फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   Blocking bollard plan on hold

Jammu News: ब्लाॅकिंग बोलार्ड के लिए पुलिस को बनाया 490 दिन घनचक्कर

विज्ञापन
Blocking bollard plan on hold
- राजभवनों की सुरक्षा के लिए 32 बोलार्ड लगाने थे, डेढ़ वर्ष तक टेस्टिंग में ही उलझी रही पुलिस
विज्ञापन

- अब कंपनी को कर दिया ब्लैकलिस्ट
अजय मीनिया
जम्मू। गुरुग्राम की एक कंपनी ने जम्मू-कश्मीर पुलिस को जमकर घनचक्कर बनाया। करीब डेढ़ वर्ष तक ब्लाॅकिंग बोलार्ड (अवरुद्ध रक्षास्तंभ) स्थापित करने के नाम पर जेके पुलिस टेस्टिंग प्रक्रिया में ही उलझी रही। अंत में तंग आकर पुलिस ने कंपनी को ब्लैकलिस्ट कर दिया। यह ब्लाॅकिंग बोलार्ड जम्मू और श्रीनगर राजभवन में स्थापित किए जाने थे। इनका सफल प्रयोग होने पर दूसरी जगहों पर इन्हें स्थापित किया जाना था।

जानकारी के अनुसार जम्मू-कश्मीर पुलिस मुख्यालय ने डेढ़ वर्ष पहले जम्मू और श्रीनगर राजभवन के बाहर ब्लाॅकिंग बोलार्ड स्थापित करने के लिए टेंडर जारी किया। इसमें गुरुग्राम की कंपनी आदित्य इंपेक्ट्स टेंडर लेने में सफल हुई। यह टेंडर 32 ब्लाॅकिंग बोलार्ड के लिए था। टेंडर मिलने के बाद डीआईजी श्रीनगर जो कि इस पूरी प्रक्रिया की समिति का नेतृत्व कर रहे थे, वह दिल्ली के राओ तुला राम आरके पुरम पहुंचे। जहां कंपनी की ओर से इसकी टेस्टिंग का बंदोबस्त करवाया गया। टेस्टिंग के वक्त डीआईजी ने इसमें कुछ खामियां पाईं और पुलिस मुख्यालय जम्मू को सूचित किया। पुलिस मुख्यालय ने इन खामियों को कंपनी के साथ साझा किया। साथ ही गुजारिश की कि हमने जो कुछ बताया था, उसके मुताबिक ब्लाॅकिंग बोलार्ड मुहैया कराएं। कंपनी ने पुलिस मुख्यालय से सहमति जताते हुए कहा कि सप्लाई के वक्त वैसा ही सब होगा, जोकि उनकी जरूरत के हिसाब है। यह भी तय हुआ कि कंपनी राजभवन के बाहर कुछ बोलार्ड इंस्टाॅल करेगी। यदि डीआईजी इनके स्थापित होने से संतुष्ट हुए तो बाकी की सप्लाई होगी। लेकिन कंपनी इससे मुकर गई। फिर से तय हुआ कि वह अपने गुड़गांव कार्यालय में इसका डेमो देगी। पुलिस मुख्यालय इस पर भी सहमत हो गया। डीआईजी फिर से गुरुग्राम इनकी टेस्टिंग देखने के लिए पहुंच गए। जहां भी वह इससे संतुष्ट नहीं हुए। इसके बाद कंपनी और पुलिस मुख्यालय के बीच एक बैठक तय हुई, जिसमें कंपनी को यह बताना था कि यह सब होने का कारण क्या है, लेकिन कंपनी कोई कारण नहीं बता सकी। इस पूरी प्रक्रिया में वर्ष जून 2022 से लेकर दिसंबर 2023 तक 490 दिन लग गए। अब पुलिस ने कंपनी को ही ब्लैकलिस्ट कर दिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed