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सीमापार से बैट हमले की आशंका, कोर ग्रुप की बैठक में कानून व्यवस्था की स्थिति पर की गई चर्चा
Tue, 04 Aug 2020 03:28 PM IST
प्रशांत कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Published by: प्रशांत कुमार
Updated Tue, 04 Aug 2020 03:28 PM IST
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BAT attack from across border, core group meeting, jammu and kashmir latest news
- फोटो : अमर उजाला
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कश्मीर घाटी में कोर ग्रुप की बैठक में चिनार कोर के कमांडर लेफ्टिनेंट बीएस राजू, डीजीपी दिलबाग सिंह और सुरक्षा से जुड़े अन्य अधिकारियों ने सोमवार को मौजूदा परिस्थितियों में प्रदेश की सुरक्षा की स्थिति की समीक्षा की। बैठक में बताया गया कि अगले कुछ हफ्तों में बैट हमले अथवा इसी तरह की कार्रवाई सीमापार से हो सकती है।
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बैठक में नए जम्मू-कश्मीर की पहली वर्षगांठ पर सुरक्षा स्थिति और केंद्र शासित प्रदेश में कोरोना की चुनौतियों से निपटने की प्रगति की भी समीक्षा की गई। चर्चा के दौरान व्यापक सुरक्षा सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया। इस दौरान एलओसी पर हाल ही में हुई घुसपैठ की कोशिशों और संघर्षविराम उल्लंघन की घटनाओं पर भी विमर्श किया गया।
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अधिकारियों ने बताया कि संवेदनशील क्षेत्रों में सर्विलांस ग्रिड तथा घुसपैठ निरोधक ग्रिड को और अधिक प्रभावी बनाया गया है। इसके कारण ही पिछले कुछ हफ्तों में घुसपैठ की कोशिशों का शीघ्र पता लग गया और नाकाम करने में आसानी रही।
रिपोर्टों से ऐसे संकेत मिले हैं कि पीओके में लांच पैड पर आतंकी घुसपैठ को तैयार बैठे हैं। वह अगले कुछ हफ्तों में बैट कार्रवाई या इसी तरह का कोई दुस्साहस कर सकते हैं। बैठक में यह भी तय किया गया कि आतंकियों के आर्थिक स्त्रोत को काटने के लिए ओजीडब्ल्यू के नेटवर्क को ध्वस्त करने का अभियान चलता रहेगा।
बैठक में बताया कि पिछले एक साल में हिंसा की घटनाएं कम हुई हैं। लेकिन हताश पाकिस्तान तथा अलगाववादी खेमे की ओर से हिंसा की साजिशें की जा सकती हैं ताकि ज्यादा से ज्यादा जान माल का नुकसान हो सके। सुरक्षा एजेंसियों ने राजनीति कार्यकर्ताओं व छुट्टी पर घर आए जवानों पर हमले, आईईडी हमले और अकेले में स्थापित पोस्ट को निशाना बनाए जाने की घटनाओं पर चिंता जाहिर की।
बैठक में यह भी बताया गया कि पिछले साल से स्थानीय युवाओं की भर्ती में कमी आई है, लेकिन पिछले कुछ सप्ताह से इसमें तेजी आई है। तय किया गया कि स्थानीय युवाओं को आतंकी तंजीमों का दामन थामने से रोका जाए। इसके लिए परिवारवालों से संपर्क साधा जाए। साथ ही उन्हें बहकाने वालों को गिरफ्तार किया जाए। बैठक में घाटी में चल रहे विकास कार्यों पर भी चर्चा की गई।
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