।
सचिव ने यहां एक बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा, चूंकि बागवानी हमारी अर्थ व्यवस्था की रीढ़ है इसलिए विभाग के गुणवत्ता नियंत्रण तंत्र को और मजबूत बनाने की जरूरत है ताकि बाजार में मौजूद रसायनों की जांच की जा सके।
ट्री स्प्रे ऑयल की उपलब्धता पर चर्चा
आगामी बागवानी सत्र के लिए ट्री स्प्रे ऑयल की उपलब्धता पर चर्चा के लिए शनिवार को यहां बैठक बुलाई गई थी, जिसमें इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड, भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड, हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड और विभिन्न तेल कंपनियों के प्रतिनिधियों के अलावा कृषि और बागवानी विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया था।
मंजूर अहमद ने अधिकारियों पर जोर देते हुए कहा कि बाजार में अच्छी गुणवत्ता वाले पदार्थों को उपलब्ध कराने में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें। उन्होंने बताया कि प्रमाणीकरण और तेल निर्माताओं द्वारा नियमों के अनुपालन संबंधी समस्याओं के लिए विशेषज्ञों की एक कमेटी शीघ्र गठित की जाएगी।
उन्होंने बाजार में आने वाले रसायनों की निगरानी और बेहतर व्यवस्थापन के लिए सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (पीएसयू) की सहायता लेने की बात भी कही। इसी के साथ ही उन्होंने उर्वरक और कीटनाशकों की त्वरित व प्रभावी निगरानी के लिए जिला स्तर पर प्रयोगशाला स्थापित करने को कहा। पिछले साल, लगभग 12 पेट्रोलियम कंपनियों को कृषि विश्वविद्यालयों से अवशिष्ट रिपोर्ट और जैव दक्षता परीक्षण लेने के बाद इन ट्री स्प्रे तेलों का व्यवसाय करने की अनुमति दी गई थी।