कट्टरपंथी युवाओं की वजह से कश्मीर के हालात सामान्य होने में हो रही देरीः भाजपा प्रवक्ता
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भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता ब्रिगेडियर अनिल गुप्ता ने कहा कि पांच अगस्त को अनुच्छेद 370 हटने के बाद कश्मीर में आतंकवादियों के समर्थन से कट्टरपंथी युवाओं की वजह से हालात सामान्य होने में देरी हो रही है। गुप्ता ने कहा कि सरकार ने लोगों को राहत पहुंचाने के लिए कई उपाय किए, लेकिन सिविल कर्फ्यू जैसे हालात कट्टरवाद की वजह से उत्पन्न हुए हैं। नेशनल कांफ्रेंस (नेकां) और कांग्रेस धर्मनिरपेक्ष और गैर सांप्रदायिक होने का दावा करने के अलावा अपने आपको आतंकवाद का पीड़ित बताते हैं लेकिन वास्तविकता उनके दावों को खारिज करती है।
शेख अब्दुल्ला के कश्मीर में सियासी नेता के तौर पर मजबूत होने के बाद कश्मीर में कट्टरवाद बढ़ा। कांग्रेस ने शेख अब्दुल्ला के कट्टरवाद के एजेंडे को पूरा समर्थन दिया। 1987 के चुनाव नेकां कांग्रेस की तरफ से की गई गड़बड़ी की वजह से हालात बिगड़े और कश्मीरी युवाओं ने आर्म्स ट्रेनिंग की ओर से रुख किया।
बुरहान वानी के इन काउंटर के बाद नेकां कांग्रेस गठबंधन सरकार ने आतंकवाद और कट्टरवाद पर आधारित प्रदर्शन पर नकेल नहीं कसी। ऐसे में सरकार को कट्टरवादियों से निपटने में मुश्किल समय से गुजरना पड़ रहा है।