सीएम उमर बोले: कमजोर आर्थिक हालात में भी बेहतर बजट का प्रयास, नौ प्रतिशत हानि कम, 16 फीसदी रेवेन्यू को बढ़ाया
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि कमजोर आर्थिक हालात और चुनौतियों के बावजूद बजट में आमजन की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए घाटा नौ प्रतिशत कम और रेवेन्यू 16 प्रतिशत बढ़ाया गया।
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मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा है कि प्रदेश के कमजोर आर्थिक हालात के बावजूद सरकार ने बेहतर बजट का प्रयास किया है। आम तबकों की जरूरत का ख्याल इसमें रखा गया है। प्रदेश में पहलगाम आतंकी हमला और बाढ़ दो बड़ी चुनौतियां थीं। इसके बावजूद केंद्र से मिली विशेष आर्थिक सहायता पैकेज बजट में सहायक साबित हुआ है।
मुख्यमंत्री उमर बजट प्रस्तुत करने के बाद मीडिया से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा, बजट अंतिम डॉक्यूमेंट नहीं है। पिछले साल के बजट को साथ लेकर चलना होगा। सरकार ने बजट में नौ प्रतिशत हानि कम की है और 16 फीसदी रेवेन्यू को बढ़ाया है। उमर ने कहा, लघु और सूक्ष्म उद्योगों की मंजूरी मिलने में पहले देरी लगती थी लेकिन अब ऐसा नहीं होगा।
तीन साल के लिए उद्योगपति अपना काम शुरू कर पाएंगे, उनसे कोई प्रमाणपत्र नहीं मांगा जाएगा। उन्होंने कहा, सरकार ने गरीब तबके के छात्रों के लिए मुफ्त शिक्षा का फैसला किया है। कश्मीरी पंडितों के लिए बजट में प्रावधान किया गया है। कश्मीरी पंडित घाटी में बसना चाहते हैं तो सरकार उनकी हर संभव मदद करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कृषि, बागवानों और किसानों के लिए सरकार ने प्रावधान किए हैं।
बजट में डेयरी सेंटर का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा, बंद पड़े पर्यटन स्थलों को भी खोलने की बात की गई है। प्रदेश के स्वास्थ्य संस्थानों की हालत सुधारने पर सरकार काम कर रही है। प्रदेश में बड़े अस्पतालों को आने का न्योता नहीं दिया जाएगा।
कमेटी की रिपोर्ट पर होगा डेलीवेजर्स को नियमित करने का फैसला :
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा, दैनिक वेतनभोगी के वेतन बढ़ाने या नियमित करने को लेकर सरकार ने कमेटी का गठन किया है। इस कमेटी की रिपोर्ट आते ही सरकार उचित कदम उठाएगी। उन्होंने कहा, चरणबद्ध तरीके से कर्मचारियों को नियमित किया जाएगा। उन्होंने कहा अभी कर्मचारियों की रिपोर्ट तैयार नहीं हुई है, इसलिए बजट में इसका प्रावधान नहीं किया गया है।
सिंधुजल संधि स्थगित होने का प्रदेश को नहीं मिला फायदा :
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा, सिंधु जलसंधि स्थगित होने का फायदा जम्मू-कश्मीर को नहीं मिला है। सरकार को केंद्र की विशेष आर्थिक सहायता से मदद मिली है। उन्होंने कहा, झेलम में ज्यादा पानी रखने की जरूरत है। ऐसे ही अखनूर के पास चिनाब से पानी निकालकर जम्मू को दे सकते हैं। इस पानी की मात्रा को बढ़ाकर पीने और सिंचाई दोनों में इस्तेमाल किया जा सकता है।