सीमा पर कोहरे की आड़ में घुसपैठ की आशंका, जवान चौकस
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दो दिन से पड़ रहे घने कोहरे की आड़ में आतंकी घुसपैठ कर सकते हैं। खराब मौसम का आतंकियों ने अकसर फायदा उठाया है। ऐसे में एलओसी और आईबी पर सुरक्षा बलों की चुनौती बढ़ा दी गई है।
ऐसे मौसम में तकनीकी ढांचा भी काम करना बंद कर देता है। इससे आतंकी घुसपैठ करने में सफल हो जाते हैं। वर्ष 2012 में पाकिस्तान की बैट टीम ने कोहरे की आड़ में पुंछ के कृष्णा घाटी सेक्टर में हमला कर दो भारतीय जवानों के सिर काट दिए थे।
सूत्रों का कहना है कि आरएस पुरा के अरनिया, सांबा और कठुआ इंटरनेशनल बार्डर से आतंकी घुसपैठ कर सकते हैं। ऐसे में सुरक्षा और अधिक कड़ी कर दी गई है।
कोहरे से निपटने वाला तंत्र भी सक्रिय
बीएसएफ के आईजी राकेश शर्मा का कहना है कि कोहरे को देखते हुए बार्डर पर नफरी बढ़ा दी गई है। कोहरे से निपटने को बीएसएफ का तकनीकी ढांचा भी पूरी तरह से सक्रिय है।
चाहे कितना भी कोहरा हो, घुसपैठ करना आतंकियों के लिए आसान नहीं। न ही अभी तक कोई ऐसा संकेत मिला है। बावजूद इसके गणतंत्र दिवस को लेकर सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। बार्डर के पास होने वाले वाहनों की आवाजाही पर भी पूरी नजर रखी जा रही है।
स्थानीय लोगों को भी सुरक्षा में शामिल किया गया है। सेना ने राजोरी और पुंछ जिलों की एलओसी पर जवानों को और अधिक सतर्क किया है। रात की पेट्रोलिंग बढ़ा दी गई है, ताकि कोई आतंकी घुसपैठ न कर सके।