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पुलवामा डीआईसी के पूर्व जीएम के खिलाफ भ्रष्टाचार का केस दर्ज
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श्रीनगर। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने दक्षिण कश्मीर में पुलवामा जिला उद्योग केंद्र (डीआईसी) के पूर्व महाप्रबंधक परवेज और अन्य अफसरों के खिलाफ भ्रष्टाचार का मामला दर्ज किया है। एसीबी ने परवेज के आवास की भी तलाशी ली।
एसीबी प्रवक्ता ने बताया कि डीआईसी पुलवामा में महाप्रबंधक के रूप में वर्ष 2017 में अपनी तैनाती के दौरान परवेज ने औद्योगिक नीति 2016 के साथ 2017 के प्रक्रियात्मक दिशा निर्देशों के का उल्लंघन करते हुए विभिन्न यूनिट धारकों के पक्ष में कथित रूप से भूमि आवंटित की थी।
वर्ष 2016 की औद्योगिक नीति के अनुसार, यूनिट धारकों को भूमि का आवंटन और पट्टे के कामों का निष्पादन राज्य औद्योगिक निगम अथवा राज्य औद्योगिक विकास निगम का प्रक्षेत्र था। महाप्रबंधक ने दिशा-निर्देशों का उल्लंघन कर न केवल आवंटन के आदेश जारी किए, बल्कि नियमों के उल्लंघन में विपरीत भूमि का अधिग्रहण भी किया। साथ ही यूनिट धारकों के साथ लीज डीड भी निष्पादित किए जिसका अधिकार ही जीएम के पास नहीं था।
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प्रवक्ता ने कहा, प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि परवेज ने अपनी तैनाती के दौरान गलत मंशा से इस पूरे घटनाक्रम को अंजाम दिया और पद का दुरुपयोग करते हुए यूनिट धारकों को अनुचित लाभ भी पहुंचाया।
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एसीबी प्रवक्ता ने बताया कि डीआईसी पुलवामा में महाप्रबंधक के रूप में वर्ष 2017 में अपनी तैनाती के दौरान परवेज ने औद्योगिक नीति 2016 के साथ 2017 के प्रक्रियात्मक दिशा निर्देशों के का उल्लंघन करते हुए विभिन्न यूनिट धारकों के पक्ष में कथित रूप से भूमि आवंटित की थी।
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वर्ष 2016 की औद्योगिक नीति के अनुसार, यूनिट धारकों को भूमि का आवंटन और पट्टे के कामों का निष्पादन राज्य औद्योगिक निगम अथवा राज्य औद्योगिक विकास निगम का प्रक्षेत्र था। महाप्रबंधक ने दिशा-निर्देशों का उल्लंघन कर न केवल आवंटन के आदेश जारी किए, बल्कि नियमों के उल्लंघन में विपरीत भूमि का अधिग्रहण भी किया। साथ ही यूनिट धारकों के साथ लीज डीड भी निष्पादित किए जिसका अधिकार ही जीएम के पास नहीं था।
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प्रवक्ता ने कहा, प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि परवेज ने अपनी तैनाती के दौरान गलत मंशा से इस पूरे घटनाक्रम को अंजाम दिया और पद का दुरुपयोग करते हुए यूनिट धारकों को अनुचित लाभ भी पहुंचाया।