जम्मू-कश्मीरः शहद का उत्पादन बढ़ाने के लिए रियासी में बनेगा मधुमक्खी गांव
- जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में खेती को उद्यम से जोड़ने के लिए नाबार्ड ने मंजूर किए 21 प्रोजेक्ट
- खेतीबाड़ी तकनीक से जुड़ेगी, युवाओं के लिए पैदा होंगे रोजगार के अवसर
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प्रदेश में खेती को तकनीक से जोड़कर उद्यम बनाने की तैयारी की जा रही है। राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) ने जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के लिए 21 प्रोजेक्ट मंजूर किए हैं। इनमें रियासी जिले में शहद उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए मधुमक्खी गांव विकसित किया जाएगा। इसी तरह से अन्य जिलों में मशरूम, डेयरी क्षेत्र के लिए अजोला चारा यूनिट, बागवानी व अन्य कृषि गतिविधियों को उद्यम के तौर पर चलाया जाएगा। प्रयोग सफल होने पर इसी तर्ज पर प्रदेश भर में ऐसी परियोजनाओं पर काम किया जाएगा। नाबार्ड स्वरोजगार के उद्देश्य से काम करेगा, जिससे कृषि उत्पादन में बढ़ोतरी के साथ रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
नाबार्ड की ओर से शुरू किए जाने वाले 21 प्रोजेक्टों में कश्मीर संभाग में छह प्रोजेक्ट होंगे। इसमें कुपवाडा़, अनंतनाग, पुलवामा में एक-एक, जबकि बारामुला, गांदरबल और श्रीनगर जिले में दो-दो प्रोजेक्ट हैं। वहीं जम्मू संभाग के 10 प्रोजेक्टों में जम्मू में चार, कठुआ में पांच, सांबा में तीन, रियासी में तीन और उधमपुर, डोडा में एक-एक प्रोजेक्ट है। लेह में पांच और कारगिल में एक प्रोजेक्ट को मंजूरी मिली है। इन प्रोजेक्ट में नाबार्ड पहले कुछ किसानों को शामिल करेगा, जिसके बाद बड़े स्तर पर इन्हें लागू किया जाएगा। इससे न सिर्फ कृषि क्षेत्र को तकनीक से जोड़ा जाएगा, बल्कि युवाओं के लिए उद्यमिता के अवसर भी उपलब्ध होंगे।
यह हैं कुछ मुख्य प्रोजेक्ट
- रियायी में शहद की पैदावार को बढ़ावा देने के लिए मधुमक्खी गांव स्थापित करना।
- कठुआ में मशरूम उत्पादन को बढ़ावा देने और स्वरोजगार की संभावनाएं बढ़ाने के लिए मशरूम उत्पादकों के लिए स्पॉन प्रोडक्शन यूनिट स्थापित किया जाएगा। पॉली हाउस और नर्सरी में कौशल विकास को बढ़ावा दिया जाएगा।
- कठुआ जिले में सुअर पालन में उद्यमिता विकास के माध्यम से ग्रामीण युवाओं का सशक्तीकरण करना।
- जम्मू में किसानों की आय दोगुनी करने के लिए मैरीगोल्ड के लिए गुणवत्ता के बीज के साथ उत्पादन में प्रौद्योगिकी का उपयोग करना है।
- जम्मू सहित संभाग में आम की किस्मों पर पड़ने वाले प्रभाव को दूर करना।
- उधमपुर, डोडा और रियासी में सब्जियों के विपणन का आर्थिक विश्लेषण करना।
- श्रीनगर और पुलवामा में केसर की खेती को बढ़ावा देना और किसानों की आय दोगुनी करने के लिए स्कॉस्ट कश्मीर द्वारा विकसित केसर प्रौद्योगिकियों का उपयोग करना।
- श्रीनगर, बारामुला और गांदरबल में ग्रामीण क्षेत्रों में अंडा उत्पादन बढ़ाना
नाबार्ड ने जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के किसानों के लिए 21 प्रोजेक्ट मंजूर किए हैं। किसानों की आय दोगुनी करने के साथ खेती को तकनीक से जोड़ने, कृषि क्षेत्र में उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए कार्य किया जाएगा। स्कॉस्ट के साथ मिलकर तकनीक हस्तांतरण पर काम किया जा रहा है।
-अनामिका, डिप्टी जीएम नाबार्ड, जम्मू