लश्कर ने कर्नल की मौत को बताया कासिम की मौत का बदला
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आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) ने बुधवार को कहा कि कुपवाड़ा जिले में मुठभेड़ में कर्नल संतोष महादिक की मौत लश्कर चीफ अबू कासिम की हत्या का बदला लेने की दिशा में एक कदम था।
स्थानीय न्यूज एजेंसी को भेज एक बयान में लश्कर प्रवक्ता अब्दुल्ला गजनवी ने कहा कि मंगलवार को कर्नल संतोष महादिक की मौत और जम्मू कश्मीर पुलिस के सब इंस्पेक्टर अल्ताफ डार के मारे जाने के बाद सुरक्षा बलों के लिए एक और बड़ा झटका है।
इसके अलावा अपने बयान में लश्कर ने अबू कासिम की मौत के बाद लश्कर के नए चीफ अबू मूसा द्वारा अच्छी तरह से जिम्मेदारी संभालने पर भी बधाई दी है।
कुपवाड़ा में आतंकियों के खिलाफ आपरेशन जारी
उत्तरी कश्मीर के कुपवाड़ा जिले के ननिगाह-हायगाम बेल्ट में एलओसी के करीब आतंकियों के खिलाफ छेड़े आपरेशन में कर्नल संतोष के शहीद होने के बाद सेना ने आतंकियों के खिलाफ चलाए आपरेशन को तेज कर दिया है।
आपरेशन को लंबा खिचता देख सेना ने अब आपरेशन में अतिरिक्त जवानों की टुकड़ी, हेलीकाप्टर और खोजी कुत्ते लगाए हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार मंगलवार को हुई मुठभेड़ के बाद आतंकी एक बार फिर जंगल में झाड़ियों और पेड़ों का फायदा उठाते हुए वहां से फरार होने में कामयाब रहे।
लश्कर के आतंकियों का यह ग्रुप पिछले करीब एक हफ्ते से सुरक्षा बलों को करीब तीन बार चकमा दे चुका है। जिसके चलते 9 पैरा के कमांडो और एसओजी की टीमों को आपरेशन के लिए बुलाया गया है।
आतंकियों की तलाश के लिए खोजी कुत्ते और हेलीकाप्टर
ये अतिरिक्त टुकड़ियां आपरेशन को अंजाम दे रहे 41 राष्ट्रीय रायफल (आरआर) और 4 पैरा के कमांडो के साथ मिलकर आतंकियों की तलाश करेंगी। इसके अलावा आतंकियों की तलाश के लिए खोजी कुत्ते और हेलीकाप्टर की भी मदद ली जा रही है।
गौरतलब है कि सोमवार को बेहक जंगल क्षेत्र में सेना की 41 आरआर और 4 पैरा ने लश्कर के आतंकियों को इंटरसेप्ट किया था। जिसके बाद सेना ने इलाके में सर्च अभियान चलाया।
जिसमें मंगलवार को 41 आरआर के कमांडिंग आफिसर कर्नल संतोष महादिक शहीद हो गए थे, जबकि दो जवान घायल हुए थे।