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साइबर अपराध रोकने की पेंचीदगियां बताईं
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सांबा। पुलिस ने एक्सिस बैंक लिमिटेड के सहयोग से पुलिस मुख्यालय में अधिकारियों, थाना प्रभारी और जांच अधिकारियों के लिए क्षमता निर्माण कार्यक्रम के तहत बैंकिंग धोखाधड़ी पर कार्यशाला का आयोजन किया। इसका उद्देश्य जांच अधिकारियों को विभिन्न प्रकार की बैंक धोखाधड़ी, एटीएम धोखाधड़ी, ओटीपी धोखाधड़ी और साइबर अपराधियों द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली कार्यप्रणाली से परिचित कराना रहा।
एसएसपी राजेश शर्मा ने धोखाधड़ी नियंत्रण इकाई, एक्सिस बैंक लिमिटेड हरजीत सिंह (क्षेत्रीय प्रमुख) चंडीगढ़ और विपेन शर्मा (प्रबंधक, जम्मू-कश्मीर) के संसाधन व्यक्तियों का स्वागत किया और बैंक से संबंधित साइबर धोखाधड़ी से निपटने में कार्यशाला के महत्व पर प्रकाश डाला। एसएसपी ने भाग लेने वाले अधिकारियों से ऐसे साइबर अपराधों में जांच की पेंचीदगियों को जानने का आग्रह किया।
कार्यशाला के दौरान संसाधन व्यक्ति एटीएम धोखाधड़ी, क्रेडिट, डेबिट कार्ड धोखाधड़ी, ओटीपी धोखाधड़ी, फ़िशिंग और अन्य ऑनलाइन लेनदेन संबंधी धोखाधड़ी सहित विभिन्न प्रकार की बैंकिंग धोखाधड़ी पर प्रकाश डाला। इसके अलावा प्रतिभागियों को साइबर अपराधियों द्वारा अपनी मेहनत की कमाई के भोले-भाले नागरिकों को ठगने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले विभिन्न तौर-तरीकों से भी अवगत कराया गया, जैसे कि स्किमिंग, पहचान की चोरी, कभी प्राप्त कार्ड (एनआरसी), गुम/चोरी कार्ड धोखाधड़ी आदि। प्रतिभागियों द्वारा संसाधन व्यक्तियों द्वारा विस्तार से बताया गया। दोनों अतिथि वक्ताओं ने प्रतिभागियों के लिए इसे और अधिक समझने के लिए ऑडियो-विजुअल एड्स का उपयोग करके केस स्टडी के साथ महत्वपूर्ण जानकारी साझा की।
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एसएसपी राजेश शर्मा ने धोखाधड़ी नियंत्रण इकाई, एक्सिस बैंक लिमिटेड हरजीत सिंह (क्षेत्रीय प्रमुख) चंडीगढ़ और विपेन शर्मा (प्रबंधक, जम्मू-कश्मीर) के संसाधन व्यक्तियों का स्वागत किया और बैंक से संबंधित साइबर धोखाधड़ी से निपटने में कार्यशाला के महत्व पर प्रकाश डाला। एसएसपी ने भाग लेने वाले अधिकारियों से ऐसे साइबर अपराधों में जांच की पेंचीदगियों को जानने का आग्रह किया।
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कार्यशाला के दौरान संसाधन व्यक्ति एटीएम धोखाधड़ी, क्रेडिट, डेबिट कार्ड धोखाधड़ी, ओटीपी धोखाधड़ी, फ़िशिंग और अन्य ऑनलाइन लेनदेन संबंधी धोखाधड़ी सहित विभिन्न प्रकार की बैंकिंग धोखाधड़ी पर प्रकाश डाला। इसके अलावा प्रतिभागियों को साइबर अपराधियों द्वारा अपनी मेहनत की कमाई के भोले-भाले नागरिकों को ठगने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले विभिन्न तौर-तरीकों से भी अवगत कराया गया, जैसे कि स्किमिंग, पहचान की चोरी, कभी प्राप्त कार्ड (एनआरसी), गुम/चोरी कार्ड धोखाधड़ी आदि। प्रतिभागियों द्वारा संसाधन व्यक्तियों द्वारा विस्तार से बताया गया। दोनों अतिथि वक्ताओं ने प्रतिभागियों के लिए इसे और अधिक समझने के लिए ऑडियो-विजुअल एड्स का उपयोग करके केस स्टडी के साथ महत्वपूर्ण जानकारी साझा की।
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