'जेएनयू मामले में अब तक एकतरफा कार्रवाई हुई'
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राज्यसभा में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद ने जेएनयू मामले में अब तक हुई कार्रवाई को एकतरफा बताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री भाजपा के भीतर विभाजनकारी तत्वों पर कार्रवाई करने में नाकाम रहे हैं। मामले में पिक एंड चूज की नीति नहीं चलेगी। भाजपा जब से सत्ता में आई है, उसके कई नेता विभाजनकारी और आपत्तिजनक बयानबाजी कर रहे हैं।
कांग्रेस जेएनयू में लगाए नारों की निंदा करती है, लेकिन सजा एकतरफा नहीं होनी चाहिए। एकतरफा कार्रवाई हुई है। ऐसे मामलों के लिए प्रधानमंत्री और सरकार जिम्मेदार है।
सरकार और भाजपा पर जमकर साधा निशाना
आजाद ने कहा कि आल पार्टी बैठक के दौरान भी उन्होंने प्रधानमंत्री से कहा कि जेएनयू का मामला हो या फिर हैदराबाद का, इसके लिए कौन जिम्मेदार है। अगर आप कार्रवाई नहीं करते तो आप और आपकी सरकार इसके लिए जिम्मेदार है।
प्रधानमंत्री से कहा गया कि जब से भाजपा सत्ता में आई है, मंत्री, पार्टी पदाधिकारी, सांसद से लेकर राज्यपाल तक ऐसे बयान दे रहे हैं, जिससे हिंदू और मुस्लिमों में तनाव की स्थिति पैदा हो रही है।
संसद और इसके बाहर प्रधानमंत्री कह रहे हैं कि सबका साथ सबका विकास, लेकिन अगर आपके पार्टी सदस्य आपके राज्यपाल, मंत्री और सांसद देश को विभाजित करने के बयान देंगे तो इसमें आपकी भी भागीदारी होगी।
परिवार के मुखिया को तय करना है कि किसे सजा देनी है। अगर आप पार्टी सदस्यों को विभाजनकारी बयानबाजी पर सजा नहीं देते तो सबका साथ सबका विकास का नारा लगाने का आपको कोई अधिकार नहीं है।