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Jammu News: अब भूख हड़ताल करेंगे इंटर्न, मरीजों की बढ़ेगी परेशानी
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जीएमसी में ओपीडी गेट के सामने धरना देते इंटर्न डॉक्टर्स। सौ.स्वयं
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- अवकाश पर इमरजेंसी के मरीजों का बढ़ा दबाव, रेजिडेंट्स चिकित्सक संभालेंगे व्यवस्था
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। राजकीय मेडिकल कॉलेज (जीएमसी) में स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे इंटर्न डॉक्टरों का प्रदर्शन अब और उग्र हो गया है। सरकार से अब तक कोई ठोस आश्वासन न मिलने से नाराज इंटर्न ने विरोध तेज करते हुए अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू करने का अल्टीमेटम दिया है। डॉक्टरों के इस सख्त रुख के बाद जीएमसी की स्वास्थ्य व्यवस्थाएं चरमराने की आशंका है। इससे मरीजों की परेशानियां बढ़ेंगी।
इंटर्न डॉक्टरों और प्रशासन के बीच तनातनी बनी हुई है। जीएमसी में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति बिगड़ने लगी है। इंटर्न डॉक्टरों के पूरी तरह काम बंद कर भूख हड़ताल पर बैठने से ओपीडी, वार्डों की नियमित जांच और आपातकालीन सेवाओं में ड्यूटी कर रहे रेजिडेंट्स डॉक्टर व स्टाफ पर लगातार दबाव बढ़ता जा रहा। सबसे अधिक परेशान ग्रामीण इलाकों से पहुंचे मरीजों को हो रही है।
सुबह से ही पर्ची काउंटर के बाहर मरीजों की कतारें लग रही हैं। डॉक्टरों की कमी से घंटों इंतजार के बाद भी कई लोगों को बिना इलाज के लौटना पड़ रहा है। श्रीनगर में बैठक से लौटने के बाद इंटर्न डॉक्टरों के प्रतिनिधियों ने साथियों के साथ विस्तृत चर्चा की।
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इनका कहना है कि लंबे समय से स्टाइपेंड में बढ़ोतरी, काम के घंटे तय करने और बेहतर कार्य स्थितियों की मांग को लेकर शांतिपूर्ण विरोध जता रहे हैं। अस्पताल प्रशासन और संबंधित अधिकारियों की बेरुखी से उन्हें यह कदम उठाने के लिए मजबूर होना पड़ा है।
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दिनभर चला बैठकों का दौर
आश्वासनों पर नहीं माने डॉक्टर
इंटर्न डॉक्टरों के प्रतिनिधिमंडल की शुक्रवार सुबह 9:30 बजे मुख्यमंत्री के सलाहकार से मुलाकात हुई। बैठक में प्रतिनिधियों ने मांगों को रखा। मौखिक आश्वासन दिया गया, लेकिन डॉक्टरों ने इसे स्वीकार करने से इनकार करते हुए लिखित आदेश की मांग की। इसके बाद दोपहर 2:30 बजे समाज कल्याण, स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री सकीना इत्तू के साथ डॉक्टरों की लगभग दो घंटे तक बैठक हुई। बैठक में विभिन्न तर्कों के माध्यम से आंदोलन समाप्त कराने का प्रयास किया गया, लेकिन प्रतिनिधिमंडल मांगों पर अडिग रहा।
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आंदोलनकारी डॉक्टरों के प्रतिनिधियों से बातचीत की कोशिश चल रही है। वरिष्ठ डॉक्टरों की वैकल्पिक ड्यूटी लगाकर सेवाओं को सुचारु रखने का प्रयास किया जा रहा है। इंटर्न डॉक्टर के न होने से स्वास्थ्य सेवाओं पर किसी तरह का असर नहीं है।
- डाॅ. वीरेंद्र, प्रभारी, जीएमसी, जम्मू
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अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। राजकीय मेडिकल कॉलेज (जीएमसी) में स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे इंटर्न डॉक्टरों का प्रदर्शन अब और उग्र हो गया है। सरकार से अब तक कोई ठोस आश्वासन न मिलने से नाराज इंटर्न ने विरोध तेज करते हुए अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू करने का अल्टीमेटम दिया है। डॉक्टरों के इस सख्त रुख के बाद जीएमसी की स्वास्थ्य व्यवस्थाएं चरमराने की आशंका है। इससे मरीजों की परेशानियां बढ़ेंगी।
इंटर्न डॉक्टरों और प्रशासन के बीच तनातनी बनी हुई है। जीएमसी में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति बिगड़ने लगी है। इंटर्न डॉक्टरों के पूरी तरह काम बंद कर भूख हड़ताल पर बैठने से ओपीडी, वार्डों की नियमित जांच और आपातकालीन सेवाओं में ड्यूटी कर रहे रेजिडेंट्स डॉक्टर व स्टाफ पर लगातार दबाव बढ़ता जा रहा। सबसे अधिक परेशान ग्रामीण इलाकों से पहुंचे मरीजों को हो रही है।
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सुबह से ही पर्ची काउंटर के बाहर मरीजों की कतारें लग रही हैं। डॉक्टरों की कमी से घंटों इंतजार के बाद भी कई लोगों को बिना इलाज के लौटना पड़ रहा है। श्रीनगर में बैठक से लौटने के बाद इंटर्न डॉक्टरों के प्रतिनिधियों ने साथियों के साथ विस्तृत चर्चा की।
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इनका कहना है कि लंबे समय से स्टाइपेंड में बढ़ोतरी, काम के घंटे तय करने और बेहतर कार्य स्थितियों की मांग को लेकर शांतिपूर्ण विरोध जता रहे हैं। अस्पताल प्रशासन और संबंधित अधिकारियों की बेरुखी से उन्हें यह कदम उठाने के लिए मजबूर होना पड़ा है।
दिनभर चला बैठकों का दौर
आश्वासनों पर नहीं माने डॉक्टर
इंटर्न डॉक्टरों के प्रतिनिधिमंडल की शुक्रवार सुबह 9:30 बजे मुख्यमंत्री के सलाहकार से मुलाकात हुई। बैठक में प्रतिनिधियों ने मांगों को रखा। मौखिक आश्वासन दिया गया, लेकिन डॉक्टरों ने इसे स्वीकार करने से इनकार करते हुए लिखित आदेश की मांग की। इसके बाद दोपहर 2:30 बजे समाज कल्याण, स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री सकीना इत्तू के साथ डॉक्टरों की लगभग दो घंटे तक बैठक हुई। बैठक में विभिन्न तर्कों के माध्यम से आंदोलन समाप्त कराने का प्रयास किया गया, लेकिन प्रतिनिधिमंडल मांगों पर अडिग रहा।
आंदोलनकारी डॉक्टरों के प्रतिनिधियों से बातचीत की कोशिश चल रही है। वरिष्ठ डॉक्टरों की वैकल्पिक ड्यूटी लगाकर सेवाओं को सुचारु रखने का प्रयास किया जा रहा है। इंटर्न डॉक्टर के न होने से स्वास्थ्य सेवाओं पर किसी तरह का असर नहीं है।
- डाॅ. वीरेंद्र, प्रभारी, जीएमसी, जम्मू

जीएमसी में ओपीडी गेट के सामने धरना देते इंटर्न डॉक्टर्स। सौ.स्वयं