श्रीनगर से जम्मू पहुंची सरकार: दरबार मूव के साथ शुरू हुआ सरकारी कामकाज, 154 साल पुरानी परंपरा फिर जारी
दरबार मूव परंपरा के तहत सोमवार को जम्मू में सिविल सचिवालय, लोक भवन और अन्य सरकारी कार्यालय दोबारा खुल गए। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने गार्ड ऑफ ऑनर के साथ सचिवालय पहुंचकर अधिकारियों से मुलाकात की और जम्मू से शीतकालीन प्रशासनिक कामकाज की शुरुआत हुई।
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जम्मू-कश्मीर में 154 साल पुरानी दरबार मूव परंपरा के तहत सोमवार को शीतकालीन राजधानी जम्मू से प्रशासनिक कामकाज फिर शुरू हो गया। इसके साथ ही जम्मू स्थित सिविल सचिवालय, लोक भवन और अन्य सरकारी कार्यालय दोबारा खुल गए। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के सिविल सचिवालय पहुंचने पर उन्हें औपचारिक गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। उन्होंने गार्ड ऑफ ऑनर की सलामी ली और इसके बाद विभिन्न विभागों के कार्यालयों का दौरा कर अधिकारियों से बातचीत की।
दरबार मूव के तहत हर साल सरकार अपने कार्यालयों को छह महीने के लिए श्रीनगर से जम्मू और फिर जम्मू से श्रीनगर स्थानांतरित करती है। इसी परंपरा के तहत दो दिन पहले श्रीनगर में सरकारी कार्यालय बंद किए गए थे और अब जम्मू से प्रशासनिक गतिविधियां शुरू हो गई हैं।
सचिवालय और आसपास के महत्वपूर्ण इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। पुलिस और अर्धसैनिक बलों के जवानों को प्रमुख स्थानों, सड़कों और सरकारी प्रतिष्ठानों के आसपास तैनात किया गया है। वहीं, कार्यालयों के दोबारा खुलने से पहले सिविल सचिवालय और सरकारी भवनों में मरम्मत व नवीनीकरण का काम भी कराया गया है। कर्मचारियों के रहने के लिए उपलब्ध सरकारी आवासों को भी तैयार किया गया है।
दरबार मूव की शुरुआत वर्ष 1872 में डोगरा शासकों ने की थी। इसका उद्देश्य सर्दियों में कश्मीर घाटी में पड़ने वाली कड़ाके की ठंड से बचने के लिए प्रशासनिक कामकाज को जम्मू स्थानांतरित करना था। आजादी के बाद भी यह परंपरा जारी रही और जम्मू और कश्मीर के बीच प्रशासनिक और आर्थिक जुड़ाव का अहम माध्यम बनी।
हालांकि, वर्ष 2021 में तत्कालीन उपराज्यपाल प्रशासन ने ई-ऑफिस व्यवस्था का हवाला देते हुए खर्च में बचत के उद्देश्य से इस परंपरा को बंद कर दिया था। इस फैसले का जम्मू के व्यापारिक संगठनों ने विरोध किया था, क्योंकि दरबार मूव के दौरान हजारों कर्मचारियों और उनके परिवारों के जम्मू पहुंचने से स्थानीय बाजारों और कारोबार को काफी लाभ मिलता था।
उमर अब्दुल्ला के नेतृत्व वाली सरकार ने अक्तूबर 2025 में दरबार मूव को दोबारा बहाल किया था। अब इसके तहत जम्मू से प्रशासनिक कामकाज शुरू होने के साथ ही सरकार ने दोनों संभागों में लोगों को बेहतर और सुगम सरकारी सेवाएं उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता दोहराई है।