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Jammu News: रफियाबाद में ओलावृष्टि से सेब के बागानों को भारी नुकसान
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बारामुला। उत्तर कश्मीर के बारामुला जिले के रफियाबाद और उसके आसपास के इलाकों में शनिवार शाम को भीषण ओलावृष्टि और तेज हवाओं ने तबाही मचा दी। इससे सेब के बागानों और खड़ी धान की फसल को व्यापक नुकसान पहुंचा।
यह ओलावृष्टि उस समय हुई जब सेब की तुड़ाई अपने चरम पर थी जिससे फलों से लदे बागानों के बड़े हिस्से बुरी तरह प्रभावित हुए और धान के कई खेत पूरी तरह से बिछ गए। किसानों ने इसे हाल के वर्षों की सबसे विनाशकारी ओलावृष्टियों में से एक बताया जिसने उनकी महीनों की मेहनत को कुछ ही मिनटों में बर्बाद कर दिया।
डांगीवाचा क्षेत्र के एक किसान गुलाम नबी ने बताया कि ओलों ने हमारे पूरे बागान को तबाह कर दिया है। जो सेब बाजार भेजने के लिए तैयार थे वे अब जमीन पर बिखरे पड़े हैं। पूरे साल की मेहनत कुछ ही पलों में खत्म हो गई।
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रफियाबाद के विभिन्न इलाकों से मिली रिपोर्टों के अनुसार रोहामा, डांगीवाचा, हादीपोरा और सोपोर के कुछ हिस्से सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं। स्थानीय बागवानों ने बताया कि इस बार के ओले असामान्य रूप से बड़े आकार के थे और लगभग 15 मिनट तक लगातार गिरते रहे। साथ ही तेज हवाओं ने बागानों और खेतों को तहस-नहस कर दिया।
स्थानीय लोगों ने बताया कि शाम के समय अचानक काले बादलों के साथ तेज़ हवाएं चलीं और उसके कुछ ही मिनटों बाद भारी ओलावृष्टि शुरू हो गई जिसने छतों, फलों के पेड़ों और फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया।
इस प्राकृतिक आपदा के बाद स्थानीय लोगों ने प्रशासन और कृषि मंत्री जावेद अहमद डार से मांग की है कि वे तुरंत क्षति का आकलन करने के लिए टीमों को प्रभावित इलाकों में भेजें और किसानों को तत्काल राहत प्रदान करें।
एक स्थानीय किसान ने कहा कि सरकार से हमारी अपील है कि तुरंत कदम उठाए जाएं। मुआवजा ही एकमात्र सहारा है जिससे किसान इस भारी नुकसान से उबर सकते हैं।
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यह ओलावृष्टि उस समय हुई जब सेब की तुड़ाई अपने चरम पर थी जिससे फलों से लदे बागानों के बड़े हिस्से बुरी तरह प्रभावित हुए और धान के कई खेत पूरी तरह से बिछ गए। किसानों ने इसे हाल के वर्षों की सबसे विनाशकारी ओलावृष्टियों में से एक बताया जिसने उनकी महीनों की मेहनत को कुछ ही मिनटों में बर्बाद कर दिया।
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डांगीवाचा क्षेत्र के एक किसान गुलाम नबी ने बताया कि ओलों ने हमारे पूरे बागान को तबाह कर दिया है। जो सेब बाजार भेजने के लिए तैयार थे वे अब जमीन पर बिखरे पड़े हैं। पूरे साल की मेहनत कुछ ही पलों में खत्म हो गई।
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रफियाबाद के विभिन्न इलाकों से मिली रिपोर्टों के अनुसार रोहामा, डांगीवाचा, हादीपोरा और सोपोर के कुछ हिस्से सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं। स्थानीय बागवानों ने बताया कि इस बार के ओले असामान्य रूप से बड़े आकार के थे और लगभग 15 मिनट तक लगातार गिरते रहे। साथ ही तेज हवाओं ने बागानों और खेतों को तहस-नहस कर दिया।
स्थानीय लोगों ने बताया कि शाम के समय अचानक काले बादलों के साथ तेज़ हवाएं चलीं और उसके कुछ ही मिनटों बाद भारी ओलावृष्टि शुरू हो गई जिसने छतों, फलों के पेड़ों और फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया।
इस प्राकृतिक आपदा के बाद स्थानीय लोगों ने प्रशासन और कृषि मंत्री जावेद अहमद डार से मांग की है कि वे तुरंत क्षति का आकलन करने के लिए टीमों को प्रभावित इलाकों में भेजें और किसानों को तत्काल राहत प्रदान करें।
एक स्थानीय किसान ने कहा कि सरकार से हमारी अपील है कि तुरंत कदम उठाए जाएं। मुआवजा ही एकमात्र सहारा है जिससे किसान इस भारी नुकसान से उबर सकते हैं।