जम्मू-कश्मीर में सियासी घमासान: 'भाजपा उमर सरकार को अस्थिर करने की रच रही साजिश', बोले सतीश शर्मा
कैबिनेट मंत्री सतीश शर्मा ने भाजपा पर उमर सरकार को अस्थिर करने की साजिश रचने का आरोप लगाते हुए कहा कि चुनी हुई सरकार का सम्मान किया जाना चाहिए और सरकार गिराने की कोशिश हॉर्स ट्रेडिंग होगी। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने विपक्ष के बयानों पर तंज कसते हुए कहा कि बैठक की सबसे कम जानकारी रखने वाले लोग ही सबसे ज्यादा बयानबाजी कर रहे हैं।
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विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष सुनील कुमार शर्मा ने मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और नेशनल कॉन्फ्रेंस (एनसी) पर रविवार को बेहद तीखा सियासी हमला बोला है। उमर की ओर से तीन जून को अचानक से बुलाई गई पार्टी विधायकों की बैठक से ठीक पहले सुनील शर्मा ने दावा किया कि कुर्सी के लिए उमर अब्दुल्ला जम्मू-कश्मीर का केंद्र शासित प्रदेश से नीचे का दर्जा भी मंजूर कर लेंगे।
सुनील ने कहा कि तीन जून की बैठक और कुछ नहीं बल्कि नेकां की ओर से अपने बिखरते कुनबे को संभालने की एक हताश कोशिश है। ये आपातकालीन बैठक डूबते हुए जहाज को बचाने का एक आखिरी प्रयास है। इससे पहले भी डिप्टी सीएम के घर पर डिनर पार्टी रखी थी जिसमें आपस में हाथापाई हुई और हताश मुख्यमंत्री वहां से गायब हो गए। जब भाजपा ने राम मुंशी बाग थाने में मुख्यमंत्री की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराने की बात कही तब जाकर तीन जून की बैठक का यह पत्र सामने आया। पार्टी व परिवार लगभग पूरी तरह टूट चुका है। शर्मा ने कहा कि सत्ता के भूखे लोग कभी कुर्सी नहीं छोड़ते। कहा, मेरी बात याद रखना, अब्दुल्ला परिवार की आने वाली सात पीढ़ियां भी कभी इस्तीफा नहीं देंगी।
उन्होंने कहा, अगर कभी लद्दाख की तर्ज पर कश्मीर ऑटोनोमस हिल डेवलपमेंट काउंसिल बनती है और उमर उसके एग्जीक्यूटिव काउंसलर बनते हैं तो वह वहां से भी इस्तीफा नहीं देंगे। बशर्ते उनका वीआईपी प्रोटोकॉल और 12 गाड़ियों का काफिला बरकरार रहे।
शर्मा ने आरोप लगाया कि इस परिवार ने अपनी कुर्सी बचाने के लिए 50,000 कश्मीरियों के खून का साैदा किया। एनसी-पीडीपी पर निशाना साधते हुए कहा, ये दल अपने अयोग्य राजकुमारों और राजकुमारियों को सत्ता में बनाए रखने के लिए तथाकथित आंदोलन चला रहे हैं। जनता समझ चुकी है और इस सरकार का गिरना तय है।
सरकार गिरने का सबको इंतजार
शर्मा ने दावा किया कि उमर कुर्सी व राजनीतिक अस्तित्व बचाने के लिए डिनर पार्टियों से लेकर आपात बैठकों का सहारा ले रहे हैं। सरकार का आंतरिक ढांचा व गठबंधन ढह चुका है। जनता व विधायक इंतजार में हैं कि यह सरकार कब आधिकारिक रूप से गिरती है। 3 जून की बैठक का असल लक्ष्य पार्टी में चल रही कलह दबाना है।
उमर सरकार को अस्थिर करना बंद करे भाजपा : सतीश शर्मा
उमर सरकार के कैबिनेट मंत्री सतीश शर्मा ने भाजपा के आरोपों पर पलटवार करते हुए कहा कि भाजपा प्रदेश की चुनी हुई सरकार को अस्थिर करने की साजिश रच रही है। ये लोकतंत्र के लिए पूरी तरह गलत है। भाजपा को लोकतंत्र का पाठ पढ़ाते हुए कहा कि उमर सरकार भी पीएम मोदी की तरह जनता द्वारा चुनी गई है। भाजपा को इस लोकतांत्रिक फैसले का सम्मान करना चाहिए।
विपक्ष के आरोपों पर कैबिनेट मंत्री ने भाजपा नेताओं से कहा कि वे राज्य में नकारात्मक राजनीति के बजाय दिल्ली में जाकर बात रखें। भाजपा को केंद्र पर दबाव बनाना चाहिए ताकि जम्मू-कश्मीर को छीना हुआ पूर्ण राज्य का दर्जा वापस मिल सके जिसका वादा खुद प्रधानमंत्री और गृहमंत्री ने किया था।
सरकार गिराते हैं तो ये हाॅर्स ट्रेडिंग होगी
मंत्री ने कहा, जैसा कि भाजपा नेता चाहते हैं कि सरकार जल्द गिर जाए। ये अच्छी बात नहीं है। वे सरकार गिराते हैं तो ये हाॅर्स ट्रेडिंग होगी। इसका पाप लगेगा व आप कभी सीएम नहीं बन सकते। उन्होंने कहा कि बांटने वाले चप्पे-चप्पे पर खड़े हैं, जोड़ने वाले बहुत कम हैं। विविधिता ही हमारी ताकत है।
जो जानते नहीं, वही बोलते हैं : उमर
सीएम उमर अब्दुल्ला ने नेता प्रतिपक्ष व भाजपा नेता सुनील शर्मा के बैठक के बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। रविवार को उन्होंने कहा कि मुझे यह देखकर अच्छा लगता है कि जिन लोगों को मैंने अपने विधायकों के साथ बुलाई गई बैठक के बारे में सबसे कम जानकारी है, वे ही सबसे ज्यादा बातें कर रहे हैं। एक बात याद रखना-जो जानते हैं, वे बोलते नहीं और जो बोलते हैं,वे विपक्ष में बैठते हैं।
अपनी हार स्वीकारे भाजपा
सतीश शर्मा ने कहा कि प्रदेश की जनता ने भाजपा को अगले 60 माह के लिए पूरी तरह खारिज कर दिया है। वे काेमा में चल रहे हैं। भाजपा को अपनी हार स्वीकार कर लेनी चाहिए। हमारा काम जनता की सेवा करना है और हम सीएम उमर के नेतृत्व में पूरी निष्ठा से काम कर रहे हैं। भाजपा केवल राजनीति करने और सुर्खियां बटोरने में लगी है। उन्हें अपनी नकारात्मक राजनीति छोड़कर चुनी हुई सरकार को जनहित में काम करने देना चाहिए।