{"_id":"60f05eb652b48446325d3955","slug":"attack-on-terror-terror-module-busted-in-bandipora-three-helpers-of-terrorists-arrested","type":"story","status":"publish","title_hn":"आतंक पर प्रहार: बांदीपोरा में टेरर मॉड्यूल का भंडाफोड़, आतंकियों के तीन मददगार गिरफ्तार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आतंक पर प्रहार: बांदीपोरा में टेरर मॉड्यूल का भंडाफोड़, आतंकियों के तीन मददगार गिरफ्तार
Thu, 15 Jul 2021 09:43 PM IST
करिश्मा चिब
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Published by: करिश्मा चिब
Updated Thu, 15 Jul 2021 09:43 PM IST
सार
जानकारी के अनुसार गिरफ्तार किए गए तीनों आतंकी सहयोगी लश्कर-ए-तैयबा के आतंकी शाकिर और ऑपरेशनल कमांडर बाबर के संपर्क में थे, ये दोनों इस समय पीओके में हैं।
विज्ञापन
आतंकियों के मददगार गिरफ्तार
- फोटो : istock
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
जम्मू-कश्मीर की बांदीपोरा पुलिस, 14 आरआर और 3 बीएन सीआरपीएफ ने लश्कर संगठन के तीन आतंकियों के सहयोगियों को गिरफ्तार किया। जिनसे उन्होंने गोला-बारूद, नकली सिम कार्ड, नकली दस्तावेज और अन्य आपत्तिजनक सामग्री के साथ एक पिस्तौल बरामद की। गिरफ्तार व्यक्तियों में सुहैब अह मलिक, एजाज आह नजर और तौसीफ आह शेख शामिल हैं।
विज्ञापन
तीनों सहयोगी लश्कर के संगठन के लिए काम कर रहे थे और अपनी गतिविधियों को आगे बढ़ाने के लिए आतंकियों को नकली सिम कार्ड मुहैया करा रहे थे। जानकारी के अनुसार गिरफ्तार किए गए तीनों आतंकी सहयोगी लश्कर-ए-तैयबा के आतंकी शाकिर और ऑपरेशनल कमांडर बाबर के संपर्क में थे, ये दोनों इस समय पीओके में हैं।
विज्ञापन
यह भी पढ़ें- जम्मू-कश्मीर: जम्मूवासियों को मिलेगा रोपवे का तोहफा, प्रदेश में तीस साल बाद ऐसे किसी रोपवे का हुआ निर्माण
विज्ञापन
बाबर ने इलाके में पुलिस, सुरक्षा बलों और राजनीतिक पदाधिकारियों की निगरानी के लिए आतंकी मॉड्यूल को सौंपा था। बाबर ने तीनों को आने वाले दिनों में तीन एके राइफल की आपूर्ति का भी वादा किया था ताकि वे औपचारिक रूप से आतंकी रैंकों में शामिल हो सकें। उन्हें तब तक हथियार छीनने का काम सौंपा गया जब तक कि हथियारों की खेप की तस्करी और डिलीवरी नहीं हो जाती। इस संबंध में मामला दर्ज करके जांच की जा रही है।