आजाद बोले: जम्मू-कश्मीर में वर्तमान सरकार से बेहतर महाराजाओं का शासन, दरबार मूव की परंपरा को खत्म करना गलत
प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि महाराजा हरि सिंह ने स्थानीय लोगों के लिए भूमि और नौकरियों की सुरक्षा सुनिश्चित की थी। इसमें बाहरी लोगों को अधिकार नहीं दिए गए। आज इतने वर्षों बाद हम देख रहे हैं कि वर्तमान सरकार अधिक तानाशाह है।
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कांग्रेस के वरिष्ठ नेता व पूर्व मुख्यमंत्री गुलाम नबी आजाद ने कहा कि महाराजाओं का शासन वर्तमान सरकार की तुलना में कहीं बेहतर था। पिछले ढाई साल में जम्मू-कश्मीर में व्यापार और विकास गतिविधियों में गिरावट के साथ लोग गरीबी की ओर बढ़ रहे हैं। पारंपरिक दरबार मूव की प्रथा को खत्म कर दिया गया है। आजाद ने कहा कि दरबार मूव के तहत छह-छह माह नागरिक सचिवालय कार्यालय जम्मू और श्रीनगर में काम करते थे।
महाराजा रणवीर सिंह ने की थी दरबार मूव की व्यवस्था
इसकी शुरुआत महाराजा रणबीर सिंह ने 1872 में की थी, लेकिन उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने गत जून में इस प्रथा को समाप्त करने की घोषणा की थी। मैं हमेशा दरबार मूव का समर्थन करता रहा हूं। महाराजाओं ने हमें तीन चीजें दी जो कश्मीर और जम्मू दोनों क्षेत्रों की जनता के हित में थीं और उनमें से एक दरबार मूव था।
वर्तमान सरकार तानाशाह, युवाओं से रोगजार छीना
यहां आजाद ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि महाराजा हरि सिंह ने स्थानीय लोगों के लिए भूमि और नौकरियों की सुरक्षा सुनिश्चित की और इसमें बाहरी लोगों को अधिकार नहीं दिए गए। आज इतने वर्षों बाद हम देख रहे हैं कि वर्तमान सरकार अधिक तानाशाह है। महाराजा का कदम जनता के कल्याण के लिए था, जबकि वर्तमान सरकार ने हमसें ये तीनों चीजें छीन ली हैं।
जम्मू कश्मीर में रुक गए विकास कार्य
अनुच्छेद 370 को निरस्त करने का जिक्र करते हुए आजाद ने कहा कि पिछले ढाई माह में जम्मू-कश्मीर में जनसभाओं में लोगों के दुख दर्द को सुनाया है। लोग परेशान हैं क्योंकि उनके पास व्यवसाय, नौकरी नहीं है। उच्च कीमतों से हर कोई बेहाल है। विकास कार्य रुक गए हैं। मेरी राय थी कि शहरों के लोग खुश हैं, लेकिन रघुनाथ बाजार, सिटी चौक, कनक मंडी जम्मू के व्यापारियों ने निराशा व्यक्त की है।
जम्मू-कश्मीर में समग्र स्थिति बहुत खराब
पिछले पांच सालों से कारोबार को गति नहीं मिल पाई है। पूरे जम्मू-कश्मीर में समग्र स्थिति बहुत खराब है और हम बुरी तरह से गरीबी की ओर बढ़ रहे हैं। उन्होंने क्षेत्र में बढ़ती राजनीतिक गतिविधियों पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि पिछले दो वर्षों (अगस्त 2019 से) से राजनेताओं ने जनता से संपर्क खो दिया था।
परिसीमन की जम्मू संभाग में छह विधानसभा सीटें बढ़ाने के ड्राफ्ट प्रस्ताव पर आजाद ने कहा कि मेरे लिए जम्मू और कश्मीर एक हैं और इसलिए मैं एक या दूसरे क्षेत्र के लिए पक्ष नहीं ले सकता।