{"_id":"69713960393202010205221e","slug":"business-news-jammu-news-c-10-jmu1052-817151-2026-01-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jammu News: एमएसएमई की स्थिति सुधारने पर सरकार का जोर, समयबद्ध कार्ययोजना के निर्देश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jammu News: एमएसएमई की स्थिति सुधारने पर सरकार का जोर, समयबद्ध कार्ययोजना के निर्देश
विज्ञापन
बैठक में मौजूद मुख्य सचिव अटल डुल्लू व अन्य अधिकारी स्रोत - सूचना विभाग
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
- मुख्य सचिव ने एमएसएमई हेल्थ क्लिनिक की प्रगति की समीक्षा की
जम्मू। मुख्य सचिव अटल डुल्लू ने प्रदेश में एमएसएमई की स्थिति का समग्र आकलन करने के लिए उद्योग और वाणिज्य विभाग को समयबद्ध कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि सभी जिलों में तय समयसीमा के भीतर एमएसएमई का विश्लेषण किया जाए, ताकि कमजोर इकाइयों की समय रहते पहचान कर उन्हें संभाला जा सके।
मुख्य सचिव ने यह निर्देश उद्योग विभाग की बैठक में एमएसएमई हेल्थ क्लिनिक की प्रगति की समीक्षा के दौरान दिए। उन्होंने योजना की नियमित निगरानी पर भी जोर दिया। उद्योग और वाणिज्य विभाग के आयुक्त सचिव विक्रमजीत सिंह ने बताया कि एमएसएमई स्वास्थ्य क्लिनिक को 30.64 करोड़ से लागू किया जा रहा है। प्रदेश को एमएसएमई प्रदर्शन सुधार योजना के तहत 74.03 करोड़ रुपये की स्वीकृति मिली है, जिसमें 66.63 करोड़ रुपये केंद्र सरकार और 7.40 करोड़ रुपये प्रदेश सरकार ने दिए है।
जेकेटीपीओ के एमडी सुदर्शन कुमार ने बताया कि अब तक 417 एमएसएमई को पोर्टल पर जोड़ा जा चुका है। इनमें 75 इकाइयां उबरने योग्य पाई गई हैं, एक इकाई गंभीर रूप से कमजोर है और 340 इकाइयां स्थिर स्थिति में हैं। दो इकाइयों की जांच रिपोर्ट तैयार की जा चुकी है। प्रदेश में 8.12 लाख एमएसएमई हैं। योजना के तहत 959 एमएसएमई को वित्तीय पुनर्वास सहायता देने का लक्ष्य है, जिसमें प्रति इकाई औसतन 2.77 लाख रुपये की सहायता प्रस्तावित है। अब तक 3.86 करोड़ रुपये जारी किए जा चुके हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
जम्मू। मुख्य सचिव अटल डुल्लू ने प्रदेश में एमएसएमई की स्थिति का समग्र आकलन करने के लिए उद्योग और वाणिज्य विभाग को समयबद्ध कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि सभी जिलों में तय समयसीमा के भीतर एमएसएमई का विश्लेषण किया जाए, ताकि कमजोर इकाइयों की समय रहते पहचान कर उन्हें संभाला जा सके।
मुख्य सचिव ने यह निर्देश उद्योग विभाग की बैठक में एमएसएमई हेल्थ क्लिनिक की प्रगति की समीक्षा के दौरान दिए। उन्होंने योजना की नियमित निगरानी पर भी जोर दिया। उद्योग और वाणिज्य विभाग के आयुक्त सचिव विक्रमजीत सिंह ने बताया कि एमएसएमई स्वास्थ्य क्लिनिक को 30.64 करोड़ से लागू किया जा रहा है। प्रदेश को एमएसएमई प्रदर्शन सुधार योजना के तहत 74.03 करोड़ रुपये की स्वीकृति मिली है, जिसमें 66.63 करोड़ रुपये केंद्र सरकार और 7.40 करोड़ रुपये प्रदेश सरकार ने दिए है।
विज्ञापन
जेकेटीपीओ के एमडी सुदर्शन कुमार ने बताया कि अब तक 417 एमएसएमई को पोर्टल पर जोड़ा जा चुका है। इनमें 75 इकाइयां उबरने योग्य पाई गई हैं, एक इकाई गंभीर रूप से कमजोर है और 340 इकाइयां स्थिर स्थिति में हैं। दो इकाइयों की जांच रिपोर्ट तैयार की जा चुकी है। प्रदेश में 8.12 लाख एमएसएमई हैं। योजना के तहत 959 एमएसएमई को वित्तीय पुनर्वास सहायता देने का लक्ष्य है, जिसमें प्रति इकाई औसतन 2.77 लाख रुपये की सहायता प्रस्तावित है। अब तक 3.86 करोड़ रुपये जारी किए जा चुके हैं।
विज्ञापन