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Jammu News: महिला सशक्तीकरण के संदेश के साथ अस्मिता पेंचक सिलाट लीग संपन्न
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पोलो ग्राउंड के इनडोर स्टेडियम में पेंचक सिलाट प्रतियोगिता के बाद विजेता खिलाड़ी। अमर उजाला
श्रीनगर। तीन दिवसीय अस्मिता पेंचक सिलाट लीग 2025 का पोलो ग्राउंड स्थित इंडोर स्टेडियम में सोमवार को पुरस्कार वितरण के साथ समापन हुआ। 19 से 21 जुलाई तक आयोजित इस प्रतियोगिता में विभिन्न ज़िलों की 500 से ज़्यादा खिलाड़ियों ने हिस्सा लेकर महिला सशक्तीकरण का संदेश दिया।
खेलो इंडिया पहल के तहत आयोजित अस्मिता लीग का उद्देश्य उभरती महिला एथलीटों को एक मंच प्रदान करना और क्षेत्र में एक जीवंत मार्शल आर्ट संस्कृति को बढ़ावा देना था। सोमवार शाम को आयोजित पुरस्कार वितरण समारोह का संचालन प्रतिभागी एथलीटों की माताओं द्वारा किया गया। इस दौरान भारत भर की खिलाड़ियों ने कहा कि इस तरह के आयोजन खेल पर्यटन को बढ़ावा देने, स्थानीय प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने और कश्मीर को वैश्विक खेल मानचित्र पर स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
प्रतिस्पर्धा के अवसरों को और बढ़ावा देने के लिए, जम्मू-कश्मीर पेंचक सिलाट एसोसिएशन 29 जुलाई को श्रीनगर के पोलो ग्राउंड स्थित इंडोर स्टेडियम में 9वें पेंचक सिलाट फेडरेशन कप 2025 के लिए चयन ट्रायल आयोजित करेगा। इसमें विभिन्न भार वर्गों और स्पर्धाओं में जूनियर लड़के और लड़कियों के साथ-साथ वरिष्ठ पुरुष और महिला एथलीट भाग लेंगी।
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एसोसिएशन 7 से 8 अगस्त, 2025 तक आयोजित होने वाली ओपन कश्मीर पेंचक सिलाट चैंपियनशिप का भी आयोजन कर रही है, जो एथलीटों को अपने कौशल का प्रदर्शन करने और क्षेत्र में मार्शल आर्ट को बढ़ावा देने के लिए एक और मंच प्रदान करेगा। जम्मू-कश्मीर खेल परिषद जल्द ही 25 से 30 सितंबर, 2025 तक श्रीनगर में प्रतिष्ठित एशियाई जूनियर पेंचक सिलाट चैंपियनशिप का आयोजन करेगी, जिसमें 15 से अधिक देशों के भाग लेने की उम्मीद है।
लेह, लद्दाख में भी हुई प्रतियोगिता
लेह, लद्दाख में भी 20 और 21 जुलाई को अस्मिता पेंचक सिलाट लीग का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में करीब 150 महिला खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। सोमवार शाम को समापन के दौरान विजेता खिलाड़ियों को पुरस्कार प्रदान किए गए। इस दौरान भारतीय आइस हॉकी महिला टीम की सदस्य पद्मा, माउंट एवरेस्ट विजेता आबिदा आफरीन, जिला खेल अधिकारी त्सेरिंग ताशी, हशाय मालो, कुंजेस अंगमो, शाजिया, सीरत फातिमा, हुमा सलाम आदि मौजूद रहे।
युद्धकला और संस्कृति का मिश्रण है पेंचक सिलाट
पेंचक सिलाट इंडोनेशियाई और मलय द्वीपसमूह की एक पारंपरिक मार्शल आर्ट है। यह न केवल एक युद्ध कला है, बल्कि एक सांस्कृतिक अभ्यास भी है, जिसमें शारीरिक, मानसिक, और आध्यात्मिक पहलुओं को शामिल किया गया है। पेंचक सिलाट की उत्पत्ति मलय द्वीपसमूह (इंडोनेशिया, मलेशिया, सिंगापुर, ब्रुनेई) में हुई है। इसमें कई अलग-अलग शैलियां और तकनीकें शामिल हैं, जिनमें हाथ से हाथ की लड़ाई, हथियार का उपयोग, और आध्यात्मिक अभ्यास शामिल हैं। पेंचक सिलाट को एक प्रतिस्पर्धी खेल के रूप में भी खेला जाता है, और यह दक्षिण पूर्व एशियाई खेलों और एशियाई खेलों जैसे विभिन्न अंतरराष्ट्रीय आयोजनों में शामिल है। पेंचक सिलाट को पेंटजक सिलाट भी कहा जाता है। इसके अभ्यासकर्ताओं को पेसिलैट कहा जाता है।
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खेलो इंडिया पहल के तहत आयोजित अस्मिता लीग का उद्देश्य उभरती महिला एथलीटों को एक मंच प्रदान करना और क्षेत्र में एक जीवंत मार्शल आर्ट संस्कृति को बढ़ावा देना था। सोमवार शाम को आयोजित पुरस्कार वितरण समारोह का संचालन प्रतिभागी एथलीटों की माताओं द्वारा किया गया। इस दौरान भारत भर की खिलाड़ियों ने कहा कि इस तरह के आयोजन खेल पर्यटन को बढ़ावा देने, स्थानीय प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने और कश्मीर को वैश्विक खेल मानचित्र पर स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
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प्रतिस्पर्धा के अवसरों को और बढ़ावा देने के लिए, जम्मू-कश्मीर पेंचक सिलाट एसोसिएशन 29 जुलाई को श्रीनगर के पोलो ग्राउंड स्थित इंडोर स्टेडियम में 9वें पेंचक सिलाट फेडरेशन कप 2025 के लिए चयन ट्रायल आयोजित करेगा। इसमें विभिन्न भार वर्गों और स्पर्धाओं में जूनियर लड़के और लड़कियों के साथ-साथ वरिष्ठ पुरुष और महिला एथलीट भाग लेंगी।
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एसोसिएशन 7 से 8 अगस्त, 2025 तक आयोजित होने वाली ओपन कश्मीर पेंचक सिलाट चैंपियनशिप का भी आयोजन कर रही है, जो एथलीटों को अपने कौशल का प्रदर्शन करने और क्षेत्र में मार्शल आर्ट को बढ़ावा देने के लिए एक और मंच प्रदान करेगा। जम्मू-कश्मीर खेल परिषद जल्द ही 25 से 30 सितंबर, 2025 तक श्रीनगर में प्रतिष्ठित एशियाई जूनियर पेंचक सिलाट चैंपियनशिप का आयोजन करेगी, जिसमें 15 से अधिक देशों के भाग लेने की उम्मीद है।
लेह, लद्दाख में भी हुई प्रतियोगिता
लेह, लद्दाख में भी 20 और 21 जुलाई को अस्मिता पेंचक सिलाट लीग का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में करीब 150 महिला खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। सोमवार शाम को समापन के दौरान विजेता खिलाड़ियों को पुरस्कार प्रदान किए गए। इस दौरान भारतीय आइस हॉकी महिला टीम की सदस्य पद्मा, माउंट एवरेस्ट विजेता आबिदा आफरीन, जिला खेल अधिकारी त्सेरिंग ताशी, हशाय मालो, कुंजेस अंगमो, शाजिया, सीरत फातिमा, हुमा सलाम आदि मौजूद रहे।
युद्धकला और संस्कृति का मिश्रण है पेंचक सिलाट
पेंचक सिलाट इंडोनेशियाई और मलय द्वीपसमूह की एक पारंपरिक मार्शल आर्ट है। यह न केवल एक युद्ध कला है, बल्कि एक सांस्कृतिक अभ्यास भी है, जिसमें शारीरिक, मानसिक, और आध्यात्मिक पहलुओं को शामिल किया गया है। पेंचक सिलाट की उत्पत्ति मलय द्वीपसमूह (इंडोनेशिया, मलेशिया, सिंगापुर, ब्रुनेई) में हुई है। इसमें कई अलग-अलग शैलियां और तकनीकें शामिल हैं, जिनमें हाथ से हाथ की लड़ाई, हथियार का उपयोग, और आध्यात्मिक अभ्यास शामिल हैं। पेंचक सिलाट को एक प्रतिस्पर्धी खेल के रूप में भी खेला जाता है, और यह दक्षिण पूर्व एशियाई खेलों और एशियाई खेलों जैसे विभिन्न अंतरराष्ट्रीय आयोजनों में शामिल है। पेंचक सिलाट को पेंटजक सिलाट भी कहा जाता है। इसके अभ्यासकर्ताओं को पेसिलैट कहा जाता है।