{"_id":"635cfb16259a2a5feb1d77e7","slug":"chhath-festival-celebrated-in-jammu-and-kashmir-ghats-started-decorating-in-jammu","type":"story","status":"publish","title_hn":"जम्मू कश्मीर: प्रदेश के कई हिस्सों में छठ पर्व की धूम, चार दिन तक होगा आयोजन, जम्मू में सजने लगे घाट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जम्मू कश्मीर: प्रदेश के कई हिस्सों में छठ पर्व की धूम, चार दिन तक होगा आयोजन, जम्मू में सजने लगे घाट
Sat, 29 Oct 2022 03:36 PM IST
विमल शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
Published by: विमल शर्मा
Updated Sat, 29 Oct 2022 03:36 PM IST
सार
चार दिन चलने वाले इस महोत्सव में आस्था से जुड़े सैकड़ों लोग सूर्य उपासना का अनुपम लोक पर्व मनाएंगे। जम्मू और कठुआ में पूजा स्थल को सजाने का काम चलता रहा। घरों में महिलाओं ने नहाय खाय की प्रक्रिया को पूरा किया।
विज्ञापन
जम्मू कश्मीर में छठ के मौके पर खरीदारी करती महिलाएं
- फोटो : संवाद
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
सूर्य उपासना के अनुपम लोकपर्व छठ का शुक्रवार को नहाय-खाय के साथ आगाज हो गया। पर्व को लेकर आयोजन स्थल को आकर्षक ढंग से सजाया गया है, जहां शनिवार से रौनक दिखना शुरू हो जाएगी। शुक्रवार को नहाय-खाय के साथ शुरू हुए इस पूजन में औद्योगिक क्षेत्र से सटे इलाके में छठ पूजन का कार्य विधिवत पूरा किया जाएगा।
विज्ञापन
चार दिन चलने वाले इस महोत्सव में आस्था से जुड़े सैकड़ों लोग सूर्य उपासना का अनुपम लोक पर्व मनाएंगे। शुक्रवार को एक ओर जहां कठुआ नहर के किनारे पूजा स्थल को सजाने का काम चलता रहा। वहीं, घरों में महिलाओं ने नहाय खाय की प्रक्रिया को पूरा किया।
विज्ञापन
व्रत रखने वालों के लिए विशेषतौर पर कद्दू भात बनाया जाता है। शनिवार को छठ पूजा के दूसरे दिन खरना होगा। इसके बाद रविवार शाम अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य दिया जाएगा। रात भर बनाई गई देहरियों के किनारे पूजन और संकीर्तन होगा, जिसके बाद सोमवार को उदीयमान सूर्य को अर्घ्य के साथ छठ लोक पर्व संपन्न होगा।
विज्ञापन
गौरतलब है कि औद्योगिक इकाइयों और अन्य संस्थानों में रोजगार के लिए बीते डेढ़ दशक में देशभर से बड़ी संख्या में लोग कठुआ में अस्थायी रूप से आ बसे हैं। बिहार, झारखंड, पूर्वी उत्तर प्रदेश और नेपाल के तराई वाले इलाकों में प्रचलित इस त्योहार की परंपराओं के निर्वाह के साथ ही उन प्रदेशों की संस्कृति ने जिले पर भी अपनी छाप बनाई है।
छठ पूजन पर सूर्य उपासना के लिए तैयारियों में जुटी महिला श्रद्धालु सुनीता, पूनम, नियती, निशा, रोशनी आदि ने बताया कि धर्म में छठ पूजा का विशेष महत्व है। भैया दूज के बाद शुरू होने वाले इस त्योहार को लेकर उनके क्षेत्र के लोग परंपरा का निर्वाह करते हुए सूर्य उपासना करते हैं।
उन्होंने बताया कि इस दिन सूर्य को अर्घ्य देकर पूजन किया जाता है। महिलाओं ने बताया कि हिंदू मान्यताओं में सूर्य देव और छठ मइया का संबंध भाई बहन का है और ऐसे में सूर्य उपासना का विशेष महत्व है।