विपरीत ध्रुव मिले, विकास के मंत्र पर BJP-PDP सरकार
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जम्मू कश्मीर की सरजमीं पर नए इतिहास की इबारत लिखी जा रही है। सियासत के दो विपरीत ध्रुव अब हमसफर बन गए हैं। भाजपा और पीडीपी के बीच गठबंधन पक्का हो गया है और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सरपरस्ती में नई सरकार के शपथ ग्रहण की सारी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं।
रविवार को जम्मू विश्वविद्यालय का जोरावर सिंह आडिटोरियम इस ऐतिहासिक पल का गवाह बनेगा। मोदी रविवार को इस समारोह को लिए जम्मू पहुंच रहे हैं।
पीडीपी संरक्षक मुफ्ती मोहम्मद सईद दूसरी बार मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने वाले हैं। भाजपा के डा. निर्मल सिंह को उप मुख्यमंत्री का ओहदा मिल रहा है। इसके अलावा 23 और मंत्रियों के शपथ लेने की संभावना है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के लिए व्यक्तिगत
जम्मू कश्मीर के इतिहास में पहली बार भाजपा सरकार का हिस्सा बनने वाली है। मुस्लिम बहुल इस रियासत में भाजपा-पीडीपी की सरकार के गठन को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के लिए व्यक्तिगत रूप से भी बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
विरोधी दल अक्सर मोदी की धर्मनिरपेक्ष छवि पर सवाल उठाते रहे हैं। ऐसे में पीडीपी से गठबंधन को भाजपा अपनी धर्मनिरपेक्षता के प्रमाण पत्र के रूप में पेश कर सकती है। कश्मीर में पीडीपी की छवि ज्यादा कट्टर सियासी दल के रूप में रही है।
मोदी और मुफ्ती का यह मेल नए इतिहास की बुनियाद बन सकता है। इस गठजोड़ के लिए भाजपा और पीडीपी ने दो माह तक मैराथ मंथन किया। दोनों दल अपने स्टैंड पर नरम हुए। लचीले रुख ने विपरीत ध्रुवों को एक मंच पर लाने में मदद की।