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Jammu News: कागजों में गांव आदर्श<bha>;</bha> मकान कच्चे, 54 परिवार तलाश रहे आशियाना
Tue, 19 Aug 2025 02:07 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जम्मू
संवाद न्यूज एजेंसी, जम्मू
Updated Tue, 19 Aug 2025 02:07 AM IST
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अरनिया। बारिश से क्षतिग्रस्त पिंकी देवी का घर
हाल ही में हुई बारिश में पांच मकान ढहे
पंचायत को 2006 में मिला था आदर्श का दर्जा
अरनिया। अरनिया ब्लॉक के आदर्श गांव आल्हा के तहत आते पांच गांव के 54 परिवार कच्चे मकानों में रह रहे हैं। आल्हा को आदर्श गांव का दर्जा मिले 20 साल होने के बाद भी लोग बुनियादी सुविधाओं को तरस रहे हैं।
दो दिन पहले हुई बारिश से गांव आल्हा के पांच मकान क्षतिग्रस्त हो गए हैं। इसमें रह रहे पारिवारिक सदस्यों की जान बाल-बाल बच गई। कच्चे मकान में रह रहे लोग पड़ोसी के घर में आसरा लेने के लिए मजबूर हैं। हाल ही में ग्रामीण विकास विभाग ने 54 घरों को प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए प्राथमिकता पर चयनित किया है।
हाल ही में हुई बारिश से पिंकी देवी, अनुराधा, राजेंद्र कुमार, हेमराज और शंकरी देवी के मकान क्षतिग्रस्त होकर गिर गए हैं। पिंकी देवी ने बताया कि बारिश के कारण छत का एक हिस्सा टूटकर नीचे गिर गया। इसमें परिजनों की जान बाल-बाल बची है। अगर छत का हिस्सा ऊपर गिरता तो मौत हो जाती। पीड़ित अनुराधा ने बताया कि बारिश से घर के दो कमरे क्षतिग्रस्त हो गए हैं। घर का सामान पड़ोसी के घर में रखा है। एक कमरे में रहने को मजबूर हैं। राजेंद्र कुमार ने बताया कि बारिश के कारण मकान एकाएक नीचे गिर गया। मकान के कमरे की खस्ताहालत को देखते हुए पहले ही खाली कर दिया था। इसी तरह हेमराज और शंकरी देवी का मकान बारिश के चलते ढह गया है। पीड़ितों के मकान क्षतिग्रस्त हुए दो दिन बीत गए हैं। मगर अब तक राजस्व विभाग ने नुकसान का जायजा नहीं लिया है।
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तहसीलदार अमनदीप सिंह को मामले से अवगत करवाया है। तहसीलदार ने पटवारी को मौका देखने के लिए कहा है। हादसे के दूसरे दिन भी पटवारी मौका देखने नहीं पहुंचा। पीड़ित लंबे समय से कच्चे मकान में रहने के लिए मजबूर हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ नहीं मिल रहा है। कई बार फार्म जमा करवा दिए गए हैं। परंतु हर बार फॉर्म रिजेक्ट हो जाते हैं।
लवली सिंह, उप सरपंच गांव आल्हा
कोट
आदर्श गांव का दर्जा प्रधानमंत्री आवास योजना लागू होने से पहले का मिला है। इसके चलते लोगों के मकान कच्चे हैं। हाल ही में हुए सर्वे में लोगों के नाम प्रधानमंत्री आवास योजना में सम्मिलित किए हैं।
बिप्लब सूदन, खंड विकास अधिकारी अरनिया
गांव में सुविधाओं की दरकार
आदर्श गांव आल्हा में बुनियादी सुविधाओं की दरकार है। पंचायत के तहत पांच गांव आते हैं जिनमें आल्हा, काकू दे कोठे, मलें दे कोठे, महाशय दे कोठें और काकू दे कोठे कैंप गांव आते हैं। गांव को आदर्श गांव का दर्जा सन 2006 से मिला है परंतु अभी तक प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत लोगों के मकान नहीं बन पाए हैं। आदर्श गांव सिर्फ कागजों तक ही सीमित है। लोग आज भी कच्चे और क्षतिग्रस्त मकानों में रहने को मजबूर हैं।
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पंचायत को 2006 में मिला था आदर्श का दर्जा
अरनिया। अरनिया ब्लॉक के आदर्श गांव आल्हा के तहत आते पांच गांव के 54 परिवार कच्चे मकानों में रह रहे हैं। आल्हा को आदर्श गांव का दर्जा मिले 20 साल होने के बाद भी लोग बुनियादी सुविधाओं को तरस रहे हैं।
दो दिन पहले हुई बारिश से गांव आल्हा के पांच मकान क्षतिग्रस्त हो गए हैं। इसमें रह रहे पारिवारिक सदस्यों की जान बाल-बाल बच गई। कच्चे मकान में रह रहे लोग पड़ोसी के घर में आसरा लेने के लिए मजबूर हैं। हाल ही में ग्रामीण विकास विभाग ने 54 घरों को प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए प्राथमिकता पर चयनित किया है।
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हाल ही में हुई बारिश से पिंकी देवी, अनुराधा, राजेंद्र कुमार, हेमराज और शंकरी देवी के मकान क्षतिग्रस्त होकर गिर गए हैं। पिंकी देवी ने बताया कि बारिश के कारण छत का एक हिस्सा टूटकर नीचे गिर गया। इसमें परिजनों की जान बाल-बाल बची है। अगर छत का हिस्सा ऊपर गिरता तो मौत हो जाती। पीड़ित अनुराधा ने बताया कि बारिश से घर के दो कमरे क्षतिग्रस्त हो गए हैं। घर का सामान पड़ोसी के घर में रखा है। एक कमरे में रहने को मजबूर हैं। राजेंद्र कुमार ने बताया कि बारिश के कारण मकान एकाएक नीचे गिर गया। मकान के कमरे की खस्ताहालत को देखते हुए पहले ही खाली कर दिया था। इसी तरह हेमराज और शंकरी देवी का मकान बारिश के चलते ढह गया है। पीड़ितों के मकान क्षतिग्रस्त हुए दो दिन बीत गए हैं। मगर अब तक राजस्व विभाग ने नुकसान का जायजा नहीं लिया है।
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तहसीलदार अमनदीप सिंह को मामले से अवगत करवाया है। तहसीलदार ने पटवारी को मौका देखने के लिए कहा है। हादसे के दूसरे दिन भी पटवारी मौका देखने नहीं पहुंचा। पीड़ित लंबे समय से कच्चे मकान में रहने के लिए मजबूर हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ नहीं मिल रहा है। कई बार फार्म जमा करवा दिए गए हैं। परंतु हर बार फॉर्म रिजेक्ट हो जाते हैं।
लवली सिंह, उप सरपंच गांव आल्हा
कोट
आदर्श गांव का दर्जा प्रधानमंत्री आवास योजना लागू होने से पहले का मिला है। इसके चलते लोगों के मकान कच्चे हैं। हाल ही में हुए सर्वे में लोगों के नाम प्रधानमंत्री आवास योजना में सम्मिलित किए हैं।
बिप्लब सूदन, खंड विकास अधिकारी अरनिया
गांव में सुविधाओं की दरकार
आदर्श गांव आल्हा में बुनियादी सुविधाओं की दरकार है। पंचायत के तहत पांच गांव आते हैं जिनमें आल्हा, काकू दे कोठे, मलें दे कोठे, महाशय दे कोठें और काकू दे कोठे कैंप गांव आते हैं। गांव को आदर्श गांव का दर्जा सन 2006 से मिला है परंतु अभी तक प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत लोगों के मकान नहीं बन पाए हैं। आदर्श गांव सिर्फ कागजों तक ही सीमित है। लोग आज भी कच्चे और क्षतिग्रस्त मकानों में रहने को मजबूर हैं।

अरनिया। बारिश से क्षतिग्रस्त पिंकी देवी का घर