खराब खाने की शिकायत करने वाला BSF जवान तेज बहादुर नौकरी से बर्खास्त
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
खराब खाने का वीडियो सोशल मीडिया पर अपलोड करने वाले बीएसएफ जवान तेज बहादुर को नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया है। इससे अब उनको सर्विस का किसी तरह का कोई लाभ नहीं मिलेगा। तेज बहादुर ने इस कार्रवाई पर दुख व्यक्त किया है और इसकी लड़ाई सरकार से लड़ने की बात कही है।
बीएसएफ के आईजी राम अवतार ने कार्रवाई की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि जवान तेज बहादुर ने बीएसएफ के नियमों का उल्लंघन किया है। उसने अनुशासन तोड़ा है। यदि उसे कोई परेशानी थी तो वह अपने सीनियर अधिकारियों को बताता। इस तरह से सोशल मीडिया पर वीडियो डालना उचित नहीं। कई महीने जांच करने के बाद हर पहलू को देखते हुए तेज बहादुर को दोषी पाया गया है। इसलिए उसे नौकरी से बर्खास्त किया गया है।
उल्लेखनीय है कि राजस्थान के रहने वाले बीएसएफ जवान तेज बहादुर ने उसे मिलने वाले खाने का वीडियो फेसबुक पर अपलोड किया था। इसमें बताया था कि इस तरह खराब खाना दिया जाता है। इसके बाद देशभर में तेज बहादुर के समर्थन में लोग उतरे। पुंछ जिले में रहते हुए तेज बहादुर ने यह वीडियो अपलोड किया था। इसके बाद उसे सांबा बटालियन में अटैच कर कोर्ट आफ इंक्वायरी शुरू कर दी गई।
'मेरे आवाज उठाने से 70 फीसदी हालात सुधरे'
पत्रकारों से बातचीत करते हुए तेज बहादुर ने कहा है कि उसको नौकरी से बर्खास्त होने का बहुत दुख है। वह गरीब परिवार से संबंध रखता है। नौकरी का उसे कोई लाभ नहीं मिलेगा। इसका असर तो पड़ेगा। लेकिन उन्हें इस बात से खुशी भी है कि उनके आवाज उठाने से 70 फीसदी जवानों को मिलने वाले खाने में सुधार हुआ है।
कहा कि बाकी का कोई और आवाज उठाएगा तो वो भी सुधर जाएगा। तेज बहादुर का कहना है कि वह ज्यादा पढ़ा लिखा नहीं है। उसका फेसबुक पेज उसके बेटे ने बनाया। उसे कोई सुर्खियों में आने का शौक नहीं था। सिर्फ उसने यह चाहा कि जब सभी एक जैसी ड्यूटी देते हैं तो खाने में भेदभाव क्यों।
सांबा में जांच के वक्त तेज बहादुर ने यह भी खुलासा किया कि बीएसएफ अधिकारियों ने उसे अधिकारी होने का रौब दिखाया। नौकरी से बर्खास्त करने पर तेज बहादुर का कहना है कि वह अपनी आवाज को सरकार के समक्ष उठाएगा। ताकि उसे न्याय मिल सके।