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Jammu News: व्यवस्था गड़बड़ाई, भाड़े पर सफाई
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80 कंडम वाहन बंद, अब कूड़ा उठाने के लिए 12 वाहन किराये पर लेगा निगम
अभी 70 वाहनों के हवाले शहर की सफाई, प्रतिमाह करीब चार लाख का आएगा खर्च
जम्मू। कूड़ा उठाने वाले वाहनों की कमी के कारण शहर की सफाई व्यवस्था बेपटरी हो रही है। नगर निगम ने 150 में से 80 कंडम वाहनों को बेड़े से बाहर कर दिया है। नए वाहनों की खरीद के बजाय किराये पर वाहन लेने की योजना बना दी है। हालात इस कदर तक खराब हैं कि करीब चार साल में नए वाहनों की खरीद और पुराने वाहनों की मरम्मत नहीं हो पाई।एक वार्ड से कूड़ा उठाने के बाद वाहन दूसरे वार्ड का कचरा उठा रहे हैं। इस कारण डंपिंग साइट पर काम सुबह से दोपहर तक चलता रहता है। वैकल्पिक व्यवस्था के तहत 12 वाहन किराए पर लेने की तैयारी हो चुकी है। प्रतिमाह करीब चार लाख रुपये किराया चुकाया जाएगा।
शहर से रोजाना 400 मीट्रिक टन कचरा ठिकाने लगाया जाता है। मौजूदा समय में निगम के पास 150 से ज्यादा वाहन है। 30 टिप्पर, 12 जेसीबी, छह पोकलेन मशीनों के अलावा वाटर टैंकर, वाटर स्प्रिंकलर और अन्य वाहन हैं। करीब 80 वाहन 15 साल पूरे कर चुके हैं जिसमें आठ टिप्पर, चार जेसीबी और दो पोकलेन मशीनें शामिल हैं। ऐसे में अब कई वार्डों में कूड़ा उठान में देरी हो रही है। शाम तक जगह-जगह कचरे के ढेर लग रहे हैं। लोगों को गंदगी के बीच जीवनयापन करने को मजबूर होना पड़ रहा है। नगरवासियों को गंदगी की समस्या से निजात दिलाने के लिए निगम प्रशासन आवश्यकता के अनुसार किराए के 12 वाहन लेने जा रहा है, जिससे सुबह तक सफाई होने का दावा किया गया है।
इतने वाहनों की जरूरत - 30 के करीब टिप्पर है, लेकिन 75 की जरूरत है। 12 जेसीबी की जगह 30 चाहिए। इससे वार्डों में डंपिंग साइट की सफाई दिन में दो समय हो सकेेगी। कुछ ऐसी भी डंपिंग साइट है, जिनकी सफाई दो-दो दिन बाद हो रही है। वहीं, निगम को 150 वाहनों पर प्रतिमाह करीब 28 लाख रुपये खर्च करने पड़ते है। सबसे ज्यादा तेल की खपत पुराने वाहनों से हो रही है। एक लीटर डीजल में तीन से चार किलोमीटर सफर ही तय हो पा रहा है। हर रोज डंपिंग साइट से कोटभलवाल तक आने-जाने में तीस किलोमीटर का सफर तय करना पड़ता है। ऐसे में औसतन दस लीटर डीजल की खपत हो रही है। पुराने वाहनों से हर माह 14 लाख रुपये का डीजल खपत होता है।
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पुराने वाहनों को हटाने पर काम चल रहा है। नए वाहनों की अपेक्षा इन वाहनों पर ज्यादा खर्च आ रहा है। जरूरत के मुताबिक कूड़ा उठाने के लिए किराए पर वाहन लिए जा रहे हैं।
निसार हुसैन रजा, सीटीओ नगर निगम
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अभी 70 वाहनों के हवाले शहर की सफाई, प्रतिमाह करीब चार लाख का आएगा खर्च
जम्मू। कूड़ा उठाने वाले वाहनों की कमी के कारण शहर की सफाई व्यवस्था बेपटरी हो रही है। नगर निगम ने 150 में से 80 कंडम वाहनों को बेड़े से बाहर कर दिया है। नए वाहनों की खरीद के बजाय किराये पर वाहन लेने की योजना बना दी है। हालात इस कदर तक खराब हैं कि करीब चार साल में नए वाहनों की खरीद और पुराने वाहनों की मरम्मत नहीं हो पाई।एक वार्ड से कूड़ा उठाने के बाद वाहन दूसरे वार्ड का कचरा उठा रहे हैं। इस कारण डंपिंग साइट पर काम सुबह से दोपहर तक चलता रहता है। वैकल्पिक व्यवस्था के तहत 12 वाहन किराए पर लेने की तैयारी हो चुकी है। प्रतिमाह करीब चार लाख रुपये किराया चुकाया जाएगा।
शहर से रोजाना 400 मीट्रिक टन कचरा ठिकाने लगाया जाता है। मौजूदा समय में निगम के पास 150 से ज्यादा वाहन है। 30 टिप्पर, 12 जेसीबी, छह पोकलेन मशीनों के अलावा वाटर टैंकर, वाटर स्प्रिंकलर और अन्य वाहन हैं। करीब 80 वाहन 15 साल पूरे कर चुके हैं जिसमें आठ टिप्पर, चार जेसीबी और दो पोकलेन मशीनें शामिल हैं। ऐसे में अब कई वार्डों में कूड़ा उठान में देरी हो रही है। शाम तक जगह-जगह कचरे के ढेर लग रहे हैं। लोगों को गंदगी के बीच जीवनयापन करने को मजबूर होना पड़ रहा है। नगरवासियों को गंदगी की समस्या से निजात दिलाने के लिए निगम प्रशासन आवश्यकता के अनुसार किराए के 12 वाहन लेने जा रहा है, जिससे सुबह तक सफाई होने का दावा किया गया है।
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इतने वाहनों की जरूरत - 30 के करीब टिप्पर है, लेकिन 75 की जरूरत है। 12 जेसीबी की जगह 30 चाहिए। इससे वार्डों में डंपिंग साइट की सफाई दिन में दो समय हो सकेेगी। कुछ ऐसी भी डंपिंग साइट है, जिनकी सफाई दो-दो दिन बाद हो रही है। वहीं, निगम को 150 वाहनों पर प्रतिमाह करीब 28 लाख रुपये खर्च करने पड़ते है। सबसे ज्यादा तेल की खपत पुराने वाहनों से हो रही है। एक लीटर डीजल में तीन से चार किलोमीटर सफर ही तय हो पा रहा है। हर रोज डंपिंग साइट से कोटभलवाल तक आने-जाने में तीस किलोमीटर का सफर तय करना पड़ता है। ऐसे में औसतन दस लीटर डीजल की खपत हो रही है। पुराने वाहनों से हर माह 14 लाख रुपये का डीजल खपत होता है।
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पुराने वाहनों को हटाने पर काम चल रहा है। नए वाहनों की अपेक्षा इन वाहनों पर ज्यादा खर्च आ रहा है। जरूरत के मुताबिक कूड़ा उठाने के लिए किराए पर वाहन लिए जा रहे हैं।
निसार हुसैन रजा, सीटीओ नगर निगम