फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   Center had decided to break the coalition a week ago

केंद्र ने सप्ताह भर पहले ही ले लिया था फैसला, गवर्नर और राम माधव की मुलाकात में तय हो गई थी तारीख

Wed, 20 Jun 2018 07:52 AM IST
राघवेंद्र नारायण मिश्र, जम्मू
राघवेंद्र नारायण मिश्र, जम्मू Updated Wed, 20 Jun 2018 07:52 AM IST
विज्ञापन
Center had decided to break the coalition a week ago
महबूबा मुफ्ती

भाजपा ने मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती की सरकार से समर्थन वापस लेकर कश्मीर से कन्याकुमारी तक एक संदेश देने का मास्टर स्ट्रोक खेला है। भाजपा ने महसूस किया कि सत्ता की लालच से ऊपर देश सुरक्षा को प्राथमिकता 2019 में उसके लिए संजीवनी बन सकती है। लिहाजा एक झटके में महबूबा से नाता तोड़ लिया गया। मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती जब सप्ताह भर पहले जम्मू में इफ्तार पार्टी दे रही थी तब दिल्ली में उनकी सरकार की किस्मत लिखी जा रही थी। केंद्र के फैसले के बाद पिछले मंगलवार को ही भाजपा महासचिव राम माधव ने श्रीनगर में गवर्नर एनएन वोहरा से मुलाकात की। उसी मुलाकात में राज्यापाल शासन की तारीख तय कर दी गई।

विज्ञापन


भाजपा के सूत्रों के मुताबिक यह महज संयोग नहीं है कि भाजपा के बड़े नेताओं और केंद्रीय मंत्रियों ने महबूबा की इफ्तार पार्टी से दूरी बनाई। इसके लिए आलाकमान ने बकायदा निर्देश जारी किए थे। महबूबा की पार्टी के दूसरे दिन ही राम माधव ने कश्मीर में अपने सहयोगी दल पीपुल्स कांफ्रेंस के नेता सज्जाद लोन के आवास पर इफ्तार पार्टी में शिरकत कर कश्मीर का अपना अगामी एजेंडा भी जाहिर कर दिया। इन नई रणनीति में भाजपा अब कश्मीर में पीडीपी को कोसेगी और सज्जाद लोन के बूते जनाधार बढ़ाने की कवायद तेज होगी। 
विज्ञापन


भाजपा सूत्र मानते हैं कि पार्टी के लिए जम्मू और लद्दाख की तीन सीटों से अधिक पूरे देश में एक सख्त संदेश देना जरूरी हो गया था। पाकिस्तान द्वारा लगातार सीजफायर का उल्लंघन और घाटी में लगातार बढ़ रहे आतंकी हमलों के बाद पार्टी की छवि देश भर में प्रभावित हो रही थी। भाजपा ने ताजा कदम से चेहरे पर जम रही काली धूल को झाड़ने की कोशिश की है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कार्यालय में राज्य मंत्री डा. जितेन्द्र सिंह ने अमर उजाला से कहा कि हमने पीडीपी के साथ रहकर भी अपने सिंद्धांतों से समझौता नहीं किया। रमजान के दौरान एक तरफा सीजफायर धार्मिक सद्भाव के तहत लिया फैसला था। हमने एक मौका दिया जिसके प्रति सकारात्मक रिस्पांस नहीं आया। लिहाजा राष्ट्रहित में सत्ता को तिलांजलि दी गई। पीडीपी के दवाब के बावजूद अलगाववादियों से बातचीत नहीं की गई और एजेंडा आफ एलांयस के नाम पर पीडीपी अपने एजेंडा लागू करवाने में विफल रही। 
विज्ञापन
विज्ञापन

 

केंद्रीय वार्ताकार से नहीं ली सलाह

Center had decided to break the coalition a week ago
दिनेश्वर शर्मा - फोटो : ani

कश्मीर में अमन बहाली के लिए नरम नीति की वकालत करने वाले केंद्रीय वार्ताकार दिनेश्वर शर्मा से इस बार कोई सलाह नहीं ली गई। शर्मा की सलाह पर 10 हजार पत्थरबाजों से मुकदमे की वापसी और एकतरफा सीजफायर जैसे कदम उठाए गए लेकिन गवर्नर शासन पर उनसे राय नहीं ली गई। वार्ताकार फिलहाल कश्मीर में हैं और इसी बीच गवर्नर सासन का निर्णय ले लिया गया। वार्ताकार को अब केंद्र से नए दिशानिर्देश मिल सकते हैं। 
 

देश की सुरक्षा से समझौता नहीं : जितेन्द्र

Center had decided to break the coalition a week ago
jitendra singh - फोटो : ANI
पीएमओ राज्य मंत्री डॉ. जितेन्द्र सिंह ने कहा है कि देश की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं करने की हमारी नीति सर्वोपरि है। पीडीपी ने कई मौके पर माकूल रिस्पांस नहीं दिया। लिहाजा सख्त फैसला जरूरी हो गया था। 

 

पीडीपी में हो सकता है विभाजन

Center had decided to break the coalition a week ago
Mehbooba mufti
सत्ता छिनने के साथ ही पीडीपी में विभाजन का खतरा बढ़ गया है। पूर्व मंत्री डॉ. हसीब द्राबू और मुजफ्फर हुसैन बेग जैसे दिग्गज महबूबा के खिलाफ हैं। मंत्री पद और सत्ता सुख से वंचित रहे विधायकों की भी बड़ी फौज है। सरकार गिरने के बाद महबूबा के लिए पार्टी में एकजुटता बनाए रखना बडी़ चुनौती होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed