सोपोर में प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच भिड़ंत
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उत्तरी कश्मीर के बारामुला जिले में पिछले कई हफ्तों से लगातार एक के बाद एक हो रही स्थानीय लोगों की हत्याओं को लेकर हुर्रियत (ग) के अध्यक्ष और कट्टरपंथी अलगावादी नेता सैयद अली शाह गिलानी द्वारा बंद का आह्वान किया गया।
इस बंद का समर्थन लगभग अन्य सभी अलगावादी दलों द्वारा किया गया। बंद का अच्छा खासा असर श्रीनगर समेत घाटी के अन्य इलाकों में देखने को मिला।
इस बंद के दौरान लगभग सभी संवेदनशील इलाकों में भारी संख्या में जवानों की तैनाती की गई थी ताकि सोपोर में किसी भी स्थिति से निपटा जा सके।
इस बंद का असर पूरी तरह से आम जिंदगी पर पड़ा। घाटी में सभी दुकानें, कारोबारी इदारे और शिक्षण संस्थान बंद रहे और सड़कों से भी यातायात गायब रहा।
वहीं, सरकारी दफ्तरों आदि में भी हाजिरी काफी कम रही। घाटी के अधिकतर इलाकों में शांतिपूर्वक माहौल देखने को मिला वहीं, उत्तरी कश्मीर के बारामुला जिले के सोपोर में सुबह से ही पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच भिड़ंत देखने को मिली।
पुलिस थाने के बाहर प्रदर्शनकारियों ने पत्थर बरसाए
जानकारी के अनुसार सोपोर के मुख्य चौक और पुलिस थाने के बाहर प्रदर्शनकारियों द्वारा सुरक्षाबलों के जवानों पर पत्थर बरसाए जिन्हें नियंत्रण में करने के लिए पुलिस द्वारा आंसू गैस के गोले भी दागे गए।
पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि दिन भर स्थिति काबू में ही रही लेकिन शाम के समय प्रदर्शनकारियों द्वारा सोपोर पुलिस थाने पर पत्थर बरसाए।
गौरतलब है कि पिछले करीब तीन हफ्तों के भीतर 2 पूर्व आतंकियों सहित 4 स्थानीय लोगों को मौत के घाट उतारा गया। जहां एक ओर अलगावादी इसे भारतीय एजेंसियों का कारनामा बता रही है।
वहीं, पुलिस इसके पीछे आतंकी संगठन हिज्ब से अलग हुए कुछ आतंकियों का हाथ बताते हुए जल्द इस पर से पर्दा हटाने का दावा भी कर रही है। फिलहाल शुक्रवार को इसी सिलसिले में अलगावादियों द्वारा सोपोर चलो का भी आह्वान किया है।