फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   Army will help in organizing safe Amarnath Yatra, they are getting support of people for anti-terror operations

सुरक्षित अमरनाथ यात्रा कराएगी सेना, आतंक विरोधी ऑपरेशनों में मिल रहा अवाम का सहयोग

Wed, 24 Feb 2021 10:07 AM IST
करिश्मा चिब न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू Published by: करिश्मा चिब Updated Wed, 24 Feb 2021 10:07 AM IST
विज्ञापन
Army will help in organizing safe Amarnath Yatra, they are getting support of people for anti-terror operations
अमरनाथ यात्रा - फोटो : PTI

सेना ने दावा किया है कि दक्षिणी कश्मीर के अधिकतर हिस्सों में सुरक्षा व्यवस्था में काफी सुधार हुआ है। आतंकियों की ओर से आईईडी का इस्तेमाल करने की चुनौती से निपटने की पूरी तैयारी है। साथ ही सेना गर्मी की चुनौतियों से निपटने और वार्षिक अमरनाथ यात्रा को सुरक्षित बनाने के लिए पूरी तरह तैयार है।

विज्ञापन


दक्षिण कश्मीर में तैनात सेना के एक उच्च अधिकारी ने पत्रकारों को बताया कि यहां के चारों जिलों में स्थानीय युवाओं की आतंकवाद में शामिल होने की संख्या में भारी गिरावट आई है। इन इलाकों में कई सफल ऑपरेशन अंजाम दिए जा चुके हैं, जिसमें अवाम का काफी योगदान रहा है। आतंकवाद पर लगाम लगाने के लिए ओजीडब्ल्यू नेटवर्क पर नकेल कसने की जरूरत है।
विज्ञापन


अधिकारी ने बताया कि दक्षिण कश्मीर में मौजूदा सुरक्षा स्थिति काफी स्थिर है। वर्ष 2019 की तुलना में स्थिति में बहुत ज्यादा सुधार हुआ है। प्रसिद्ध पर्यटन स्थल पहलगाम सहित घाटी में अन्य पर्यटन स्थलों में पर्यटकों की भारी आमद इसका सबूत है। कहा कि मैं यह नहीं कह रहा हूं कि स्थिति पूरी तरह से आतंकवाद मुक्त है, लेकिन इसमें बहुत सुधार हुआ है।
विज्ञापन
विज्ञापन


यह भी पढ़ें- जम्मू-कश्मीर के रिहायशी इलाकों में पहुंच रहे जंगली जानवर, आठ साल में 160 को बनाया शिकार

जैश और लश्कर मुख्य निशाने पर
उन्होंने कहा कि सेना के निशाने पर जैश और लश्कर जैसे मुख्य आतंकी संगठन हैं। हिजबुल मुजाहिदीन में केवल स्थानीय आतंकी होते हैं, जिसको पिछले कुछ वर्षों में उसे काफी नुकसान पहुंचा है। लेकिन उन्हें ऐसा लगता है कि आईएसआई हिजबुल के पुनर्गठन के लिए पूरी कोशिश करेगी। उसके लिए स्थानीय भर्ती में तेजी ला सकती है। कहा कि अंसार गजवात-उल-हिंद और आईएसजेके जैसे संगठन घाटी में विफल हो चुके हैं, क्योंकि उनकी विचारधारा पाकिस्तान समर्थक नहीं है और आईएसआई उनकी पकड़ मजबूत नहीं होने देगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed