सीबीआई का छापा: लॉकडाउन में काम छोड़ चुके मजदूरों के पीएफ खातों से निकाल लिए करोड़ों, कई अफसर नपेंगे
सीबीआई ने कई तरह के रिकॉर्ड जब्त कर लिए हैं। मामले में जांच जारी है। जेकेईपीएफओ के अफसरों और कर्मियों से पूछताछ की गई है। देर रात तक सीबीआई की टीम छानबीन कर रही थी।
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जम्मू-कश्मीर कर्मचारी भविष्य निधि संगठन में करोड़ों के घोटाले का मामला उजागर हुआ है। लॉकडाउन में घर पहुंचे हजारों मजदूरों के फर्जी अकाउंट बनाकर उनके खातों से पैसा निकाल लिया गया। इस घोटाले की तह तक जाने के लिए सीबीआई ने सोमवार को जम्मू रेलवे स्टेशन स्थित जेकेईपीएफओ कार्यालय में छापा मारा। इसमें करोड़ों के घोटाले की बात सामने आई है। सीबीआई ने कई तरह के रिकॉर्ड जब्त कर लिए हैं। मामले में जांच जारी है। जेकेईपीएफओ के अफसरों और कर्मियों से पूछताछ की गई है। देर रात तक सीबीआई की टीम छानबीन कर रही थी।
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लॉकडाउन के दौरान जम्मू-कश्मीर के उद्योगों में काम करने वाले हजारों मजदूर घरों को लौट गए। इनके खातों में जब कुछ महीने पैसा जमा नहीं हुआ तो जेकेईपीएफओ कर्मियों एवं अफसरों ने सोचा कि यह लोग वापस नहीं आएंगे। ऐसे में मजदूरों के नाम के फर्जी ईपीएफओ खाते खोले गए। इसके बाद मजदूरों के खातों का पैसा निकाल लिया गया। अब जब हालात सामान्य हुए और मजदूर वापस लौटने लगे और वह अपने पीएफ खातों की जानकारी लेने लगे तो पता चला कि उनके खाते बंद हो गए है। हकीकत में इनके खातों से फर्जी अकाउंट बनाकर पैसा निकाल लिया गया।
15 सदस्यीय टीम ने दी दबिश
सीबीआई के पास कई मजदूरों ने शिकायत दर्ज कराई थी। बताया कि उनके खाते बिना बताए बंद कर दिए गए। सोमवार को सीबीआई के एएसपी महेश कुमार के नेतृत्व वाली 15 सदस्यीय टीम ने ईपीएफओ कार्यालय जम्मू में दबिश दी। कार्रवाई के दौरान सीबीआई की टीम ने सैकड़ों फर्जी खातों की जानकारी जुटाई। रिकॉर्ड खंगालते ही पता चला कि फर्जी ईपीएफओ अकाउंट बनाए गए। फर्जी बैंक खाते खोले गए और उन लोगों के पैसे निकाले गए जो लॉकडाउन में अपने घरों को चले गए। सीबीआई अब जब्त रिकॉर्ड की स्क्रूटनी करेगी। सूत्रों का कहना है कि कई बड़े अफसर इसमें शामिल हैं, जिनसे सीबीआई ने पूछताछ की है।
डाटा हटाया और फर्जी बनाया
जांच में पता चला है कि ईपीएफओ कर्मियों एवं अधिकारियों ने सैकड़ों लोगों के डाटा को कंप्यूटरों से हटा दिया। फिर फर्जी नाम से दोबारा डाटा बनाया गया। इनके नाम पर खाते खोले और डाटाबेस तैयार करके फर्जी लोगों के नाम चढ़ा दिए। सीबीआई की टीम ने कई कंप्यूटर और दस्तावेज जब्त किए हैं। जो डाटा डिलीट किया गया है, उसको दोबारा हासिल करने के लिए कंप्यूटरों को आईटी विभाग के विशेषज्ञों के पास भेजा गया है।
इंजीनियरों की टीम ने खंगाला रिकॉर्ड
जानकारी के अनुसार सीबीआई की टीम में इंजीनियर विंग भी थी। इंजीनियर विंग ने कई कंप्यूटर को चेक किया। जांच में पाया गया कि कंप्यूटरों से पुराना डाटा डिलीट कर नया चढ़ाया गया है। पिछले डेढ़ साल के दौरान ऐसा किया गया है। इंजीनियरों ने कंप्यूटर के उस साफ्टवेयर को भी जब्त कर लिया है, जिसके जरिए फर्जी डाटाबेस तैयार किया गया।