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अनुच्छेद 370 हटने से बंद हुई पत्थरबाजी, गिलानी पहले हुर्रियत छोड़ देते तो इतना रक्तपात न होताः कौल
Tue, 07 Jul 2020 02:52 PM IST
प्रशांत कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Published by: प्रशांत कुमार
Updated Tue, 07 Jul 2020 02:52 PM IST
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भाजपा महासचिव अशोक कौल
- फोटो : अमर उजाला
प्रदेश भाजपा के महासचिव अशोक कौल ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 स्थायी नहीं था। इसके हटने के बाद घाटी में पत्थरबाजी बंद हो चुकी है। मुठभेड़ स्थलों पर प्रदर्शन नहीं देखने को मिल रहे और न ही नागरिकों की हत्या हो रही है।
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डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती पर श्रीनगर में उन्होंने कहा कि तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू ने भी कहा था कि अनुच्छेद 370 अस्थायी है। तत्कालीन कानून मंत्री बीआर आंबेडकर ने भी अनुच्छेद 370 को शामिल नहीं किया था, जिसका अर्थ है कि यह एक अस्थायी अनुच्छेद था। फिर 35-ए कहां से आया। इसे एक राष्ट्रपति अधिसूचना के माध्यम से शामिल किया गया था जो गलत था।
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उन्होंने कहा कि सभी क्षेत्रीय दलों ने चाहे वो नेशनल कांफ्रेंस हो या फिर पीडीपी सभी ने सत्ता में रहने के लिए अनुच्छेद 370 और 35-ए को लेकर सियासत ही की। प्रदेश की जनता को बेवकूफ बनाया गया। 70 वर्षों तक अंधकार में रखा गया। सैयद अली शाह गिलानी पर उन्होंने कहा कि अगर पहले हुर्रियत छोड़ने का फैसला लिया होता तो कश्मीर घाटी में शायद ही इतना खून खराबा होता।
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...तो कश्मीर में इतना रक्तपात भी देखने को नहीं मिलता
हुर्रियत के पूर्व चेयरमैन गिलानी के इस्तीफे पर उन्होंने कहा कि गिलानी विधानसभा के सदस्य रह चुके हैं और लोकतंत्र के फायदे जानते हैं। अगर वह पहले ही हुर्रियत को छोड़ देते तो कश्मीर में इतना रक्तपात भी देखने को नहीं मिलता। उन्होंने कोरोना काल में लोगों को राहत पहुंचाने के लिए प्रधानमंत्री मोदी की तरफ से बीस लाख करोड़ के पैकेज और नवंबर तक देश के लोगों को मुफ्त राशन देेने के कदम को जनहित में ऐतिहासिक बताया।