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ग्रामीण विकास विभाग की कार्यप्रणाली से परेशान जनप्रतिनिधियों ने कार्यालय पर जड़ा ताला
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बसोहली। शीतल नगर में ग्रामीण विकास विभाग की कार्यप्रणाली से तंग आकर ब्लॉक प्रतिनिधियों ने विभाग कार्यालय पर ताला जड़ कर अधिकारियों के प्रति रोष जताया। बीडीसी चेयरमैन, सरपंचो, पंचों ने कार्यालय में स्टाफ के मौजूद न रहने पर नाराजगी जताई। शीतलनगर ब्लॉक के जिंदरैली पंचायत के सरपंच राकेश चौधरी ने बताया कि बीडीसी चेयरमैन, सरपंचों और पंचों ने जब ग्रामीण विकास विभाग शीतलनगर के कार्यालय का निरीक्षण किया तो, दफ्तर बंद पड़ा था और कोई भी कर्मी उपस्थित नहीं था। कुछ कर्मी दोपहर 12 बजे कार्यालय पहुंचे, जिसे देखते हुए प्रतिनिधियों ने कार्यालय के मुख्य गेट पर ताला जड़ दिया।
उन्होंने बताया कि पिछले साल 10 पंचायतों में से सिर्फ तीन पंचायतों को 14 एफसी का पैसा आवंटित किया गया है, जिनमें द्रमण, जानू और भीकड पंचायतें शामिल हैं, जबकि शेष सात पंचायतों में 14 एफसी का पैसा आवंटित नहीं किया गया है और ना ही इसके बारे में उन्हें कोई जानकारी दी गई है। इस ब्लॉक की पंचायतों में विकास कार्य करवाने के बाद उसका भुगतान नहीं किया गया है, हालांकि इस संदर्भ में एक सप्ताह पूर्व ग्रामीण विकास विभाग शीतलनगर की बीडीओ को पत्र लिखा गया था, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। पिछले ढाई वर्षों से कोई भी विकास कार्य न तो हुआ है और न ही करवाने दिया गया है। मनरेगा व 14 एफसी के भुगतान के लिए प्रतिनिधियों के पास आते हैं, लेकिन मजबूर प्रतिनिधियों के पास कोई जवाब नहीं होता। इसके बाद वे ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारियों के पास जाते हैं, लेकिन वहां भी कोई हल नहीं निकलता।
सरपंच ने बताया कि ग्रामीण विकास विभाग शीतलनगर में जो स्टाफ है, वह काम नहीं करता है। इसे बदलने के लिए एसीडी कठुआ से भी बात कर चुके हैं और इसकी जगह नया स्टाफ भेजने के लिए कहा गया है। उन्होंने बताया कि ब्लाक में तीन एमपीडब्ल्यू लगे हुए हैं, लेकिन इनमें से एक को भी काम करना नहीं आता है। कोई सुनवाई न होने पर मजबूर होकर ब्लॉक शीतल नगर के प्रतिनिधियों ने ब्लॉक डेवलपमेंट कार्यालय ताला जड़ दिया है। वहीं, जब डीसी ओपी भगत बनी के दौरे से लौटकर बसोहली पहुंचे, तो उन्होंने प्रतिनिधियों की समस्याओं को सुनते हुए कहा कि एमपीडब्ल्यू कठुआ से भेजे जाएंगे और ग्रामीण विकास विभाग शीतलनगर की बीडीओ निशा रानी को निर्देश दिए कि इस संदर्भ में कार्यवाही करें, जो कर्मी काम नहीं करता है उसकी लिखित रिपोर्ट बनाकर उसके खिलाफ कार्रवाई करते हुए सस्पेंड किया जाए। इस मौके पर सरपंच शीतलनगर कुलदीप राज, डोडला पंचायत के सरपंच रतन चंद, सियालग से सीमा देवी, द्रमण से पंच काकू राम, जानू पंचायत से सरपंच व नायब संरपंच, हट्ट के नायब सरपंच भूपेंद्र कुमार और अन्य उपस्थित रहे।
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उन्होंने बताया कि पिछले साल 10 पंचायतों में से सिर्फ तीन पंचायतों को 14 एफसी का पैसा आवंटित किया गया है, जिनमें द्रमण, जानू और भीकड पंचायतें शामिल हैं, जबकि शेष सात पंचायतों में 14 एफसी का पैसा आवंटित नहीं किया गया है और ना ही इसके बारे में उन्हें कोई जानकारी दी गई है। इस ब्लॉक की पंचायतों में विकास कार्य करवाने के बाद उसका भुगतान नहीं किया गया है, हालांकि इस संदर्भ में एक सप्ताह पूर्व ग्रामीण विकास विभाग शीतलनगर की बीडीओ को पत्र लिखा गया था, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। पिछले ढाई वर्षों से कोई भी विकास कार्य न तो हुआ है और न ही करवाने दिया गया है। मनरेगा व 14 एफसी के भुगतान के लिए प्रतिनिधियों के पास आते हैं, लेकिन मजबूर प्रतिनिधियों के पास कोई जवाब नहीं होता। इसके बाद वे ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारियों के पास जाते हैं, लेकिन वहां भी कोई हल नहीं निकलता।
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सरपंच ने बताया कि ग्रामीण विकास विभाग शीतलनगर में जो स्टाफ है, वह काम नहीं करता है। इसे बदलने के लिए एसीडी कठुआ से भी बात कर चुके हैं और इसकी जगह नया स्टाफ भेजने के लिए कहा गया है। उन्होंने बताया कि ब्लाक में तीन एमपीडब्ल्यू लगे हुए हैं, लेकिन इनमें से एक को भी काम करना नहीं आता है। कोई सुनवाई न होने पर मजबूर होकर ब्लॉक शीतल नगर के प्रतिनिधियों ने ब्लॉक डेवलपमेंट कार्यालय ताला जड़ दिया है। वहीं, जब डीसी ओपी भगत बनी के दौरे से लौटकर बसोहली पहुंचे, तो उन्होंने प्रतिनिधियों की समस्याओं को सुनते हुए कहा कि एमपीडब्ल्यू कठुआ से भेजे जाएंगे और ग्रामीण विकास विभाग शीतलनगर की बीडीओ निशा रानी को निर्देश दिए कि इस संदर्भ में कार्यवाही करें, जो कर्मी काम नहीं करता है उसकी लिखित रिपोर्ट बनाकर उसके खिलाफ कार्रवाई करते हुए सस्पेंड किया जाए। इस मौके पर सरपंच शीतलनगर कुलदीप राज, डोडला पंचायत के सरपंच रतन चंद, सियालग से सीमा देवी, द्रमण से पंच काकू राम, जानू पंचायत से सरपंच व नायब संरपंच, हट्ट के नायब सरपंच भूपेंद्र कुमार और अन्य उपस्थित रहे।
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