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सीज फायर के बीच गोलीबारी से सीमावर्ती लोगों में दहशत बढ़ी
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अरनिया। बुधवार सुबह शुरू हुई गोलीबारी से लोगों में दहशत उत्पन्न होना शुरू हो गई। वहीं संघर्ष विराम के बावजूद भी पाकिस्तानी रेंजरों की तरफ से की जाने वाली गोलीबारी से एक बार फिर पाकिस्तान का नापाक चेहरा सामने आ गया।
हालांकि पाकिस्तानी रेंजरों की तरफ से की जाने वाली ऐसी नापाक हरकत का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी सीमा पर किए जा रहे कार्यों को रोकने के लिए तीन बार गोलीबारी की जा चुकी है।
करीब तीन वर्ष पूर्व टेंट गार्ड नामक पोस्ट पर कार्य में जुटे सीमा प्रहरियों के ट्रैक्टर पर गोलीबारी की गई थी, जिससे चालक को मामूली चोटें आई थीं। यहां तक कि सीमावर्ती खेतों से किसानों द्वारा मिट्टी उठाए जाने के कार्य को रोकने के लिए पाकिस्तानी गोलियां चलाने में जरा भी परहेज नहीं करते। यह मामला गत वर्ष तीन जून का है, जब सीमावर्ती गांव पिंडी कदोयाल के किसान खेतों को समतल करने के लिए जेसीबी की मदद से मिट्टी उठा रहे थे। हालांकि पाकिस्तानी रेंजरों द्वारा की गई गोलीबारी से किसान तो बाल-बाल बच गए, मगर जेसीबी के दो पहिये बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। मजबूरन किसानों को कार्य बंद करना पड़ा था। स्थानीय किसानों के अनुसार करीब एक माह में धान की रोपाई का कार्य भी शुरू हो जाएगा, जिससे यह कार्य भी लगभग दावं पर लग चुका है।
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हालांकि पाकिस्तानी रेंजरों की तरफ से की जाने वाली ऐसी नापाक हरकत का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी सीमा पर किए जा रहे कार्यों को रोकने के लिए तीन बार गोलीबारी की जा चुकी है।
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करीब तीन वर्ष पूर्व टेंट गार्ड नामक पोस्ट पर कार्य में जुटे सीमा प्रहरियों के ट्रैक्टर पर गोलीबारी की गई थी, जिससे चालक को मामूली चोटें आई थीं। यहां तक कि सीमावर्ती खेतों से किसानों द्वारा मिट्टी उठाए जाने के कार्य को रोकने के लिए पाकिस्तानी गोलियां चलाने में जरा भी परहेज नहीं करते। यह मामला गत वर्ष तीन जून का है, जब सीमावर्ती गांव पिंडी कदोयाल के किसान खेतों को समतल करने के लिए जेसीबी की मदद से मिट्टी उठा रहे थे। हालांकि पाकिस्तानी रेंजरों द्वारा की गई गोलीबारी से किसान तो बाल-बाल बच गए, मगर जेसीबी के दो पहिये बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। मजबूरन किसानों को कार्य बंद करना पड़ा था। स्थानीय किसानों के अनुसार करीब एक माह में धान की रोपाई का कार्य भी शुरू हो जाएगा, जिससे यह कार्य भी लगभग दावं पर लग चुका है।
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