{"_id":"5d001564bdec22070063594a","slug":"calm-prevails-second-day-in-village-rasana-of-kathua","type":"story","status":"publish","title_hn":"दूसरे दिन भी रसाना में पसरा रहा सन्नाटा, सुरक्षा के रहे पुख्ता प्रबंध","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दूसरे दिन भी रसाना में पसरा रहा सन्नाटा, सुरक्षा के रहे पुख्ता प्रबंध
Wed, 12 Jun 2019 02:26 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला ब्यूरो, जम्मू
अमर उजाला ब्यूरो, जम्मू
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Wed, 12 Jun 2019 02:26 AM IST
विज्ञापन
गांव रसाना
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पठानकोट की विशेष अदालत की ओर से सोमवार को बहुचर्चित रसाना दुष्कर्म और मर्डर केस का फैसला सुनाए जाने के दूसरे दिन भी रसाना गांव में सन्नाटा पसरा रहा। वहीं, कूटा से लेकर रसाना गांव तक पुलिस और अर्द्धसैनिक बलों के जवान दूसरे दिन भी तैनात रहे। गांव के लोग किसी से भी बात करने को तैयार नहीं हैं।
विज्ञापन
विशाल को कोर्ट की ओर से बरी किए जाने के बाद परिजनों ने राहत की सांस तो ली है, लेकिन मामले में अन्य को मिली सजा पर उनका मानना है कि जांच एकतरफा हुई है। लिहाजा फैसला भी एकत रफा जांच के आधार पर ही सुनाया गया है।
विज्ञापन
विशाल के घर पहुंचने के बाद परिजनों ने मीडिया से बनाई दूरी
रसाना मामले में बरी होकर घर पहुंचे विशाल जगोत्रा के परिवार वाले खुश तो दिखे लेकिन मीडिया से दूरी बनाई रखी। घर में विशाल को मिलने के लिए रिश्तेदारों का तांता लगा रहा। मीडिया से बात करने से उन्होंने साफ इंकार कर दिया। उसके बाद घर के मेन गेट पर ताला लगा दिया। हालांकि घर के भीतर रिश्तेदार आस-पड़ोस के लोग मौजूद रहे।
विज्ञापन
वहीं, इस मामले में गांव के दूसरे आरोपी प्रवेश कुमार के घर पर उसकी मां दूसरे दिन भी बेसुध पड़ी रही। वह बार-बार यही कह रही थी कि मेरा बेटा बेकसूर है, उसे जानबूझकर फंसाया गया है। मीडिया से बात करने के लिए उन्होंने भी साफ मना कर दिया और कहा कि अब क्या कहें और किसको सुनाएं।
पीड़िता के सूने घर की रखवाली कर रही पुलिस
रसाना मामले में आए फैसले के बाद पीड़िता के घर के बाहर सुरक्षा बढ़ा दी गई। पुलिस के दो जवान दो शिफ्ट में तैनात रहेंगे। हालांकि पीड़िता के परिजन अप्रैल माह में ही यहां से चले गए हैं।
जानकारी के अनुसार हर वर्ष यह लोग गर्मी बढ़ने पर पहाड़ी इलाकों की ओर चले जाते हैं। इनके खाली मकान को कोई निशाना न बनाए जिसके लिए यहां पुलिस की तैनाती की गई है। पुलिस के दो जवान दिन-रात पहरा देते रहेंगे।