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सेबों का तुड़ान जोरों पर, सितंबर के पहले सप्ताह मार्केट में पहुंचेगा
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जम्मू। कश्मीर घाटी में सेब तैयार हो चुका है। वहीं, स्थानीय प्रजातियों के सेबों का तुड़ान जोरों पर चल रहा है। सितंबर के पहले सप्ताह से बाजारों में सेब उपलब्ध होगा। रेड डिलिशियस और राइड डिलिशियस प्रजातियों के सेब का तुड़ान सितंबर के पहले सप्ताह से शुरू होगा। कृषि विभाग के अनुसार इस बार पैदावार तीस हजार मीट्रिक टन के करीब रही है। प्रदेश में सात प्रतिशत सेब विदेशी प्रजातियों का उगता है।
पैदावार अच्छी होने के कारण बागवानों की आय में इजाफा होगा। ई मंडियों के माध्यम से भी सेब की बुकिंग का काम शुरू हो गया है। बागवानों के खातों में सीधे राशि जमा हो रही है। कश्मीर से सेब नरवाल मंडी और यहां से प्रदेश समेत देश के अन्य जगहों में भेजा जाएगा। मौजूदा समय में स्थानीय प्रजाति हजरत बली, तुरसी, गलामस्त, कंडीसन, रजातवाड़ी, बेलगेम, बलगेलियन और अमरी गोल्डन का तुड़ान जोरों पर चल रहा है।
कोट
कश्मीर घाटी में सेब तैयार हो चुका है। तूड़ान का काम जोरों पर चल रहा है। सितंबर माह से बाजारों में सेब उपलब्ध होगा। इसे पहले भी जुलाई माह में सेब का तूड़ान हुआ है। रायल और राइड डिलिशियस का तूड़ान सितंबर के पहले सप्ताह में होगा।
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- चौधरी मोहम्मद इकवाल, निदेशक, कृषि विभाग कश्मीर
सेबों की विदेशी प्रजातियों के पौधे मिलेंगे सब्सिडी पर
कश्मीर घाटी में उगने वाले पुराने सेब के पौधों की जगह अब विदेशी प्रजातियों के पौधे उपलब्ध करवाए जाएंगे। कृृषि विभाग के माध्यम से पौधे लिए जा सकते हैं। इन पर सब्सिडी मिलेगी। नवंबर माह से पौधों को रोपा जा सकेगा।
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पैदावार अच्छी होने के कारण बागवानों की आय में इजाफा होगा। ई मंडियों के माध्यम से भी सेब की बुकिंग का काम शुरू हो गया है। बागवानों के खातों में सीधे राशि जमा हो रही है। कश्मीर से सेब नरवाल मंडी और यहां से प्रदेश समेत देश के अन्य जगहों में भेजा जाएगा। मौजूदा समय में स्थानीय प्रजाति हजरत बली, तुरसी, गलामस्त, कंडीसन, रजातवाड़ी, बेलगेम, बलगेलियन और अमरी गोल्डन का तुड़ान जोरों पर चल रहा है।
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कश्मीर घाटी में सेब तैयार हो चुका है। तूड़ान का काम जोरों पर चल रहा है। सितंबर माह से बाजारों में सेब उपलब्ध होगा। इसे पहले भी जुलाई माह में सेब का तूड़ान हुआ है। रायल और राइड डिलिशियस का तूड़ान सितंबर के पहले सप्ताह में होगा।
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- चौधरी मोहम्मद इकवाल, निदेशक, कृषि विभाग कश्मीर
सेबों की विदेशी प्रजातियों के पौधे मिलेंगे सब्सिडी पर
कश्मीर घाटी में उगने वाले पुराने सेब के पौधों की जगह अब विदेशी प्रजातियों के पौधे उपलब्ध करवाए जाएंगे। कृृषि विभाग के माध्यम से पौधे लिए जा सकते हैं। इन पर सब्सिडी मिलेगी। नवंबर माह से पौधों को रोपा जा सकेगा।