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22 साल पुराने बेनामी संपत्ति मामले में एसीबी की क्लोजर रिपोर्ट वापस
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जम्मू। अनुपातहीन संपत्ति के 22 साल पुराने मामले में एंटी करप्शन ब्यूरो की ओर से फूड एंड सप्लाई के उप निदेशक के खिलाफ पेश की गई क्लोजर रिपोर्ट को कोर्ट ने लौटा दिया। श्रीनगर एंटी करप्शन कोर्ट के जज आर एन वातल ने ब्यूरो की रिपोर्ट सुनवाई के लिए शामिल करने के बाद महसूस किया कि इस मामले में और जांच करने की आवश्यकता है।
कोर्ट ने कहा कि यह रिपोर्ट एसएसपी को वापस कर जांच पूरी करने के आदेश दिए जाते हैं। इस मामले की दोबारा जांच होनी चाहिए। जिसका जिम्मा किसी डीएसपी रैंक अफसर से कम अधिकारी को न हो। तीन महीने के दौरान इस मामले की जांच पूरी करें। एसीबी ने इस मामले में अपनी फाइनल रिपोर्ट कोर्ट में शुक्रवार को पेश की। पीपल्स वेलफेयर फोरम ने 1997 में तब रहे उप निदेशक शब्बीर अहमद कंथ के खिलाफ बेनामी संपत्ति होने की शिकायत दर्ज कराई थी। आरोप था कि सरकार को चूना लगाकर शब्बीर ने पैसा कमाया है। इस कार्य में उसका कई लोगों ने साथ दिया। एसीबी ने अपनी जांच में शब्बीर पर लगे आरोपों के साबित न होने की बात कही। जज ने कहा कि आरोपी की दिल्ली, बंगलूरू सहित अन्य जगहों पर संपत्ति थी। जिसकी जांच रिपोर्ट में जांच नहीं हुई है। जांच रिपोर्ट में कई खामियां हैं। इसलिए मामले की दोबारा जांच करें। जेएनएफ
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कोर्ट ने कहा कि यह रिपोर्ट एसएसपी को वापस कर जांच पूरी करने के आदेश दिए जाते हैं। इस मामले की दोबारा जांच होनी चाहिए। जिसका जिम्मा किसी डीएसपी रैंक अफसर से कम अधिकारी को न हो। तीन महीने के दौरान इस मामले की जांच पूरी करें। एसीबी ने इस मामले में अपनी फाइनल रिपोर्ट कोर्ट में शुक्रवार को पेश की। पीपल्स वेलफेयर फोरम ने 1997 में तब रहे उप निदेशक शब्बीर अहमद कंथ के खिलाफ बेनामी संपत्ति होने की शिकायत दर्ज कराई थी। आरोप था कि सरकार को चूना लगाकर शब्बीर ने पैसा कमाया है। इस कार्य में उसका कई लोगों ने साथ दिया। एसीबी ने अपनी जांच में शब्बीर पर लगे आरोपों के साबित न होने की बात कही। जज ने कहा कि आरोपी की दिल्ली, बंगलूरू सहित अन्य जगहों पर संपत्ति थी। जिसकी जांच रिपोर्ट में जांच नहीं हुई है। जांच रिपोर्ट में कई खामियां हैं। इसलिए मामले की दोबारा जांच करें। जेएनएफ
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