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अपराजिताः बेटियों ने चित्रकारी के जरिए दिया महिला सशक्तिकरण का संदेश

Fri, 13 Dec 2019 05:07 PM IST
प्रशांत कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू Published by: प्रशांत कुमार Updated Fri, 13 Dec 2019 05:07 PM IST
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Aparajita 100 Million Smiles students gave message of women empowerment through painting
चित्रकला प्रतियोगिता - फोटो : अमर उजाला

अपराजिता-100 मिलियन स्माइल्स मुहिम के तहत गवर्नमेंट हायर सेकें डरी स्कूल रेहाल में चित्रकला प्रतियोगिता आयोजित की गई। इसमें छात्राओं ने महिला सशक्तिकरण से जुड़े मामलों पर चर्चा की। छात्राओं का कहना था कि न ही वह गलत करेंगी और न ही अपने आसपास किसी के साथ गलत होने देंगी।

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चित्रकला प्रतियोगिता में 12वीं कक्षा की कुमारी करुणा ने पहला स्थान, 11वीं की मुस्कान सैनी और 12वीं की नेहा देवी ने दूसरा स्थान और 12वीं की शिवानी शर्मा और रिया शर्मा ने तीसरा स्थान हासिल किया।
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इस दौरान छात्राओं ने कहा कि इस तरह के कार्यक्रम हम लड़कियों में उत्साह भरने का काम करते हैं। ऐसी प्रतियोगिता समय-समय पर कराई जानी चाहिए। छात्राओं ने चित्रकला के माध्यम से लड़कियों से जुड़े कई अहम मुद्दों जैसे दहेज प्रथा, बेटी-बचाओ बेटी पढ़ाओ, महिलाओं के प्रति होने वाले शोषण आदि विषयों के बारे में दर्शाया।

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एक शिक्षित महिला कई परिवारों को शिक्षा से जोड़ने का काम करती है। ऐसे कार्यक्रमों के जरिए महिलाओं को उनक ी शक्ति का अहसास दिलाया जा सकता है। महिलाएं चूल्हे-चौके से उठकर अंतरिक्ष तक का सफर तय कर रहीं हैं। वह हर क्षेत्र में पुरुषों से आगे हैं।

-सुरेष्टा डोगरा, प्रिंसिपल

हर क्षेत्र में परचम लहरा रही हैं लड़कियां

महिलाओं को आगे बढ़कर अपने लिए खड़ा होना पड़ेगा। तभी वे अपने और अन्य महिलाओं के हक के लिए लड़ पाएंगी। महिलाओं को खुद को किसी से कम नहीं समझना चाहिए।
- शम्मी चिब, शिक्षिका

समाज में लड़कियों के प्रति नजरिया बदला जा सकता है। लोग लड़कियों को कमजोर समझते हैं पर यह नहीं जानते कि जिम्मेदारी का बोझ पड़ने पर बेटियां लड़कों को भी मात दे सकती हैं। हर क्षेत्र में लड़कियां परचम लहरा रही हैं।
- पूनम भगत, शिक्षिका

इस तरह के कार्यक्रम समाज को बदलने का काम करते हैं। आज के समय में नारी अबला नहीं है। वे सबसे आगे है। जो मां-बाप अपनी बेटियों को बोझ समझते हैं, उन्हें अपनी सोच बदलनी चाहिए। हमें जागरूक होना होगा।
- मुस्कान, छात्रा

अमर उजाला की इस पहल से हजारों लड़कियों को उनकी शक्ति का अहसास हो रहा है। भगवान ने महिलाओं को पहला स्थान दिया है। जैसे सीता-राम, राधा-कृष्ण, गौरी-शंकर आदि। समाज में भी महिलाओं को पहला स्थान मिलना चाहिए।
- लक्ष्मी, छात्रा


 

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