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परिसीमन, सियासत और विकास: तो जम्मू-कश्मीर में होगा बड़ा बदलाव! आयोग के दौरे से पहले उठी ये मांग

Sun, 04 Jul 2021 12:52 PM IST
प्रशांत कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू Published by: प्रशांत कुमार Updated Sun, 04 Jul 2021 12:52 PM IST
सार

जम्मू संभाग में जम्मू, रियासी, उधमपुर और सांबा समेत कई अन्य जिलों से नए निर्वाचन क्षेत्र बनाने की मांग तेज की गई है। कई संगठनों ने जिला उपायुक्तों को ज्ञापन भी सौंप दिए हैं।

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Before Delimitation Commission visit in Jammu and Kashmir, demand for creating new circles from many districts of Jammu division
जम्मू-कश्मीर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

जम्मू-कश्मीर में विधानसभा सीटें बढ़ाने के लिए परिसीमन आयोग के दौरे से पहले ही जम्मू संभाग के कई जिलाें से नए हलके बनाने की मांग तेज हो गई है। कहीं मुश्किल भौगोलिक परिस्थितियों तो कहीं मतदाताओं की ज्यादा संख्या के चलते विधानसभा सीटें बढ़ाने की मांग की जा रही है।

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स्थानीय प्रतिनिधियों ने आयोग के समक्ष इस मांग को उठाने की तैयारी कर ली है। सांबा जिले में कम से कम एक सीट बढ़ाने की मांग उठाई जा रही है। जम्मू के अखनूर क्षेत्र में अखनूर, खौड़ के अलावा एक और सीट बनाने की मांग की गई है। इसी तरह से जम्मू वेस्ट विधानसभा क्षेत्र में एक के बजाय दो सीटें बनाने पर जोर दिया जा रहा है। जम्मू जिले में ही मीरां साहिब को अलग विधानसभा क्षेत्र बनाने की मांग उठाई जा रही है।
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जम्मू और सांबा दोनों ही जिलों में प्रति सीट एक लाख से ज्यादा मतदाता होने का तर्क देकर प्रतिनिधियों ने कहा है कि प्रदेश में 25 से 30 हजार मतदाता संख्या वाले निर्वाचन क्षेत्र भी हैं। इस विसंगति को दूर किया जाना चाहिए। वहीं, उधमपुर जिले के पंचैरी और रियासी जिले में पौनी को अलग विधानसभा क्षेत्र बनाए जाने की मांग तेज की गई है। नए विधानसभा क्षेत्र बनाने की मांग को लेकर विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने जिला उपायुक्तों के माध्यम से अपने ज्ञापन भी सौंप दिए हैं।
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सांबा में विधानसभा सीट बढ़ाने की उठी मांग

केंद्र सरकार जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा दिलाने के लिए तैयार है, लेकिन चुनाव से पहले हदबंदी कराने के पक्ष में केंद्र सरकार है। इसको लेकर परिसीमन आयोग प्रदेश के दौरे पर आने वाला है। आयोग, जिला स्तर पर बातचीत कर रिपोर्ट केंद्र को सौंपेगा। इसको लेकर जिले में सरगर्मियां भी तेज हो गई हैं। स्थानीय लोगों ने सांबा में विधानसभा की एक नई सीट बनाने की मांग उठाई है।

सांबा में आबादी अधिक है, ऐसे में जिले में एक नई विधानसभा सीट बनाई जानी चाहिए। -इंदु जमवाल, पार्षद

जम्मू-कश्मीर में कश्मीरी सियासत का ही बोलबाला रहा है। जम्मू की किसी ने खबर नहीं ली, अब समय आ गया है जम्मू संभाग की बात रखने का। -निलंबर डोगरा, समाजसेवी

सांबा विधानसभा में एक लाख से अधिक मतदाता हैं। जबकि कश्मीर में 25-30 हजार आबादी पर एक विधानसभा क्षेत्र है। सांबा को एक नई विधानसभा सीट दी जाए।-कमल भट्टी, समाजसेवी

जब सांबा को जिले का दर्जा दिया गया तो हीरानगर तहसील के 22 गांवों को जोड़ा गया, इससे क्षेत्र काफी फैल गया है। हम परिसीमन आयोग से सांबा को एक नई विधानसभा की सीट की मांग करते हैं।-सूरज प्रकाश वर्मा, सरपंच वलेतर, सुंब, सांबा।

अखनूर को जिला बनाया जाए, विधानसभा सीट में भी की जाए बढ़ोतरी

परिसीमन आयोग की तरफ से जम्मू-कश्मीर में प्रक्रिया शुरू करने पर सीमावर्ती क्षेत्र अखनूर में तीन उप जिला, सात तहसील होने पर क्षेत्र के विभिन्न राजनीतिक, सामाजिक और निजी संगठनों ने विधानसभा सीट की बढ़ोतरी और अखनूर को जिले दर्जा देने की मांग की है।

भाजपा के नेता और पार्षद करण सिंह ने बताय कि सीमावर्ती अखनूर क्षेत्र में अखनूर और खौड़ विधानसभा की दो सीटों पर दो लाख से भी ज्यादा मतदाता हैं। इसमें में भौगोलिक क्षेत्र भी अधिक है। कई साल से  सरकार से मांग की जाती रही है कि क्षेत्र में दो पर तीन विधानसभा सीटें बनाई जाएं। उन्होंने बताया कि परिसीमन आयोग द्वारा अखनूर के लोगों की जनसंख्या और अधिक क्षेत्रफल होने पर अखनूर को जिले का दर्जा और एक विधानसभा सीट बढ़ाई जाए।

पूर्व सरपंच और पंच देवेंद्र पवार ने कहा कि परिसीमन आयोग द्वारा जम्मू-कश्मीर में प्रक्रिया शुरू करना अच्छा कदम है, जम्मू से लगातार हो रहा भेदभाव खत्म होगा। अखनूर से हो रही लगातार उपेक्षा खत्म होगी। अखनूर और खौड़ की विधानसभा सीट के अलावा एक अन्य सीट बनाई जाए जो जनसंख्या और क्षेत्रफल के आधार पर बनती भी है।

समाजसेवी अशोक मिश्रा ने कहा कि सीमावर्ती अखनूर क्षेत्र राजोरी, रियासी सहित अधिकतर पाकिस्तान सीमा से सटे हैं। अखनूर और खौड़ विधानसभा सीटों की जनसंख्या कश्मीर घाटी में कई सीटों से जनसंख्या दोगुनी है। जबकि 70 किलोमीटर क्षेत्र में फैली है। इसलिए अखनूर को जिला और विधानसभा सीट बढ़ाने के लिए अग्रणी हैं। दुकानदार विक्की ने कहा कि अखनूर और खौड़ विधानसभा क्षेत्र के लोगों की मांग है क्षेत्र में एक अतिरिक्त विधानसभा सीट बनाई जाए।

मीरां साहिब को विधानसभा का दर्जा देने की मांग

मीरां साहिब ब्लॉक को विधानसभा का दर्जा देने की मांग कई संगठनों व राजनीतिक दलों ने की है। माकपा नेता व पूर्व सरपंच किशोर कुमार का कहना है कि मीरां साहिब क्षेत्र में विकास होना चाहिए था, नहीं हो पाया। उपजिले में पहले आरएस पुरा विधानसभा क्षेत्र के अधीन था बाद में सुचेतगढ़ क्षेत्र को विधानसभा का दर्जा दिया गया। मीरां साहिब की अनदेखी की गई। 

जम्मू-कश्मीर पीपुल सेक्युलर फोरम के प्रधान कुंदन लाल शर्मा ने कहा कि आजादी के पूर्व मीरां साहिब में तारपीन कारखाने के साथ क्रिकेट के बल्ले बनाए जाते थे, अब इन्हें बंद कर दिया गया है। क्षेत्र की अनदेखी के चलते यहां कारखाने बंद होने पर सैकड़ों की संख्या में कार्य करने वाले लोग बेघर हो गए। 

पूर्व सरपंच गुरचरण सिंह पम्मा ने कहा कि अब समय की मांग है कि मीरां साहिब क्षेत्र को विधानसभा का दर्जा मिलना चाहिए, ताकि यहां अधिक विकास हो। ब्लॉक के अधीन आठ सरकारी हाई स्कूल व कई गैर सरकारी स्कूल हैं, मीरां साहिब में लड़कियों का ही सरकारी हायर सेकेंडरी स्कूल है। बच्चों को दसवीं के बाद आगे की शिक्षा के लिए जम्मू य आरएस पुरा जाना पड़ता है। 

आम आदमी पार्टी के जम्मू संभाग के संयोजक ओम प्रकाश खजूरिया का कहना है कि मीरां साहिब क्षेत्र आज भी पिछड़ा है। इसका कारण अनदेखी है। कस्बे के मुख्य बाजार सहित कई गांव की सड़कों की हालत जर्जर है। मीरां साहिब विधानसभा क्षेत्र के अधीन होने पर यहां विकास हो पाएगा। परिसीमन आयोग को चाहिए कि यहां के लोगों की भावनाओं को देखते हुए विधानसभा के अधीन किया जाए।

अलग विस क्षेत्र बनने से ही होगा पंचैरी और मोंगरी का विकास

परिसीमन आयोग के जम्मू-कश्मीर दौरे से पहले पंचैरी और मोंगरी तहसील के लोगों ने पंचैरी को अलग विधानसभा क्षेत्र बनाने की मांग को तेज कर दिया है। पंचैरी के लोगों ने अपनी मांग का ज्ञापन डीसी इंदु कंवल को सौंपा है। शिष्टमंडल में डीडीसी जसवीर सिंह, बीडीसी चेयरमैन पंचैरी जीवन शर्मा और डीडीसी मोंगरी बिमला देवी भी शामिल हैं। इनका कहना है कि पंचैरी और मोंगरी को तीन विधानसभा क्षेत्र में विभाजित किया गया है। इसी कारण आज तक इसका विकास नहीं हो सका है।

पंचैरी-मोंगरी तहसील के अंदर कुल 29 पंचायतें हैं। पंचैरी की 13 पंचायत में 30 हजार से अधिक वोटर हैं। मोंगरी की आठ पंचायतों मे 12 हजार से अधिक वोटर है। भमाग ब्लॉक के आठ पंचायतों मे 10 हजार से अधिक वोटर हैं। इन तीनों में करीब 55000 वोटर हैं। इनमें करीब 75 हजार से अधिक आबादी है। इन तीनों को उधमपुर, चिनैनी और रियासी विधानसभा क्षेत्र में बांटा गया है। तीन विधानसभा क्षेत्र में बंटे होने के कारण आज तक पंचैरी, मोंगरी और भमाग का विकास नहीं हो पाया है। परिसीमन आयोग के उधमपुर दौरे की सूचना मिलने के बाद पंचैरी और मोंगरी के लोगों ने अपनी मांग को परिसीमन आयोग के लिए ज्ञापन प्रशासन तक पहुंचाया है।  

सुविधाओं के लिए तरस रहे ग्रामीण

पंचैरी-मोंगरी को पंचैरी-लांदर-भमाग विधानसभा क्षेत्र के दर्जे की सख्त जरूरत है। तीन विधानसभा क्षेत्र में विभाजित होने के कारण आज तक इसका विकास नहीं हो सका है। ग्रामीण आज भी बिजली, पानी, सड़क, शिक्षा व अन्य कई सुविधाओं को तरस रहे हैं। पंचैरी-मोंगरी का अपना नुमाइंदा ही पंचैरी और मोंगरी का विकास करवा सकता है। अलग विधानसभा क्षेत्र की मांग बहुत पुरानी है और अब इस मांग को हर हाल में पूरा किया जाना चाहिए।-बिमला देवी, बीडीसी चेयरमैन मोंगरी

तीन विस क्षेत्र में बांटना दुर्भाग्यपूर्ण
क्षेत्रफल के हिसाब से पंचैरी और मोंगरी बहुत बड़ा क्षेत्र है और तीन विधानसभा क्षेत्रों में बंटा हुआ है। इसको तीन विधानसभा क्षेत्र में बांटना दुर्भाग्यपूर्ण हैं। तीन विधानसभा क्षेत्र में बंटा होने के कारण ग्रामीणों को अपनी समस्याओं को दो जिलो में लेकर जाना पड़ता है। विधानसभा की सीटें बढ़ाने के लिए परीसिमन आयोग ने काम शुरू कर दिया है और इसी को लेकर अब प्रदेश का भी दौरा कर रहे हैं। अब पंचैरी, लांदर भमांग की जनता परिसीमन आयोग के समूह सदस्यों से विनम्र निवेदन करती है कि वह एक बार इस क्षेत्र को जरूर अपनी आंखों से आकर देखें । उनको पता चल जाएगा कि इसका अलग विधानसभा क्षेत्र बनना क्यों जरूरी है।-जीवन शर्मा, बीडीसी चेयरमैन पंचैरी

अब क्षेत्र के लोगों में जगी है उम्मीद
कई वर्षों से पंचैरी और मोंगरी की जनता मांग कर रही है कि उधमपुर जिले की पंचैरी और मोंगरी तहसीलों को केंद्र बनाकर एक अलग पहाड़ी विधानसभा क्षेत्र बनाया जाए। इसमें पंचैरी मोंगरी क्षेत्र से सटी हुई पहाड़ी पंचायतें जोड़ी जा सकती हैं। अभी तक दोनों तहसीलें विकास की दौड़ में पिछड़ती आई हैं। इन पहाड़ी क्षेत्रों के विकास में यह एक नये युग की शुरूआत होगी। इस पूरे क्षेत्र को तीन टुकड़ों में विभाजित किया गया है। पूरा क्षेत्र शिक्षा और आर्थिक आधार के साथ साथ स्वास्थ्य और अन्य मूलभूत सुविधाओं के आधार पर भी अन्य क्षेत्रों से पिछड़ गया है। परिसीमन की घोषणा के बाद अब इस क्षेत्र के लोगों में नयी उम्मीद जगी है। -जसवीर सिंह, डीडीसी, पंचैरी

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