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Ceasefire: 'मां को वापस लाओ...मुझे दुल्हन कौन बनाएगा', पाकिस्तानी गोलाबारी में मरने वाली महिला की बेटी का दर्द
Sat, 10 May 2025 02:04 PM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
Published by: शाहरुख खान
Updated Sat, 10 May 2025 02:04 PM IST
सार
बारामुला के उड़ी में बच्चों को लेकर सुरक्षित ठिकाने पर जा रही महिला की पाकिस्तान की गोलाबारी में मौत हो गई। अगले महीने महिला की बेटी की शादी थी। बेटी ने बिलखते हुए कहा कि मां को वापस लाओ, मुझे दुल्हन कौन बनाएगा?
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महिला की मौत के बाद बिलखते परिजन
- फोटो : संवाद
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विस्तार
पाकिस्तान लगातार निर्दोष नागरिकों को निशाना बना रहा है। पाकिस्तान ने उड़ी के रजरवानी गांव में गोलाबारी की। गोलाबारी से बचने के लिए नौ लोगों का एक परिवार सुरक्षित जगह पर जा रहा था, मगर वे पाकिस्तान की बमबारी की चपेट में आ गए, जिसमें 40 वर्षीय महिला नरगिस बेगम की मौत हो गई और परिवार के तीन अन्य लोग घायल हो गए।
मृतक महिला के देवर मोहम्मद शफी ने बताया कि हम गांव से सुरक्षित स्थान पर पहुंचने के लिए वाहन का इंतजार कर रहे थे, मगर किसने सोचा होगा कि जिंदगी की तलाश में हम एक जीवन खो देंगे? सीमापार की गोलीबारी ने हमें नष्ट कर दिया है।
उन्होंने कहा कि हमने जन्म से ही ऐसी गोलाबारी देखी है, मगर इस बार हालात अलग ही हैं। यहां दिन और रात में कोई अंतर नहीं है। हर सेकंड भारी हो रहा है। मृतक की बहन तस्वीर बेगम ने बताया, हम चिल्ला रहे थे, रो रहे थे, डर से घिरे हुए थे। एक ऐसा डर जो हमें हमेशा सताता रहेगा। हमने अपनी बहन को खो दिया। उनके पति अस्थमा के मरीज हैं। अगले महीने उसकी बेटी की शादी भी थी।
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नरगिस आया का काम करती थी, स्कूली बच्चों के लिए दोपहर का भोजन तैयार करती थी। तस्वीर ने मोदी सरकार से यह अपील भी की कि मेरी बहन के परिवार को मत भूलना और पाकिस्तान को बिलकुल भी न छोड़ना।
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मृतक महिला के देवर मोहम्मद शफी ने बताया कि हम गांव से सुरक्षित स्थान पर पहुंचने के लिए वाहन का इंतजार कर रहे थे, मगर किसने सोचा होगा कि जिंदगी की तलाश में हम एक जीवन खो देंगे? सीमापार की गोलीबारी ने हमें नष्ट कर दिया है।
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उन्होंने कहा कि हमने जन्म से ही ऐसी गोलाबारी देखी है, मगर इस बार हालात अलग ही हैं। यहां दिन और रात में कोई अंतर नहीं है। हर सेकंड भारी हो रहा है। मृतक की बहन तस्वीर बेगम ने बताया, हम चिल्ला रहे थे, रो रहे थे, डर से घिरे हुए थे। एक ऐसा डर जो हमें हमेशा सताता रहेगा। हमने अपनी बहन को खो दिया। उनके पति अस्थमा के मरीज हैं। अगले महीने उसकी बेटी की शादी भी थी।
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नरगिस आया का काम करती थी, स्कूली बच्चों के लिए दोपहर का भोजन तैयार करती थी। तस्वीर ने मोदी सरकार से यह अपील भी की कि मेरी बहन के परिवार को मत भूलना और पाकिस्तान को बिलकुल भी न छोड़ना।
अब मुझे दुल्हन कौन बनाएगा?
मृतक की सबसे छोटी बेटी सनम (16) एक अंधेरे कोने में बैठी थी, उसके चेहरे पर आंसू बह रहे थे। रोते हुए उसने कहा, इस उम्र में सपने कैसे टूट सकते हैं? मैं अपनी मां के बिना कैसे रह सकती हूं? हम सुरक्षा की तलाश में बारामुला के लिए घर से निकले थे, लेकिन वहां पहुंचने से पहले ही मैंने अपनी मां को खो दिया। अब मुझे दुल्हन कौन बनाएगा। प्रधानमंत्री मोदी से उसने भी अपील की, मोदी जी, आपने जो भी किया है, हम आपके साथ खड़े हैं, लेकिन कृपया हमें और हमारे परिवारों को असहाय न छोड़ें।
मृतक की सबसे छोटी बेटी सनम (16) एक अंधेरे कोने में बैठी थी, उसके चेहरे पर आंसू बह रहे थे। रोते हुए उसने कहा, इस उम्र में सपने कैसे टूट सकते हैं? मैं अपनी मां के बिना कैसे रह सकती हूं? हम सुरक्षा की तलाश में बारामुला के लिए घर से निकले थे, लेकिन वहां पहुंचने से पहले ही मैंने अपनी मां को खो दिया। अब मुझे दुल्हन कौन बनाएगा। प्रधानमंत्री मोदी से उसने भी अपील की, मोदी जी, आपने जो भी किया है, हम आपके साथ खड़े हैं, लेकिन कृपया हमें और हमारे परिवारों को असहाय न छोड़ें।
50 परिवार गुरुद्वारे में ठहरे
पाकिस्तान ने कई दिनों से लगातार उत्तरी कश्मीर के उड़ी और कुपवाड़ा में सीमावर्ती क्षेत्रों पर गोलाबारी की है। इस बीच, अधिकारियों ने अधिक से अधिक परिवारों को बारामुला और उसके बाहरी इलाकों में सुरक्षित पहुंचा दिया है। करीब 50 परिवारों को गुरुद्वारा चट्टी पातशाही बारामुला में ठहराया गया है। गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी बारामुला के अध्यक्ष परमजीत सिंह ने कहा, हम अपने उन साथी लोगों के साथ खड़े हैं जो इस कठिन दौर से गुजर रहे हैं।
पाकिस्तान ने कई दिनों से लगातार उत्तरी कश्मीर के उड़ी और कुपवाड़ा में सीमावर्ती क्षेत्रों पर गोलाबारी की है। इस बीच, अधिकारियों ने अधिक से अधिक परिवारों को बारामुला और उसके बाहरी इलाकों में सुरक्षित पहुंचा दिया है। करीब 50 परिवारों को गुरुद्वारा चट्टी पातशाही बारामुला में ठहराया गया है। गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी बारामुला के अध्यक्ष परमजीत सिंह ने कहा, हम अपने उन साथी लोगों के साथ खड़े हैं जो इस कठिन दौर से गुजर रहे हैं।
पुंछ में गोलाबारी, एक मोहल्ले में गिरे छह गोले, चार घर क्षतिग्रस्त
पाकिस्तानी सेना ने पुंछ नगर को निशाना बनाकर भारी गोलाबारी की। वीरवार रात से लेकर शुक्रवार तड़के तक पाकिस्तानी सेना ने एक मोहल्ले में छह गोले गिराए, जिससे चार मकान बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। वहीं पाकिस्तानी गोलाबारी से पीड़ित लोगों ने मोहम्मद शरीफ, बलबीर सिंह, बलविंद्र सिंह और गुरचरण सिंह ने केंद्र सरकार से पाकिस्तान को सबक सिखाने और उसके चार टुकड़े करने की मांग करते हुए कहा कि हम पिछले 40 साल से कुर्बानी दे रहे हैं और अब एक बार में फैसला हो जाना चाहिए, ताकि हमारी आने वाली पीढ़ी को यह सब न देखना पड़े।
पाकिस्तानी सेना ने पुंछ नगर को निशाना बनाकर भारी गोलाबारी की। वीरवार रात से लेकर शुक्रवार तड़के तक पाकिस्तानी सेना ने एक मोहल्ले में छह गोले गिराए, जिससे चार मकान बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। वहीं पाकिस्तानी गोलाबारी से पीड़ित लोगों ने मोहम्मद शरीफ, बलबीर सिंह, बलविंद्र सिंह और गुरचरण सिंह ने केंद्र सरकार से पाकिस्तान को सबक सिखाने और उसके चार टुकड़े करने की मांग करते हुए कहा कि हम पिछले 40 साल से कुर्बानी दे रहे हैं और अब एक बार में फैसला हो जाना चाहिए, ताकि हमारी आने वाली पीढ़ी को यह सब न देखना पड़े।
यह तो ऊपर वाले का शुक्र है कि हम रात को मकानों के निचले हिस्से में थे जिसके चलते हम बच गए। हमें अब पाकिस्तान की तरफ से दिया जाने वाला पुलवामा, पहलगाम, उड़ी आदि जैसा गम नहीं चाहिए। हमें पाकिस्तान का सफाया चाहिए।
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