फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   Charge sheet filed against juvenile declared adult by SC in Kathua gangrape-murder case

रसाना मामला : वयस्क घोषित शुभम के खिलाफ क्राइम ब्रांच की चार्जशीट, पहले बताया गया था नाबालिग

Mon, 09 Jan 2023 02:16 AM IST
विमल शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, कठुआ
अमर उजाला नेटवर्क, कठुआ Published by: विमल शर्मा Updated Mon, 09 Jan 2023 02:16 AM IST
सार

वर्ष 2018 के इस मामले की सुनवाई पंजाब के पठानकोट में शिफ्ट की जा सकती है। हालांकि इसकी चार्जशीट को कठुआ के चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट की अदालत में दायर किया गया है। मामले को सुनवाई के लिए 24 जनवरी को सूचीबद्ध किया गया है।
 

विज्ञापन
Charge sheet filed against juvenile declared adult by SC in Kathua gangrape-murder case
कठुआ कांड के मुजरिम - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कठुआ जिले की हीरानगर तहसील के रसाना गांव में आठ साल की बच्ची की सामूहिक दुष्कर्म के बाद हत्या मामले में आरोपी शुभम सांगड़ा के खिलाफ क्राइम ब्रांच ने कठुआ न्यायालय में चार्जशीट दाखिल कर दी है। शुभम को पहले नाबालिग बताया गया था, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने शुभम के खिलाफ वयस्क के रूप में अभियोजन चलाने के निर्देश दिए थे। इसके तुरंत बाद शुभम को जुवेनाइल होम से कठुआ जिला जेल शिफ्ट कर दिया गया है।

विज्ञापन


वर्ष 2018 के इस मामले की सुनवाई पंजाब के पठानकोट में शिफ्ट की जा सकती है। हालांकि इसकी चार्जशीट को कठुआ के चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट की अदालत में दायर किया गया है। मामले को सुनवाई के लिए 24 जनवरी को सूचीबद्ध किया गया है।
विज्ञापन


पहले शुभम को नाबालिग बताकर सुधारगृह भेजा गया था, जिसे क्राइम ब्रांच ने चुनौती दी। छानबीन के दौरान क्राइम बांच को शुभम के जन्म प्रमाण पत्र से जुड़ी अहम जानकारी और सुबूत मिले, जिसके आधार पर क्राइम ब्रांच ने चुनौती याचिका को मजबूती से न्यालय के समक्ष रखा। इसके बाद ही सुप्रीम कोर्ट ने 22 नवंबर को आदेश जारी कर शुभम को वयस्क घोषित किया था।

विज्ञापन
विज्ञापन

शुभम पर बच्ची को दवा की ओवरडोज देने का आरोप

क्राइम ब्रांच की चार्जशीट के अनुसार शुभम ने आठ साल की बच्ची को दवाओं की ओवरडोज दी ताकि वह दुष्कर्म का विरोध न कर सके। उसे कलोनाजैपम 0.5 एमजी की पांच टेबलेट जबरन दी गईं। चिकित्सा विशेषज्ञ ने इस दवा के असर पर बताया है कि इसके ओवरडोज से बेहोशी, शिथिलता, सांस लेने में परेशानी, कोमा या फिर मौत भी हो सकती है। चिकित्सकों के अनुसार हो सकता है कि ओवरडोज से बच्ची को सदमा लगा हो और वह कोमा में चली गई हो।

प्रमाण पत्र के लिए आवेदन से खुला राज

शुभम के प्रमाणपत्र के लिए किए गए आवेदन से उसकी उम्र के दावे को गलत साबित किया गया। क्राइम ब्रांच के अनुसार शुभम के पिता ने हीरानगर तहसीलदार कार्यालय में अपने दो बेटों और एक बेटी का जन्म प्रमाण पत्र जारी करने के लिए आवेदन किया था।

इसमें बड़े बेटे की जन्म तिथि 23 नवंबर 1997, बेटी की जन्मतिथि 21 फरवरी 1998 और शुभम की जन्मतिथि 23 अक्तूबर 2002 बताई गई। जांच के दौरान बड़े बेटे और बेटी की जन्मतिथि में दो माह 28 दिन का अंतर सामने आया, जो चिकित्सा मानकों में संभव नहीं है।

यहीं से क्राइम ब्रांच ने पिता की ओर से बच्चों की जन्मतिथि को लेकर किए गए दावे को चुनौती दे दी। बाद में चिकित्सा विशेषज्ञों के बोर्ड ने शुभम की जांच के बाद बताया कि बच्ची से दुष्कर्म और हत्या के दौरान शुभम की उम्र 19 साल से ऊपर और अधिकतम 23 वर्ष की रही होगी।

तीन को उम्र कैद, तीन को हो चुकी है पांच साल की जेल 

पठानकोट की विशेष अदालत ने 10 जून 2019 को फैसले में सांझी राम, एसपीओ दीपक खजूरिया और परवेश कुमार को उम्र कैद की सजा सुनाई थी। तीन अन्य आरोपियों सब इंस्पेक्टर आनंद दत्ता, हेड कांस्टेबल तिलक राज और एसपीओ सुरेंद्र वर्मा को सुबूत मिटाने के आरोप में 50 हजार रुपये जुर्माने के साथ पांच साल की सजा सुनाई थी। यह तीनों पैरोल पर हैं। सातवें आरोपी विशाल जंगोत्रा को अदालत ने बरी कर दिया था।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed