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Jammu News: जूनियर स्टाफ नर्स के सहारे दिनभर चला अस्पताल
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अरनिया अस्पताल में डॉक्टर का इंतजार करते मरीज और परिजनस्रोत संवाद
अरनिया प्राइमरी हेल्थ सेंटर में डॉक्टरों की गैरहाजिरी
इलाज के लिए आने वाले कई मरीज घंटों तक इंतजार करते रहे
अरनिया। रविवार को सीमांत क्षेत्र के इकलौते प्राइमरी हेल्थ सेंटर अरनिया का संचालन जूनियर स्टाफ नर्स के सहारे होता रहा। अस्पताल में डॉक्टर की अनुपस्थिति के चलते मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
अस्पताल परिसर में इलाज के लिए आने वाले कई मरीज घंटों तक इंतजार करते रहे। किसी को दवा नहीं मिल सकी तो किसी को प्राथमिक जांच के लिए इधर-उधर भटकना पड़ा। ज्यादातर मरीजों को प्राइवेट क्लीनिक में स्वास्थ्य की जांच करवानी पड़ी। इसके चलते उन्हें ज्यादा पैसे खर्च करने पड़े।
प्राइमरी हेल्थ सेंटर अरनिया क्षेत्र की करीब 50 हजार आबादी को स्वास्थ्य सुविधा प्रदान करता है। सीमांत इलाका होने के कारण गोलीबारी के समय भी यह अस्पताल अहम भूमिका निभाता रहा है। ऐसे में नियमित मेडिकल स्टाफ की अनुपलब्धता गंभीर चिंता का विषय मानी जा रही है।
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सिर में चक्कर आने के चलते अस्पताल पहुंचे। नर्स ने बीपी चेक करने के बाद डॉक्टर को दिखाने के लिए कहा। परंतु अस्पताल में डॉक्टर मौजूद नहीं था। कई घंटे इंतजार करने के बाद भी डॉक्टर की सुविधा अस्पताल में नहीं मिली है। अस्पताल में डॉक्टर की गैरहाजिरी मरीजों की जान के साथ खिलवाड़ है।
लक्की कुमार, मरीज
सुबह 10 बजे अस्पताल पहुंचे थे। नर्स ने स्वास्थ्य की जांच कर इंजेक्शन दिया। मगर इंतजार करने के बाद डॉक्टर अस्पताल नहीं पहुंचा। इसके बाद उन्हें प्राइवेट क्लीनिक का रुख करना पड़ा है।
रानी देवी, मरीज
कोट
तीन डॉक्टर आधिकारिक छुट्टी पर चल रहे हैं। परंतु इंचार्ज जेडएमओ अरनिया को वैकल्पिक डॉक्टर रखने के लिए कह रखा है। किन कारणों से डॉक्टर ड्यूटी पर गैरहाजिर रहा है उसकी जांच की जाएगी। लापरवाही बरतने पर कार्रवाई की जाएगी।
घनश्याम सिंह, बीएमओ
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इलाज के लिए आने वाले कई मरीज घंटों तक इंतजार करते रहे
अरनिया। रविवार को सीमांत क्षेत्र के इकलौते प्राइमरी हेल्थ सेंटर अरनिया का संचालन जूनियर स्टाफ नर्स के सहारे होता रहा। अस्पताल में डॉक्टर की अनुपस्थिति के चलते मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
अस्पताल परिसर में इलाज के लिए आने वाले कई मरीज घंटों तक इंतजार करते रहे। किसी को दवा नहीं मिल सकी तो किसी को प्राथमिक जांच के लिए इधर-उधर भटकना पड़ा। ज्यादातर मरीजों को प्राइवेट क्लीनिक में स्वास्थ्य की जांच करवानी पड़ी। इसके चलते उन्हें ज्यादा पैसे खर्च करने पड़े।
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प्राइमरी हेल्थ सेंटर अरनिया क्षेत्र की करीब 50 हजार आबादी को स्वास्थ्य सुविधा प्रदान करता है। सीमांत इलाका होने के कारण गोलीबारी के समय भी यह अस्पताल अहम भूमिका निभाता रहा है। ऐसे में नियमित मेडिकल स्टाफ की अनुपलब्धता गंभीर चिंता का विषय मानी जा रही है।
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सिर में चक्कर आने के चलते अस्पताल पहुंचे। नर्स ने बीपी चेक करने के बाद डॉक्टर को दिखाने के लिए कहा। परंतु अस्पताल में डॉक्टर मौजूद नहीं था। कई घंटे इंतजार करने के बाद भी डॉक्टर की सुविधा अस्पताल में नहीं मिली है। अस्पताल में डॉक्टर की गैरहाजिरी मरीजों की जान के साथ खिलवाड़ है।
लक्की कुमार, मरीज
सुबह 10 बजे अस्पताल पहुंचे थे। नर्स ने स्वास्थ्य की जांच कर इंजेक्शन दिया। मगर इंतजार करने के बाद डॉक्टर अस्पताल नहीं पहुंचा। इसके बाद उन्हें प्राइवेट क्लीनिक का रुख करना पड़ा है।
रानी देवी, मरीज
कोट
तीन डॉक्टर आधिकारिक छुट्टी पर चल रहे हैं। परंतु इंचार्ज जेडएमओ अरनिया को वैकल्पिक डॉक्टर रखने के लिए कह रखा है। किन कारणों से डॉक्टर ड्यूटी पर गैरहाजिर रहा है उसकी जांच की जाएगी। लापरवाही बरतने पर कार्रवाई की जाएगी।
घनश्याम सिंह, बीएमओ