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30 प्रतिशत कटौती के बावजूद बसों वाले अधिक किराया वसूल रहे
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आरएस पुरा/सांबा। सरकार की तरफ से यात्री किराए में 30 प्रतिशत की कटौती के बावजूद बस और मिनी बसों के परिचालक अधिक किराया वसूल रहे हैं। इसके चलते बस चालकों और यात्रियों में कहासुनी भी हो रही है। उधर चालकों और परिचालकों का कहना है कि सरकार द्वारा किराए में की गई कटौती की सूची उनके पास नहीं आई है। सूची आने पर ही किराए में कटौती करेंगे।
यात्री केवल कृष्ण का कहना है कि सरकार द्वारा जारी किए गए निर्देश की परिचालक अनदेखी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सबसे बड़ी दिक्कत यह है कि परिचालक यात्रियों को टिकट ही नहीं देते। सरकार को चाहिए कि परिचालकों को टिकट देने का निर्देश जारी करे, जिसमें बस का नंबर भी लिखा हो ताकि यात्री स्थानीय पुलिस थाने में शिकायत दर्ज करवा सके ं। यात्री वंदना शर्मा का कहना है कि पहले भी बस के परिचालक मीरां साहिब से आरएस पुरा तक 15 रुपये किराया लेते थे और अब भी 15 रुपये ही ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि किराए में कटौती किए जाने पर सरकार को चाहिए कि वह की गई कटौती के आधार पर ही किराया यात्रियों से प्राप्त करने का निर्देश सख्ती से लागू करवाए ताकि यात्रियों को हो रही परेशानी से राहत मिल सके।
दिन भर चालकों और यात्रियों में होती रही बहस
कोरोना महामारी के चलते लगाए लॉकडाउन में यात्री वाहन भी थम गए थे। अनलॉक में नई गाइडलाइन में सरकार ने यात्री वाहनों को 50 प्रतिशत यात्रियों को लेकर चलने की अनुमति दी थी। साथ ही यात्री किराये में तीस प्रतिशत की बढ़ोतरी कर दी थी। अब कोरोना का कहर कुछ थमने पर सरकार ने यात्री वाहन चालकों को दी तीस प्रतिशत की छूट वापस ले ली है लेकिन बुधवार को मिनी बसों के परिचालक यात्रियों से बढ़ा किराया ही वसूल रहे थे, जिस पर कई जगह यात्रियों की परिचालकों से बहस होती रही।
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यात्री केवल कृष्ण का कहना है कि सरकार द्वारा जारी किए गए निर्देश की परिचालक अनदेखी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सबसे बड़ी दिक्कत यह है कि परिचालक यात्रियों को टिकट ही नहीं देते। सरकार को चाहिए कि परिचालकों को टिकट देने का निर्देश जारी करे, जिसमें बस का नंबर भी लिखा हो ताकि यात्री स्थानीय पुलिस थाने में शिकायत दर्ज करवा सके ं। यात्री वंदना शर्मा का कहना है कि पहले भी बस के परिचालक मीरां साहिब से आरएस पुरा तक 15 रुपये किराया लेते थे और अब भी 15 रुपये ही ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि किराए में कटौती किए जाने पर सरकार को चाहिए कि वह की गई कटौती के आधार पर ही किराया यात्रियों से प्राप्त करने का निर्देश सख्ती से लागू करवाए ताकि यात्रियों को हो रही परेशानी से राहत मिल सके।
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दिन भर चालकों और यात्रियों में होती रही बहस
कोरोना महामारी के चलते लगाए लॉकडाउन में यात्री वाहन भी थम गए थे। अनलॉक में नई गाइडलाइन में सरकार ने यात्री वाहनों को 50 प्रतिशत यात्रियों को लेकर चलने की अनुमति दी थी। साथ ही यात्री किराये में तीस प्रतिशत की बढ़ोतरी कर दी थी। अब कोरोना का कहर कुछ थमने पर सरकार ने यात्री वाहन चालकों को दी तीस प्रतिशत की छूट वापस ले ली है लेकिन बुधवार को मिनी बसों के परिचालक यात्रियों से बढ़ा किराया ही वसूल रहे थे, जिस पर कई जगह यात्रियों की परिचालकों से बहस होती रही।
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