28 अप्रैल को बदल जाएगी जम्मू-कश्मीर की राजधानी, दरबार मूव की तैयारियां शुरू
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जम्मू में सरकार का दरबार 28 अप्रैल को बंद हो जाएगा। आठ मई को ग्रीष्मकालीन राजधानी श्रीनगर में दरबार सजेगा। इससे पहले 21 अप्रैल को एडवांस पार्टियां श्रीनगर रवाना होंगी। अब अगले छह महीने तक श्रीनगर से ही राज्य का प्रशासन चलेगा।
श्रीनगर में दरबार को लेकर तैयारियां तेज कर दी गई हैं। सचिवालय सहित अन्य कार्यालयों में जरूरी मरम्मत कार्यों को अंजाम दिया जा रहा है। घाटी में लोकसभा की दो सीटों के उपचुनाव को देखते हुए मुख्यमंत्री तथा ज्यादातर मंत्री चुनाव प्रचार में व्यस्त हैं।
लिहाजा अभी दरबार बंद तथा खुलने की अधिकृत सूचना जारी नहीं हुई है, लेकिन मुलाजिमों को प्रस्तावित तिथि बता दी गई है। कहा जा रहा है कि 15 अप्रैल को दोनों सीटों का परिणाम घोषित होने और 17 अप्रैल को विधान परिषद का चुनाव संपन्न होने के बाद कैबिनेट की बैठक हो सकती है। इसमें जीएसटी सहित कई मसलों पर फैसला लिया जाएगा।
प्रशासनिक फेरबदल भी कर सकती है महबूबा मुफ्ती की सरकार
दरबार मूव से पहले कुछ प्रशासनिक तथा पुलिस विभाग में फेरबदल भी संभव है। श्रीनगर में दरबार रहने के दौरान जम्मू सचिवालय में आवश्यक इंतजाम करने पर भी विचार होगा। कश्मीर हिंसा की वजह से पिछले वर्ष श्रीनगर में सचिवालय में काम लगभग ठप पड़ा रहा।
उम्मीद थी कि जम्मू में राजधानी शिफ्ट होने के बाद यहां लंबित कामों में तेजी आएगी, लेकिन चुनाव तथा अन्य कुछ वजहों से यहां भी लंबित मामलों का त्वरित गति से निपटारा नहीं हो सका। ज्ञात हो कि प्रति वर्ष सर्दियों में छह महीने के लिए जम्मू और गर्मियों में छह महीने के लिए श्रीनगर में दरबार चलता है।