कश्मीर में बोर्ड परीक्षाएं शुरू, घाटी में सुरक्षा के कड़े इंतजाम
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राज्य सरकार और जम्मू-कश्मीर स्टेट बोर्ड आफ स्कूल एजूकेशन के लिए सोमवार से कड़ी परीक्षा की घड़ी शुरू हो रही है। कश्मीर संभाग में सोमवार से बोर्ड की परीक्षाएं आरंभ हो रहीं हैं और सरकार के लिए सफलतापूर्वक परीक्षाएं करवाना बड़ी चुनौती है। सोमवार को 10वीं का पहला पेपर है और मंगलवार से 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं आरंभ हो रही हैं।
आठ जुलाई को मुठभेड़ में आतंकी बुरहान की मौत हो जाने के बाद से घाटी में हालात खराब हैं। चार महीने से स्कूलों में शिक्षा प्रभावित है। स्कूली शिक्षा बोर्ड ने सितंबर में तय समय पर बोर्ड परीक्षाएं करवाने का एलान और डेटशीट जारी कर दी थी। विद्यार्थियों व कई राजनीतिक संगठनों ने इसका विरोध किया था।
इसके बावजूद बोर्ड व सरकार परीक्षाएं तय समय पर करवाने के लिए अडे़ रहे। इसी बीच, बोर्ड ने ओपन च्वाइस की छूट का एलान कर दिया। साथ ही मार्च में परीक्षा लेने का भी विकल्प रखा है। शिक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार 98 प्रतिशत विद्यार्थी परीक्षा के लिए एडमिट कार्ड ले चुके हैं।
1 लाख परीक्षार्थी होंगे शामिल
10वीं व 12वीं के करीब एक लाख विद्यार्थियों को परीक्षा देनी है। 12वीं की परीक्षा के लिए बोर्ड ने 484 परीक्षा केंद्र बनाए हैं और इनमें 48000 विद्यार्थी परीक्षा देंगे। 10वीं के लिए 550 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। इनमें 55000 विद्यार्थी परीक्षा देंगे। इस बार निजी स्कूलों में परीक्षा केंद्र नहीं बनाए गए हैं।
परीक्षा के सफल आयोजन के लिए सीईओ और जेडईओ के कार्यालय में कंट्रोल रूम बनाए गए हैं। कमिश्नर सेक्रेटरी स्कूल एजूकेशन शालीन काबरा और शिक्षा निदेशक जम्मू भी लगातार परीक्षा केंद्रों का दौरा करके हालात का जायजा ले रहे हैं।
कश्मीर संभाग में सोमवार से शुरू हो रही बोर्ड परीक्षा को लेकर चीफ एजूकेशन आफिसर (सीईओ) और जोनल एजूकेशन आफिसर (जेडईओ) कार्यालय खुले रखने के आदेश जारी हुए हैं। कश्मीर संभाग में सोमवार को हजारों की संख्या में विद्यार्थी परीक्षा लेंगे। इसलिए सरकार ने छुट्टी के बावजूद सभी सीईओ और जेडईओ कार्यालय को खुला रखने के आदेश दिए हैं।