Firing In Arnia Sector: भारत-पाक के बीच हुई फ्लैग मीटिंग, सेना ने किया गोलीबारी का विरोध; LOC पर बनी रहे शांति
पीआरओ बीएसएफ जम्मू ने जानकारी देते हुए कहा कि बीओपी ऑक्ट्रॉय पर बीएसएफ और पाक रेंजर्स के बीच कमांडेंट स्तर की फ्लैग मीटिंग हुई।
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पाकिस्तान की ओर से अरनिया सेक्टर के साथ सीमावर्ती ग्रामीण इलाकों में हुई गोलीबारी के बाद बीएसएफ और पाक रेंजर्स के बीच एक अहम बैठक हुई। पीआरओ बीएसएफ जम्मू ने जानकारी देते हुए कहा कि बीओपी ऑक्ट्रॉय पर बीएसएफ और पाक रेंजर्स के बीच कमांडेंट स्तर की फ्लैग मीटिंग हुई।
बीएसएफ प्रतिनिधिमंडल के नेता ने 26-27 अक्टूबर की रात को अरनिया क्षेत्र में अकारण गोलीबारी के लिए पाक रेंजरों के सामने कड़ा विरोध दर्ज किया। अंतरराष्ट्रीय सीमा पर शांति बनाए रखने के लिए बैठक सौहार्दपूर्ण माहौल में समाप्त हुई।
अरनिया सेक्टर में गोलाबारी से प्रभावित इलाकों में अधिकारियों को नुकसान की रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। शुक्रवार को डीसी जम्मू सचिन कुमार वैश्य ने दलबल के साथ प्रभावित इलाकों का दौरा किया था। बुल्लेचक गांव में शाम पांच बजे डीसी ग्रामीण ओमप्रकाश के घर पहुंचे और नुकसान का जायजा लिया। अधिकारियों को तुरंत रिपोर्ट तैयार करने के लिए कहा गया था।
जानकारी के लिए बता दें कि बृहस्पतिवार की तरह शुक्रवार रात भी ग्रामीणों ने डर के साए में गुजारी। पाकिस्तान ने नौ दिन में तीसरी बार संघर्ष विराम तोड़ते हुए बृहस्पतिवार रात को अंतरराष्ट्रीय सीमा पर अरनिया सेक्टर की आठ पोस्ट सहित रिहायशी इलाकों को निशाना बनाया। गोलाबारी शुक्रवार सुबह पांच बजे तक जारी रही।
रिहायशी इलाकों में मोर्टार शेल गिरने से नुकसान का मंजर देख लोग सहमे रहे। कई स्कूल बंद कर दिए गए। शुक्रवार को सुहागपुर स्कूल की कक्षाएं बंकर में लगाई गईं। माहौल बिगड़ता देख बाहरी राज्यों से आए मजदूर भी पलायन कर रहे हैं।
सीमावर्ती लोगों की समस्याएं प्राथमिकता से होंगी हल : मंडलायुक्त
सीमावर्ती ग्रामीणों की समस्याओं को प्राथमिकता से हल किया जाएगा। यहां पर डॉक्टरों की तैनाती भी लोगों की मांग को ध्यान में रखते हुए की जाएगी। यह आश्वासन संभागीय आयुक्त जम्मू रमेश कुमार ने शनिवार को गोलाबारी प्रभावित अरनिया के दौरे के दौरान ग्रामीणों के साथ हुई बैठक में दिया। इस मौके पर उनके साथ इंस्पेक्टर जनरल ऑफ पुलिस जम्मू जोन आनंद जैन और डीसी सचिन कुमार भी मौजूद रहे।
अधिकारियों ने बुल्ले चक और त्रैवा क्षेत्रों में हुए नुकसान का जायजा लिया और ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं। इस मौके पर त्रैवा की सरपंच बलबीर कौर ने पांच मांगें उठाकर जल्द समाधान की गुहार लगाई। सरपंच ने कहा की बॉर्डर के लोगों को व्हीकल इंश्योरेंस का लाभ दिया जाना चाहिए, क्योंकि पाकिस्तानी गोलाबारी से उनके ट्रैक्टर सहित अन्य खेतीबाड़ी के उपकरणों को नुकसान पहुंचता है।
इनका उनको कोई भी इंश्योरेंस नहीं दिया जाता है। बॉर्डर क्षेत्र में केबलिंग को बंद करने के साथ ही पहले की तरह कंडक्टर पर बिजली दी जानी चाहिए। लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए हर घर में एक बंकर का निर्माण होना चाहिए। गोलाबारी के कारण प्रवासी मजदूर वापस चले गए हैं इसलिए कृषि विभाग को खेती करने के लिए किसानों को मशीनरी उपलब्ध करवानी चाहिए। अगर आगामी समय में हालात बिगड़ते हैं तो बॉर्डर के लोग क्षेत्र को जल्दी खाली कर सकें, जिसके लिए प्रशासन त्रैवा से चक शैरा के पुल को अति शीघ्र बनवाए। उन्होंने किसानों के बिजली के बिल माफ करने की भी अपील की।
सरपंच रघुवीर सिंह ने कहा कि अरनिया में एक अच्छा ट्रॉमा सेंटर खोला जाना चाहिए, क्योंकि पाकिस्तानी गोलाबारी में जब कोई जख्मी होता है तो उसे जीएमसी पहुंचाने में काफी समय लगता है। इसमें जान भी जा सकती है। जिन किसानों की जमीनें तारबंदी में ली गई हैं उन्हें जल्द मुआवजा दिया जाना चाहिए।
स्थानीय लोगों ने कहा कि पाकिस्तान की तरफ से अचानक गोलाबारी की जाती है। ऐसे में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचने के लिए हर समय प्रबंध होने चाहिए। सभी सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में 24 घंटे डॉक्टरों की तैनाती रहनी चाहिए। डीडीसी सदस्य तरणजीत सिंह टोनी ने सईं टंगाली में पुल के अधूरे काम को जल्द पूरा करने की मांग उठाई। संभागीय आयुक्त ने इन समस्याओं को सुनने के बाद कहा कि उनकी समस्या को प्राथमिकता के तौर पर हल किया जाएगा और डॉक्टरों की तैनाती भी लोगों की मांगों को ध्यान में रखते हुए की जाएगी। इस मौके पर एसडीएम सीमा परिहार, एसडीएम साउथ अतुल शर्मा सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहे।