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दूरदराज क्षेत्र में बैंक शाखा खोलने की मांग
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बिलावर। उपमंडल के दूरदराज मल्हार गांव के प्रतिनिधियों और अन्य लोगों ने सरकार से उनके इलाके में बैंक की शाखा खोलने की मांग की है।
पंचायत की सरपंच सलीमा बेगम ने बताया कि मल्हार पंचायत के साथ-साथ उसके आसपास की अन्य 5 पंचायतों के करीब 25 हजार लोगों को बैंक संबंधित कामकाज के लिए बिलावर, मशैडी, किशनपुर जाना पड़ता है, जो गांव से लगभग 40 किलोमीटर दूर है।
मल्हार पंचायत के नायब सरपंच प्रीतम चंद ने बताया कि मलाड, न्लेउ, लोहाई मल्हार, लोअर थल, अपर थल, बदनोता पंचायतों के लोगों को बैंक संबंधित कामकाज के लिए पैदल रास्ता तय करना पड़ता है। पंच गुलजार अहमद ने बताया कि बुढ़ापा पेंशन के लिए बुजुर्गों को पैदल चलकर बैंकों में जाना पड़ता है। इसमें उन्हें परेशानी आती है।
पंच गुलाम अहमद ने बताया कि सरकार की ओर से एमजी नरेगा सहित पीएमएवाई और अन्य योजनाएं चलाई गई हैं, जिनका संबंध सीधे तौर पर बैंकों से है। उन्होंने बताया कि बुजुर्गों को 1000 रुपये पेंशन मिलती है। लेकिन आने जाने में ही उनके 500 रुपये खर्च हो जाते हैं। मल्हार गांव के निवासी शमशेर सिंह ने कहा कि ज्यादातर पहाड़ी इलाका सड़क संपर्क से नहीं जुड़ पाया है। इसके चलते बैंक संबंधित कामकाज निपटाने के लिए लोगों को कई किलोमीटर दूर पैदल सफर करके बैंकों में पहुंचना पड़ता है। इसमें समय भी काफी बर्बाद होता है।
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सरपंच ने बताया कि मल्हार गांव में जम्मू-कश्मीर बैंक की शाखा खोलने के लिए बैंक के चेयरमैन को लिखित में फाइल सौंपी थी। लेकिन आज तक बैंक प्रबंधन की ओर से बैंक कोई कदम नहीं उठाया गया है। सरपंच ने कहा कि जिला उपायुक्त भी दो बार गांव का दौरा कर चुके हैं। उस समय भी लोगों ने मांग की थी कि दूरदराज इलाके में बैंक शाखा स्थापित की जाए। लेकिन अभी तक संज्ञान नहीं लिया गया।
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पंचायत की सरपंच सलीमा बेगम ने बताया कि मल्हार पंचायत के साथ-साथ उसके आसपास की अन्य 5 पंचायतों के करीब 25 हजार लोगों को बैंक संबंधित कामकाज के लिए बिलावर, मशैडी, किशनपुर जाना पड़ता है, जो गांव से लगभग 40 किलोमीटर दूर है।
मल्हार पंचायत के नायब सरपंच प्रीतम चंद ने बताया कि मलाड, न्लेउ, लोहाई मल्हार, लोअर थल, अपर थल, बदनोता पंचायतों के लोगों को बैंक संबंधित कामकाज के लिए पैदल रास्ता तय करना पड़ता है। पंच गुलजार अहमद ने बताया कि बुढ़ापा पेंशन के लिए बुजुर्गों को पैदल चलकर बैंकों में जाना पड़ता है। इसमें उन्हें परेशानी आती है।
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पंच गुलाम अहमद ने बताया कि सरकार की ओर से एमजी नरेगा सहित पीएमएवाई और अन्य योजनाएं चलाई गई हैं, जिनका संबंध सीधे तौर पर बैंकों से है। उन्होंने बताया कि बुजुर्गों को 1000 रुपये पेंशन मिलती है। लेकिन आने जाने में ही उनके 500 रुपये खर्च हो जाते हैं। मल्हार गांव के निवासी शमशेर सिंह ने कहा कि ज्यादातर पहाड़ी इलाका सड़क संपर्क से नहीं जुड़ पाया है। इसके चलते बैंक संबंधित कामकाज निपटाने के लिए लोगों को कई किलोमीटर दूर पैदल सफर करके बैंकों में पहुंचना पड़ता है। इसमें समय भी काफी बर्बाद होता है।
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सरपंच ने बताया कि मल्हार गांव में जम्मू-कश्मीर बैंक की शाखा खोलने के लिए बैंक के चेयरमैन को लिखित में फाइल सौंपी थी। लेकिन आज तक बैंक प्रबंधन की ओर से बैंक कोई कदम नहीं उठाया गया है। सरपंच ने कहा कि जिला उपायुक्त भी दो बार गांव का दौरा कर चुके हैं। उस समय भी लोगों ने मांग की थी कि दूरदराज इलाके में बैंक शाखा स्थापित की जाए। लेकिन अभी तक संज्ञान नहीं लिया गया।