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जम्मू-कश्मीर में विधानसभा सीटों का एक साल में होगा परिसीमन
Sat, 07 Mar 2020 03:47 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू/नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू/नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Sat, 07 Mar 2020 03:47 AM IST
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Jammu and Kashmir Assembly
- फोटो : social media
नवगठित केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर के लिए केंद्र सरकार ने शुक्रवार को परिसीमन आयोग का गठन कर दिया। आयोग का अध्यक्ष सुप्रीम कोर्ट की पूर्व जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई को नियुक्त किया गया है। इस संदर्भ में विधि मंत्रालय ने शुक्रवार को अधिसूचना जारी की।
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यह आयोग पूर्वोत्तर के राज्यों असम, अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर तथा नगालैंड के लिए भी लोकसभा और विधानसभा क्षेत्रों का नए सिरे से परिसीमन करेगा। इसमें कहा गया है कि चुनाव आयुक्त सुशील चंद्रा और जम्मू-कश्मीर तथा अन्य चार राज्यों के चुनाव आयुक्त इसके सदस्य होंगे। आयोग को एक साल में अपनी रिपोर्ट देनी होगी।
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नेकां के तीन सांसद डॉ. फारूक अब्दुल्ला, जस्टिस हसनैन मसूदी व मोहम्मद अकबर लोन तथा भाजपा के जुगल किशोर शर्मा आयोग के सलाहकार सदस्य बनाए जा सकते हैं। राज्य का पुनर्गठन होने के बाद विधानसभा के सदस्यों की संख्या 107 से बढ़कर 114 हो गई है। इनमें 24 सीटें पीओके के लिए आरक्षित की गई हैं।
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कल अस्तित्व में आएगी जम्मू-कश्मीर अपनी पार्टी
पीडीपी के पूर्व नेता सैयद अल्ताफ बुखारी के नेतृत्व में रविवार को जम्मू-कश्मीर अपनी पार्टी अस्तित्व में आ जाएगी। इस नई पार्टी में पीडीपी, कांग्रेस तथा नेकां के नेता शामिल होंगे। पार्टी की घोषणा श्रीनगर में होगी। शुक्रवार को जम्मू और श्रीनगर दोनों स्थानों पर सियासी गतिविधियां काफी तेज रहीं। दिनभर बैठकों का दौर चलता रहा। इस बीच कांग्रेस के दो जिला प्रधानों जिला अर्बन प्रधान विक्रम मल्होत्रा और सांबा जिला प्रधान मंजीत सिंह ने पार्टी छोड़ने का एलान किया है। दोनों अपनी पार्टी में शामिल हो सकते हैं।
पार्टी का झंडा लाल व नीले रंग का होगा। पार्टी से जुड़े लोगों ने बताया कि लगभग 40 पूर्व एमएलए, एमएलसी व प्रमुख नेता घोषणा वाले दिन एक मंच पर रहेंगे। नेशनल कांफ्रेंस के विजय बाकया के भी नई पार्टी का दामन थामने की बात सामने आ रही है। इसके साथ ही रफ ी मीर, उस्मान मजीद, गुलाम हसन मीर, जावेद हुसैन बेग, दिलावर मीर, नूर मोहम्मद, जफर मनहास, अब्दुल मजीद पाडर, अब्दुल रहीम राथर, गगन भगत आदि भी साथ आ सकते हैं।
अल्ताफ बुखारी ने कहा कि मेरा लक्ष्य लोगों को राहत मुहैया करना है। यह मेरी पार्टी के जरिये या सत्ता में आने वाली किसी अन्य पार्टी के जरिए हो सकता है। लोगों के चेहरे पर मुस्कान सुनिश्चित करने के लिए पूरा समर्थन किया जाएगा। नए राजनीतिक परिदृश्य में हर पार्टी को लोगों को पूर्ववर्ती राज्य की बदली हुई हकीकत के बारे में जागरूक करना चाहिए। पूर्ण राज्य की वापसी और नौकरियों एवं शिक्षा क्षेत्रों में मूल निवासियों को प्राथमिकता देने के लिए काम किया जाएगा।
उमर अब्दुल्ला की तारीफ की
बुखारी ने कहा कि वह पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की सराहना करते हैं। उन्हें लगता है कि वह सिद्धांतों पर चलने वाले व्यक्ति हैं और अपने खुद के राजनीतिक लक्ष्यों को लेकर वह कभी भी लोगों को परेशानी में नहीं डालेंगे।