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पाकिस्तानी गोलीबारी में शहीद जवानों को दी गई श्रद्धांजलि, पैतृक गांवों में किया जाएगा अंतिम संस्कार
Sun, 15 Nov 2020 03:13 PM IST
प्राची प्रियम
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
Published by: प्राची प्रियम
Updated Sun, 15 Nov 2020 03:13 PM IST
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शहीद जवानों को दी गई श्रद्धांजलि
- फोटो : अमर उजाला
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उत्तरी कश्मीर में बीते 13 नवंबर को सीमापार से हुई गोलीबारी में शहीद चारों जवानों को रविवार सुबह सेना ने श्रद्धांजलि दी। मालूम हो कि शुक्रवार को उत्तरी कश्मीर के कई इलाकों में पाकिस्तान ने संघर्ष विराम का उल्लंघन करते हुए गोलीबारी की थी।
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इसमें हवलदार हरधन चंद्र रॉय, नायक सताई भूषण रमेशराव, गनर सुबोध घोष और सिपॉय जेआर रामचंद्र गोलीबारी में बुरी तरह घायल हो गए थे, जिसके बाद उन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया। लेकिन गंभीर चोटों के कारण चारों शहीद हो गए।
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शहीद हवलदार हरधन चंद्र रॉय (38) असम के धुबरी जिले के फुटकीबारी तहसील के रहने वाले थे। उन्होंने 2001 में सेना में ज्वाइनिंग की थी। परिवार में उनकी पत्नी और एक बेटा हैं।
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शहीद नायक सताई भूषण रमेशराव महाराष्ट्र के नागपुर जिले के कोतल गांव के रहने वाले थे। 28 वर्षीय रमेशराव ने साल 2011 में आर्मी ज्वाइन की थी। वो अविवाहित थे और परिवार में उनके माता-पिता हैं।
शहीद गनर सुबोध घोष साल 2017 में सेना में भर्ती हुए थे। महज 22 वर्ष के सुबोध पश्चिम बंगाल के नडिया जिले के तेहट्टा तहसील के रहने वाले थे। उनके परिवार में पत्नी और माता-पिता हैं।
शहीद सीपॉय जेआर रामचंद्र महाराष्ट्र के कोलहापुर जिले के रहने वाले थे। उनकी उम्र केवल 20 साल थी और उन्होंने पिछले साल ही सेना में ज्वाइनिंग की थी। परिवार में उनके माता-पिता हैं। सेना द्वारा शहीद वीरों को श्रद्धांजलि देने के बाद पार्थिव शरीरों को अंतिम संस्कार के लिए उनके पैतृक गांव भेज दिया गया है।